कांग्रेस का 'संगठन सृजन' अभियान: KMC और 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी कोलकाता से शुरू
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कोलकाता से 'संगठन सृजन' अभियान की औपचारिक शुरुआत की। 20 अगस्त 2026 को पार्टी की दो बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें जिला स्तर पर संगठन को पुनर्जीवित करने और कार्यकर्ताओं को चुनावी प्रक्रिया के लिए तैयार करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
अभियान का उद्देश्य और कार्यप्रणाली
कांग्रेस नेता विकार रसूल वानी ने बताया कि 'संगठन सृजन' अभियान के तहत जिला स्तर पर अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा, 'हमारा काम ये है कि हम पूरे जिला के कार्यकर्ताओं को बुलाकर 'संगठन सृजन' अभियान को लेकर जागरूकता बढ़ाएंगे कि कैसे फॉर्म भरना है, कैसे मिलना है और कैसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है।' दो-दो जिलों को मिलाकर बैठकें आयोजित करने की योजना है।
चरणबद्ध प्रक्रिया
अभियान की कार्यप्रणाली चरणबद्ध है। पहले जिला स्तर पर जानकारी देकर फॉर्म वितरित किए जाएंगे, इसके बाद विधानसभा क्षेत्र और ब्लॉक स्तर पर जाकर लोगों की बातें सुनी जाएंगी और प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात होगी। वानी के अनुसार, उम्मीदवारों का इंटरव्यू भी किया जाएगा और अंतिम पैनल नई दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व को सौंपा जाएगा, जहाँ टीम की बैठक के बाद उम्मीदवार अंतिम रूप से तय होंगे।
भाजपा पर कांग्रेस का हमला
इस अवसर पर वानी ने पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 'एसआईआर के ज़रिए वोट चोरी' और 'नफरत फैलाकर' सत्ता में आई है। उन्होंने कहा, 'ये धांधली करके जो लोग बनते हैं, वो फेल हो जाते हैं। इन्होंने खुलेआम वोट चोरी की है।' यह आरोप BJP ने अस्वीकार नहीं किए हैं — कम से कम इस बैठक के संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वंदे मातरम पर कांग्रेस का पक्ष
वानी ने 'वंदे मातरम' को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह गीत कांग्रेस की विरासत का हिस्सा है और BJP का इस पर दावा उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत एजेंडा नहीं, बल्कि ऐतिहासिक तथ्य है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में कांग्रेस अपनी संगठनात्मक उपस्थिति को पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रही है। KMC चुनाव और 2029 की लोकसभा चुनावी तैयारी के बीच यह अभियान पार्टी के लिए ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ता आधार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले हफ्तों में विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा।