कर्नाटक सीएम विवाद पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर का जवाब: 'अटकलों का कोई आधार नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने बुधवार, 27 मई को कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर उठ रही अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है और इस पर अनावश्यक बहस की कोई जरूरत नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्नाटक के वरिष्ठ नेताओं की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात पूरी तरह राज्यसभा व एमएलसी मामलों से जुड़ी थी।
मुख्य घटनाक्रम
माथेर ने कहा, 'कर्नाटक के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पीसीसी अध्यक्ष और अन्य नेताओं ने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात की। यह एक सामान्य और स्वाभाविक प्रक्रिया है।' उन्होंने यह भी बताया कि एआईसीसी महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने बैठक के बाद साफ कर दिया था कि चर्चा राज्यसभा और एमएलसी मामलों तक सीमित थी। माथेर के अनुसार, 'किसी भी तरह की अटकलों का कोई आधार नहीं है।'
जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर को लेकर चीन और पाकिस्तान की हालिया टिप्पणियों पर माथेर ने कहा कि भारत को हर मुद्दे पर अपना अंतरराष्ट्रीय रुख बेहद मजबूती से रखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर हम कोई ठोस रुख नहीं अपनाते, तो दूसरे देश इसका फायदा उठाएंगे।' माथेर ने यह भी जोड़ा कि उनके अनुसार भारत फिलहाल अमेरिका के सामने अपेक्षित दृढ़ता नहीं दिखा रहा, जबकि अतीत में भारत ने राष्ट्रीय हितों पर हमेशा मजबूत स्थिति बनाए रखी है।
सीएए-एनआरसी पर सरकार पर आरोप
माथेर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वे लोगों के मन में देश में रहने के अधिकार को लेकर भय का माहौल बना रही हैं। उन्होंने कहा, 'लगातार जांच-पड़ताल और निगरानी से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।' उनके अनुसार नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) जैसी प्रक्रियाएं नागरिकों की जिंदगी पर अनावश्यक नजर रख रही हैं, जबकि नागरिकता तय करने की व्यवस्थाएं पहले से मौजूद हैं।
नेहरू की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यादव ने कहा, 'नेहरू न केवल एक स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माता थे जिन्होंने संस्थागत लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी।' गौरतलब है कि यह पुण्यतिथि ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस कई राज्यों में आंतरिक संगठनात्मक बदलावों के दौर से गुजर रही है।
आगे क्या
कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर अटकलें फिलहाल थमती नहीं दिख रहीं, हालांकि पार्टी नेतृत्व ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है। माथेर के बयान को पार्टी की आधिकारिक लाइन का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले हफ्तों में कर्नाटक में राज्यसभा और एमएलसी नियुक्तियों की प्रक्रिया पर सभी की नजरें रहेंगी।