कांग्रेस नेताओं ने नवरोज पर पारसी समुदाय को दी शुभकामनाएं, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना
सारांश
Key Takeaways
- नवरोज पारसी नववर्ष का पर्व है।
- कांग्रेस नेताओं ने पारसी समुदाय को शुभकामनाएं दीं।
- यह पर्व नवीनीकरण और नई शुरुआत का प्रतीक है।
- लोग इसे पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाते हैं।
- नवरोज सभी के लिए खुशियों और नए अवसर का प्रतीक है।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इस वर्ष भारत में निवास करने वाले पारसी शुक्रवार को नवरोज का पर्व मना रहे हैं। इस खास मौके पर कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं, जिनमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं, ने पारसी समुदाय को शुभकामनाएं दीं और उनके लिए खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और समाज में एकता की कामना की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए पारसी समुदाय के लोगों को नवरोज की बधाई दी। उन्होंने लिखा, "नवरोज मुबारक! यह पर्व सभी के लिए आशा, खुशहाली और समृद्धि लेकर आए।"
इसी प्रकार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अपने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट कर लिखा, "पारसी नववर्ष के आगमन का प्रतीक नवरोज के इस शुभ अवसर पर आपको हार्दिक शुभकामनाएं। नवरोज नवीनीकरण, आशा और नई शुरुआत का प्रतीक है, और इसे शांति व समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यह विशेष अवसर सभी के लिए खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और सौहार्द लेकर आए और हमारे समाज में एकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करे।"
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पारसी समुदाय को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं और लिखा, "पारसी नववर्ष 'नवरोज' की हार्दिक शुभकामनाएं।"
यह उल्लेखनीय है कि नवरोज पारसी समुदाय के लिए एक विशेष दिन माना जाता है। यह दिन उनके लिए नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक होता है और वसंत ऋतु के पहले दिन को दर्शाता है। साथ ही, नवरोज सर्दियों के समाप्त होने और मौसम के परिवर्तन का भी संकेत देता है। इस दिन को विशेष तरीके से मनाया जाता है।
नवरोज का यह पर्व केवल पारसी समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी के लिए खुशियों, आशा और नए अवसर का प्रतीक है। लोग अपने घरों और मंदिरों में पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं। परिवार और मित्र एक-दूसरे को बधाई देकर नए साल की शुभकामनाएं साझा करते हैं।