कांग्रेस का मेघालय में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: 2 कार्यकारी अध्यक्ष, 4 नई कमेटियाँ गठित
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 16 अगस्त 2026 को अपनी मेघालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) में व्यापक संगठनात्मक फेरबदल की घोषणा की, जिसके तहत 2 कार्यकारी अध्यक्ष, 1 वरिष्ठ उपाध्यक्ष, 3 उपाध्यक्ष, 3 महासचिव और 4 प्रमुख कमेटियाँ तत्काल प्रभाव से गठित की गई हैं। यह कदम पार्टी के 'संगठन सृजन अभियान' के तहत उठाया गया है और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इन नियुक्तियों को अपनी मंजूरी दी है।
मुख्य नियुक्तियाँ
पार्टी के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, डेबोरा सी. मारक और ख्रांगलिन लिंगखोई टीबीएन को एमपीसीसी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सालेन्ग ए. संगमा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है।
बोनिफेस बामोन, बोल्डनेस एल. नोंगुम और ओमार्लिन किंडियाह उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त हुए हैं, जबकि वानसुक सिएम, संजय दास और ब्रिगेडी एन. मारक महासचिव के रूप में कार्य करेंगे।
जिला-स्तरीय पुनर्गठन
एमपीसीसी के साथ-साथ जिला कांग्रेस कमेटियों में भी बदलाव किए गए हैं। लवानपिनशंगैन वार को ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। सीबी. सिएम री भोई जिला कांग्रेस कमेटी का नेतृत्व करेंगे और प्रिंसको एम. मारक को साउथ वेस्ट गारो हिल्स जिला कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी गई है।
चार प्रमुख कमेटियों का गठन
पार्टी ने एमपीसीसी की चार अहम कमेटियाँ भी गठित की हैं — पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी, प्रदेश चुनाव कमेटी, अनुशासनात्मक कार्रवाई कमेटी और घोषणापत्र कमेटी।
तमिलनाडु कांग्रेस के पूर्व नेता ए. चेल्लाकुमार पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन होंगे। इस कमेटी में विंसेंट एच. पाला, डेबोरा सी. मारक, सालेन्ग ए. संगमा, जारिता लैतफलांग और मैथ्यू एंथनी सहित अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं। विंसेंट एच. पाला प्रदेश चुनाव कमेटी की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें महिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस के प्रतिनिधि भी होंगे।
अनुशासनात्मक कार्रवाई कमेटी का नेतृत्व ख्रांगलिन लिंगखोई टीबीएन करेंगे और वानसुक सिएम इसके संयोजक होंगे। घोषणापत्र कमेटी की अध्यक्षता सालेन्ग ए. संगमा करेंगे और संजय दास संयोजक की भूमिका निभाएंगे।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह फेरबदल ऐसे समय में किया गया है जब कांग्रेस मेघालय में अपनी राजनीतिक उपस्थिति को पुनर्जीवित करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि राज्य में पार्टी पिछले कुछ वर्षों में सत्ता से बाहर रही है और क्षेत्रीय दलों के सामने उसे संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। 'संगठन सृजन अभियान' के तहत वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल बेहतर करने और आने वाली चुनावी चुनौतियों के लिए जमीनी ढाँचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले महीनों में इन नई कमेटियों की कार्यप्रणाली ही तय करेगी कि यह पुनर्गठन कागज़ी कवायद है या वास्तविक राजनीतिक बदलाव।