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डीएमके का संगठनात्मक पुनर्गठन: जिला सचिव पदों पर युवा और महिला नेताओं को मिलेगी जगह

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डीएमके का संगठनात्मक पुनर्गठन: जिला सचिव पदों पर युवा और महिला नेताओं को मिलेगी जगह

सारांश

तमिलनाडु में सत्ता गंवाने के बाद DMK संगठनात्मक पुनर्गठन की राह पर है — जिला सचिव जैसे प्रभावशाली पदों पर युवाओं और महिलाओं को जगह देकर TVK और जोसेफ विजय की युवा-केंद्रित राजनीति को चुनौती देने की तैयारी है। जिलों की संख्या 78 से 100 करने का प्रस्ताव भी इसी रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

DMK तमिलनाडु में सत्ता गंवाने के बाद संगठनात्मक पुनर्गठन की योजना बना रही है, जिसमें जिला सचिव पदों पर युवा और महिला नेताओं को शामिल किया जाएगा।
पार्टी के 78 जिला सचिवों में से केवल एक महिला हैं — पूर्व मंत्री पी.
गीता जीवन ( थूथुकुडी जिला इकाई प्रमुख)।
प्रस्तावित बदलाव को मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय और TVK की युवा-केंद्रित राजनीति का मुकाबला करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
संगठनात्मक जिलों की संख्या 78 से बढ़ाकर लगभग 100 करने पर विचार किया जा रहा है।
DMK छात्र विंग सचिव जे.
वीरमणि ने प्रस्ताव का स्वागत किया; चेन्नई के 6 जिला सचिव पदों पर बदलाव सबसे पहले दिखने की संभावना।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) अपने संगठनात्मक ढाँचे में व्यापक बदलाव की तैयारी में है। पार्टी के प्रभावशाली जिला सचिव पदों सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर युवा नेताओं और महिला पदाधिकारियों को शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। यह कदम चेन्नई और उसके आसपास के जिलों में विशेष रूप से प्रभावी होने की संभावना है, जहाँ हाल के चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन नेतृत्व की अपेक्षाओं से कम रहा।

पुनर्गठन की पृष्ठभूमि

प्रस्तावित बदलाव को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पार्टी तमिझगा वेत्री कषगम (TVK) से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। विजय की चुनावी सफलता का श्रेय व्यापक रूप से युवा मतदाताओं के प्रबल समर्थन को दिया जाता है। DMK नेताओं का मानना है कि संगठनात्मक ढाँचे में युवा चेहरों को जगह देने से पार्टी इस अहम मतदाता वर्ग से फिर से जुड़ाव स्थापित कर सकती है।

महिला प्रतिनिधित्व की वर्तमान स्थिति

DMK में फिलहाल 78 संगठनात्मक जिला सचिव हैं, जिनमें से केवल एक महिला हैं — पूर्व मंत्री पी. गीता जीवन, जो पार्टी की थूथुकुडी जिला इकाई की प्रमुख हैं। गीता जीवन दिवंगत DMK नेता एन. पेरियासामी की पुत्री हैं, जिन्हें दक्षिणी तमिलनाडु में पार्टी का एक प्रमुख स्तंभ माना जाता था। उनके अतिरिक्त किसी भी महिला को जिला सचिव पद पर नियुक्त नहीं किया गया है, जिसके चलते पार्टी के भीतर समावेशी प्रतिनिधित्व की माँग लगातार उठती रही है।

जिला सचिव पद का महत्व

DMK संरचना में जिला सचिव का पद अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। यह पदाधिकारी चुनावी गतिविधियों के समन्वय, कार्यकर्ताओं को संगठित करने और जमीनी स्तर तथा राज्य नेतृत्व के बीच संपर्क बनाए रखने में केंद्रीय भूमिका निभाता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार नेतृत्व इस बात को लेकर विशेष रूप से चिंतित है कि इस पद पर अधिकांश अनुभवी और वरिष्ठ नेता काबिज हैं, जबकि युवा चेहरों की उपस्थिति नगण्य है।

