कांग्रेस नेता उदित राज ने शरजील इमाम की जमानत का किया समर्थन, न्यायपालिका पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता उदित राज ने 24 अक्टूबर 2026 को जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली की दीवारों पर लिखे 'फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम' जैसे विवादित नारों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि शरजील इमाम को जमानत मिलनी चाहिए और न्यायपालिका भी इस मामले में न्याय नहीं दे रही है।
जामिया की दीवारों पर विवादित नारे: जांच की मांग
उदित राज ने कहा, 'जांच होनी चाहिए। सरकार को जांच करना चाहिए कि किसने लिखा है। आईबी से जांच कराई जानी चाहिए। एनआईए भी जांच कर सकती है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जामिया मिलिया इस्लामिया के वाइस चांसलर आरएसएस-भाजपा समर्थक हैं और इस घटना में उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
शरजील इमाम मामला: जमानत पर कांग्रेस नेता का रुख
शरजील इमाम का उल्लेख करते हुए उदित राज ने कहा, 'शरजील इमाम को जमानत मिलनी चाहिए। जमानत देने से इनकार करना गलत बात है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय से आने के कारण ऐसा हो रहा है। उनके अनुसार, 'दुर्भाग्य है कि न्यायपालिका भी न्याय नहीं दे रही है।'
न्यायपालिका पर सरकारी दबाव का आरोप
उदित राज ने आरोप लगाया कि न्यायपालिका पर सरकार का दबाव है और कॉलेजियम प्रणाली को प्रधानमंत्री व गृह मंत्री प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (AIJS) लागू नहीं होती, तब तक न्यायपालिका से न्याय मिलना मुश्किल है। गौरतलब है कि AIJS की मांग कई दशकों से विधिक सुधार की बहस का हिस्सा रही है।
केरल राजभवन में 'शाकाहारी रसोई' आदेश पर प्रतिक्रिया
केरल के राज्यपाल के राजभवन में कथित तौर पर 'सिर्फ शाकाहारी रसोई' वाले आदेश पर उदित राज ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'राजभवन में रोक लगा देना कि लोग ही न खाएं, वह गलत बात है। यह जानबूझकर एक एजेंडा खड़ा करते हैं। 80 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय नॉनवेज खाते हैं, तो आप 80 प्रतिशत से ज्यादा जनता की भावना को दरकिनार करके अपना खुद का थोपना चाहते हैं?'
चीन सीमा विवाद पर कांग्रेस नेता का बयान
आईटीबीपी के चीन संबंधी बयान पर उदित राज ने कहा, 'हमारी जमीन कब्जा होती जा रही है। हम जानते हैं कि हमारी सेना का शौर्य है और वह साहसी है, लेकिन वहां सरकार सिर्फ शो करा रही है।' उन्होंने सरकार से इस विषय पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-चीन सीमा पर गश्त व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय बहस जारी है।