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डीएमके एग्जीक्यूटिव कमेटी बैठक: जिला इकाइयाँ 78 से बढ़कर 110 होंगी, युवा नेतृत्व पर जोर

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डीएमके एग्जीक्यूटिव कमेटी बैठक: जिला इकाइयाँ 78 से बढ़कर 110 होंगी, युवा नेतृत्व पर जोर

सारांश

2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद DMK ने आत्ममंथन का रास्ता चुना है। जिला इकाइयाँ 78 से 110 करने, 70 वर्ष से अधिक आयु के नेताओं को ऊपर भेजने और युवा विंग को जमीनी कमान सौंपने के प्रस्ताव — यह सब मिलकर स्टालिन की पार्टी के लिए एक बड़े संगठनात्मक पुनर्जन्म की कोशिश है।

मुख्य बातें

DMK एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक 22 अगस्त 2026 को चेन्नई में आयोजित हुई।
प्रस्ताव के अनुसार जिला इकाइयाँ 78 से बढ़कर लगभग 110 हो सकती हैं; प्रत्येक सचिव को 2-3 विधानसभा क्षेत्र मिलेंगे।
पार्टी अध्यक्ष एम.के.
स्टालिन को वरिष्ठ नेताओं और रणनीति फर्म PENAL की अलग-अलग समीक्षा रिपोर्टें सौंपी जा चुकी हैं।
पुनर्गठन समिति ने 70 वर्ष से अधिक आयु के जिला सचिवों को राज्य या जोन स्तर पर भेजने की सिफारिश की है।
युवा विंग के पदाधिकारियों को जिला सचिव नियुक्त करने पर विचार हो रहा है।
मंजूरी मिली तो यह हाल के वर्षों में DMK का सबसे बड़ा संगठनात्मक बदलाव होगा।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की अहम बैठक 22 अगस्त 2026 को चेन्नई में हुई, जिसमें 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद संगठन में व्यापक फेरबदल पर विचार-विमर्श किया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में प्रस्तावित बदलावों के तहत DMK की जिला इकाइयों की संख्या मौजूदा 78 से बढ़ाकर लगभग 110 किए जाने की संभावना है।

मुख्य प्रस्ताव और संगठनात्मक ढाँचा

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था में प्रत्येक जिला सचिव को दो या तीन विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। नेतृत्व का मानना है कि छोटी और अधिक केंद्रित जिला इकाइयाँ बनाने से निगरानी अधिक प्रभावी होगी, पार्टी विधानसभा क्षेत्र स्तर पर मजबूत होगी और पदाधिकारियों व पार्टी मुख्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। यह बैठक संगठनात्मक चुनावों और प्रशासनिक ढाँचे में बदलाव की बढ़ती माँगों के बीच आयोजित हुई।

समीक्षा रिपोर्ट और आंतरिक आकलन

पुनर्गठन की प्रक्रिया पिछली DMK सरकार के कार्यकाल और विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मंत्रियों तथा जिला सचिवों के कामकाज की व्यापक समीक्षा के बाद आरंभ हुई। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और DMK की राजनीतिक रणनीति फर्म PENAL द्वारा अलग-अलग तैयार की गई रिपोर्टें पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन को सौंपी जा चुकी हैं। इन रिपोर्टों में मौजूदा पदाधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन किया गया है और कई जिलों में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की नाराजगी का भी उल्लेख है।

वरिष्ठ बनाम युवा नेतृत्व की बहस

पार्टी की पुनर्गठन समिति ने कथित तौर पर 70 वर्ष से अधिक आयु के जिला सचिवों को राज्य या जोन स्तर की जिम्मेदारियाँ सौंपने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ उठाते हुए युवा पीढ़ी के पदाधिकारियों के लिए अवसर सृजित करना है। एक अन्य प्रस्ताव पर भी विचार हो रहा है, जिसके तहत युवा विंग के पदाधिकारियों को जिला सचिव नियुक्त किया जा सकता है। पार्टी नेताओं का मानना है कि संगठन के अहम पदों पर युवा चेहरे लाने से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आएगा और नए मतदाताओं के बीच DMK की पहुँच बेहतर होगी।

