डीएमके का बड़ा संगठनात्मक पुनर्गठन: जिले 77 से बढ़कर 110, आयु और कार्यकाल सीमा भी तय
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की कार्यकारी समिति ने 22 अगस्त 2026 को चेन्नई के अन्ना अरिवलयम में पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन को मंजूरी दी। इस पुनर्गठन के तहत पार्टी के जिलों की संख्या 77 से बढ़ाकर 110 की जाएगी और विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के लिए आयु तथा कार्यकाल की सीमाएँ निर्धारित की गई हैं। यह बदलाव DMK के 16वें संगठनात्मक चुनावों के अंतर्गत लागू किए जाएंगे।
पुनर्गठन की पृष्ठभूमि
यह निर्णय उस समिति की सिफारिशों पर आधारित है, जो पार्टी को उसकी शताब्दी वर्षगाँठ के मद्देनजर पुनर्जीवित करने के लिए गठित की गई थी। गौरतलब है कि यह पुनर्गठन ऐसे समय में आया है जब DMK तमिलनाडु में सत्ता में है और अगले विधानसभा चुनावों से पहले अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। पार्टी नेतृत्व ने सभी पदाधिकारियों से प्रस्तावों को शीघ्रता से लागू करने का आग्रह किया है।
जिला और शाखा स्तर पर बदलाव
सबसे महत्त्वपूर्ण बदलाव जिला इकाइयों का विस्तार है — 77 से बढ़कर 110 जिले किए जाएंगे। राजस्व जिलों का पुनर्गठन इस प्रकार होगा कि प्रत्येक पार्टी जिला दो विधानसभा क्षेत्रों को कवर करे। यदि पुनर्गठन के बाद किसी राजस्व जिले में केवल एक ही निर्वाचन क्षेत्र बचे, तो उसे उसी जिले के किसी अन्य पार्टी जिले से तीसरे क्षेत्र के रूप में जोड़ा जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में एक नई शाखा-स्तरीय संरचना और शाखा सचिव का पद सृजित किया जाएगा। यह प्रणाली प्रारंभ में चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और सलेम में लागू होगी और बाद में अन्य नगर निगमों तक विस्तारित की जा सकती है।
आयु और कार्यकाल की नई सीमाएँ
नए नियमों के अनुसार, शाखा सचिवों की अधिकतम आयु 45 वर्ष और कार्यकाल दो तक सीमित होगा। वार्ड सचिवों के लिए अधिकतम आयु 50 वर्ष और कार्यकाल दो निर्धारित है। पंचायत, क्षेत्र, नगर और संघ सचिवों के लिए अधिकतम आयु 60 वर्ष और कार्यकाल दो तक सीमित रहेगा। जिला सचिवों के लिए अधिकतम आयु 70 वर्ष और अधिकतम कार्यकाल तीन रखा गया है।
मतदाता-आधारित इकाई संरचना
चेन्नई में वार्ड स्तरीय पार्टी इकाइयाँ औसतन 10,000 मतदाताओं को ध्यान में रखकर गठित होंगी, जबकि अन्य शहरों में यह संख्या 5,000 होगी। चेन्नई में क्षेत्र इकाइयाँ लगभग 40,000 मतदाताओं और अन्य शहरों में 30,000 मतदाताओं को कवर करेंगी। प्रत्येक 40,000 मतदाताओं पर एक नगर इकाई और प्रत्येक 30,000 मतदाताओं पर एक संघ इकाई का गठन किया जाएगा। इसके अलावा पंचायत संघों के आधार पर संघ इकाइयों का पुनर्गठन होगा — किसी भी पंचायत को दो अलग पार्टी संघों में विभाजित नहीं किया जाएगा।
आगे की प्रक्रिया
पार्टी अध्यक्ष स्टालिन को 110 नई इकाइयों के अंतर्गत आने वाले निर्वाचन क्षेत्रों को निर्धारित और घोषित करने का अधिकार दिया गया है। नए जिलों की घोषणा के बाद जिला कार्यकारी समितियों को 15 दिनों के भीतर संघ, शहर, क्षेत्र, कस्बा, वार्ड और शाखा इकाइयों का गठन करना होगा। इसके बाद मुख्यालय प्रतिनिधि की उपस्थिति में सूचियों को अनुमोदित कर पार्टी नेतृत्व को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह पुनर्गठन DMK की संगठनात्मक शक्ति को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।