बंगाल में सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी कांग्रेस — प्रमोद तिवारी का बड़ा दावा
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और अखिलेश प्रसाद सिंह ने 25 अप्रैल को कोलकाता में दावा किया कि बंगाल में सरकार बनाने में कांग्रेस निर्णायक होगी।
- कांग्रेस ने २० वर्षों बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में बिना गठबंधन के अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
- TMC पर गिरोहबाजी व भ्रष्टाचार और BJP पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप लगाया गया।
- राहुल गांधी बंगाल में सेरामपुर, शहीद मीनार (कोलकाता) और मेतियाबुरुज में तीन रैलियां करेंगे।
- शेष १४२ विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण का मतदान २९ अप्रैल को होगा।
- सभी चरणों के मतगणना के बाद ४ मई को चुनाव परिणाम घोषित होंगे।
कोलकाता, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस ने बड़ा दावा किया है। पार्टी के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और अखिलेश प्रसाद सिंह ने शनिवार, 25 अप्रैल को कोलकाता में कहा कि चुनाव परिणामों के बाद पश्चिम बंगाल में सरकार गठन में कांग्रेस की भूमिका निर्णायक होगी। दोनों नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार कांग्रेस किसी भी दल से गठबंधन किए बिना अकेले मैदान में उतरी है।
२० साल बाद अकेले मैदान में कांग्रेस
कांग्रेस ने करीब २० वर्षों के अंतराल के बाद पश्चिम बंगाल में बिना किसी राजनीतिक गठजोड़ के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह रणनीतिक बदलाव इस बात का संकेत है कि पार्टी राज्य में अपनी स्वतंत्र पहचान और जनाधार फिर से स्थापित करना चाहती है।
प्रमोद तिवारी और अखिलेश प्रसाद सिंह ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों पर एक साथ निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भले ही इन दोनों बड़े दलों पर मीडिया और जनता का ध्यान केंद्रित है, लेकिन कांग्रेस तीसरी राजनीतिक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रही है।
TMC और BJP पर कांग्रेस का दोहरा हमला
प्रमोद तिवारी ने बंगाल के ऐतिहासिक सांस्कृतिक और राजनीतिक आंदोलनों का संदर्भ देते हुए कहा कि राज्य की गौरवशाली परंपरा के साथ यह विभाजनकारी राजनीति मेल नहीं खाती। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि दिल्ली जैसे केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण वाले क्षेत्रों में भी नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रही।
तिवारी ने आरोप लगाया, "तृणमूल कांग्रेस बंगाल में गिरोहबाजी, भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दे रही है। TMC और BJP — दोनों ही विभाजनकारी राजनीति के रास्ते पर हैं।"
अखिलेश प्रसाद सिंह ने और भी सीधे शब्दों में कहा, "कांग्रेस की भागीदारी के बिना पश्चिम बंगाल में कोई भी सरकार नहीं बन सकती।" उन्होंने राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे बुनियादी क्षेत्रों की बदहाली को उजागर किया और कहा कि इन मोर्चों पर बंगाल की स्थिति गंभीर रूप से खराब हो चुकी है।
राहुल गांधी की तीन रैलियां — बंगाल में चुनावी ताकत दिखाएगी कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं के इन दावों का समय भी महत्वपूर्ण है। ये बयान राहुल गांधी के पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार दौरे से ठीक पहले आए हैं। राहुल गांधी एक ही दिन में तीन बड़ी जनसभाएं संबोधित करेंगे।
पहली सभा हुगली जिले के सेरामपुर में होगी, जिसमें राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार और जिले के सभी पार्टी उम्मीदवार उपस्थित रहेंगे। इसके बाद राहुल गांधी हेलीकॉप्टर से कोलकाता के ऐतिहासिक शहीद मीनार पर आयोजित सभा में पहुंचेंगे। अंतिम जनसभा कोलकाता पोर्ट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेतियाबुरुज इलाके में होगी।
चुनाव कार्यक्रम और परिणाम की तारीख
पश्चिम बंगाल में शेष १४२ विधानसभा सीटों के लिए मतदान के दूसरे चरण का आयोजन २९ अप्रैल को होगा। सभी चरणों की मतगणना के बाद ४ मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में TMC की सत्ता को चुनौती देने के लिए BJP पिछले कई वर्षों से जोर लगा रही है, लेकिन २०२१ के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। उस चुनाव में कांग्रेस और वामदलों का गठबंधन बुरी तरह विफल रहा था। इस बार अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति कांग्रेस के लिए कितनी कारगर साबित होती है, यह ४ मई को स्पष्ट हो जाएगा।