चेन्नई में बदलाव की संभावना

चेन्नई में वर्तमान में छह संगठनात्मक जिला सचिव हैं, जिनमें से अधिकतर स्थापित नेता हैं। नेतृत्व इन क्षेत्रों में पार्टी के युवा विंग, महिला विंग और छात्र संगठन के पदाधिकारियों को मध्य-स्तरीय पदों पर पदोन्नत करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। DMK छात्र विंग के सचिव जे. वीरमणि ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं और युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिलने से पार्टी और महिला सशक्तीकरण दोनों के उद्देश्य मज़बूत होंगे।

संगठनात्मक जिलों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव

पार्टी संगठनात्मक जिलों की संख्या 78 से बढ़ाकर लगभग 100 करने पर भी विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार छोटे जिला निकाय बनाने से पार्टी के कामकाज का प्रबंधन सरल होगा, पदाधिकारियों के बीच समन्वय बेहतर होगा और नेतृत्व को आगामी चुनावों से पहले जमीनी राजनीतिक गतिविधियों पर अधिक प्रभावी ढंग से नज़र रखने में सहायता मिलेगी। यह पुनर्गठन DMK के लिए अगले चुनावी चक्र से पहले संगठनात्मक पकड़ मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि सतही। असली परीक्षा यह है कि क्या नेतृत्व केवल युवा और महिला चेहरों को आगे लाएगा, या उन्हें वास्तविक निर्णय-शक्ति भी सौंपेगा। जिलों की संख्या 78 से 100 करने का प्रस्ताव प्रशासनिक दक्षता का तर्क देता है, पर यह नए पदों की आड़ में पुरानी शक्ति-संरचना को बनाए रखने का जोखिम भी उठाता है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DMK संगठनात्मक पुनर्गठन क्यों कर रही है?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद DMK अपने संगठन को मज़बूत करने के लिए पुनर्गठन की योजना बना रही है। मुख्य लक्ष्य युवा मतदाताओं से फिर से जुड़ाव स्थापित करना है, जो TVK और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की ओर आकर्षित हुए थे।
DMK में महिला जिला सचिवों की वर्तमान स्थिति क्या है?
DMK के 78 संगठनात्मक जिला सचिवों में से केवल एक महिला हैं — पूर्व मंत्री पी. गीता जीवन, जो थूथुकुडी जिला इकाई की प्रमुख हैं। वे दिवंगत DMK नेता एन. पेरियासामी की पुत्री हैं। इस असंतुलन के कारण पार्टी के भीतर अधिक समावेशी प्रतिनिधित्व की माँग उठ रही है।
DMK जिला सचिव का पद इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
DMK में जिला सचिव का पद अत्यंत प्रभावशाली होता है। यह पदाधिकारी चुनावी गतिविधियों के समन्वय, कार्यकर्ताओं को संगठित करने और जमीनी स्तर तथा राज्य नेतृत्व के बीच संपर्क बनाए रखने की केंद्रीय भूमिका निभाता है।
DMK संगठनात्मक जिलों की संख्या कितनी बढ़ाने पर विचार कर रही है?
पार्टी मौजूदा 78 संगठनात्मक जिलों की संख्या बढ़ाकर लगभग 100 करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार इससे पार्टी के कामकाज का प्रबंधन आसान होगा और आगामी चुनावों से पहले जमीनी गतिविधियों पर बेहतर नज़र रखी जा सकेगी।
चेन्नई में DMK पुनर्गठन का क्या असर होगा?
चेन्नई में वर्तमान में छह संगठनात्मक जिला सचिव हैं। नेतृत्व यहाँ पार्टी के युवा विंग, महिला विंग और छात्र संगठन के पदाधिकारियों को पदोन्नत करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है, क्योंकि हाल के विधानसभा चुनावों में चेन्नई और आसपास के जिलों में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षाओं से कम रहा।
राष्ट्र प्रेस
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