आंतरिक चुनाव का प्रस्ताव

डिप्टी जनरल सेक्रेटरी पद पर मौजूद एक वरिष्ठ नेता ने संगठन में ब्रांच स्तर से लेकर पार्टी मुख्यालय तक व्यापक आंतरिक चुनाव कराने का सुझाव दिया है। डेटा और आंतरिक फीडबैक के आधार पर कई जिला इकाइयों में बदलाव की सिफारिश की गई है। माना जा रहा है कि नए जिला सचिवों के नाम तय करने में हुई देरी का एक प्रमुख कारण यही व्यापक समीक्षा प्रक्रिया है।

आगे क्या होगा

उम्मीद है कि एग्जीक्यूटिव कमेटी पुनर्गठन को अंतिम रूप देने का अधिकार नेतृत्व को सौंपने से पहले इन सभी प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब DMK को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद संगठनात्मक पुनरुद्धार की तत्काल जरूरत महसूस हो रही है। गौरतलब है कि अगर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो यह हाल के वर्षों में DMK का सबसे बड़ा संगठनात्मक फेरबदल होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या संरचनात्मक विस्तार बिना नेतृत्व की जवाबदेही तय किए काम करेगा। जिला इकाइयाँ बढ़ाना और युवा चेहरे लाना तब तक पर्याप्त नहीं, जब तक PENAL और वरिष्ठ नेताओं की रिपोर्टों में उजागर जमीनी नाराजगी के मूल कारणों का समाधान न हो। यह भी ध्यान देने योग्य है कि संगठनात्मक चुनावों की माँग लंबे समय से लंबित है — बैठक में इस पर निर्णय DMK की आंतरिक लोकतांत्रिक साख की असली कसौटी होगा।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DMK एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में क्या फैसले होने की उम्मीद है?
22 अगस्त 2026 को चेन्नई में हुई इस बैठक में 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद संगठन में व्यापक बदलाव पर विचार हुआ। प्रमुख प्रस्तावों में जिला इकाइयाँ 78 से 110 करना और युवा नेताओं को जिला सचिव बनाना शामिल है।
DMK की जिला इकाइयाँ क्यों बढ़ाई जा रही हैं?
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि छोटी और अधिक केंद्रित जिला इकाइयाँ बनाने से विधानसभा क्षेत्र स्तर पर निगरानी बेहतर होगी और पदाधिकारियों व मुख्यालय के बीच समन्वय मजबूत होगा। चुनाव में हार के बाद आंतरिक समीक्षा में जमीनी स्तर पर कमजोरियाँ सामने आई थीं।
PENAL फर्म की रिपोर्ट में क्या था?
DMK की राजनीतिक रणनीति फर्म PENAL ने पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन को एक समीक्षा रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें मौजूदा पदाधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन और कई जिलों में जमीनी कार्यकर्ताओं की नाराजगी का उल्लेख है। इस रिपोर्ट के आधार पर कई जिला इकाइयों में बदलाव की सिफारिश की गई है।
70 वर्ष से अधिक आयु के DMK नेताओं का क्या होगा?
पुनर्गठन समिति ने सिफारिश की है कि 70 वर्ष से अधिक आयु के जिला सचिवों को राज्य या जोन स्तर की जिम्मेदारियाँ सौंपी जाएँ। इसका उद्देश्य उनके अनुभव का लाभ उठाते हुए युवा पीढ़ी के लिए जिला स्तर पर जगह बनाना है।
क्या DMK में आंतरिक संगठनात्मक चुनाव होंगे?
डिप्टी जनरल सेक्रेटरी पद पर मौजूद एक वरिष्ठ नेता ने ब्रांच स्तर से पार्टी मुख्यालय तक व्यापक आंतरिक चुनाव कराने का प्रस्ताव दिया है। एग्जीक्यूटिव कमेटी से अपेक्षा है कि वह पुनर्गठन को अंतिम रूप देने का अधिकार नेतृत्व को सौंपने से पहले इस प्रस्ताव पर विचार करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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