करोल बाग में सीपीडब्ल्यूडी की खाली जमीन पर पार्क-स्कूल-अस्पताल की मांग, 'आप' ने किया प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 21 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) मुख्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। करोल बाग विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से खाली पड़ी CPWD की जमीन पर पार्क, स्कूल, अस्पताल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पार्किंग जैसी जन सुविधाएं विकसित करने की माँग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने CPWD के वरिष्ठ अधिकारियों को महानिदेशक के नाम एक माँग पत्र सौंपा।
मुख्य घटनाक्रम
करोल बाग से विधायक विशेष रवि के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने CPWD मुख्यालय पर धरना दिया। विधायक रवि ने बताया कि बापा नगर, देव नगर, रेगर पुरा और बीडनपुरा सहित करोल बाग के आसपास के इलाके घनी आबादी वाले हैं, फिर भी यहाँ बुनियादी जन सुविधाओं का गंभीर अभाव है। उन्होंने कहा कि इन्हीं इलाकों के बीच CPWD की हजारों वर्ग मीटर जमीन लंबे समय से बेकार और जर्जर अवस्था में पड़ी है।
जमीन की मौजूदा स्थिति
विधायक विशेष रवि के अनुसार, इस जमीन पर वर्ष 2014-15 तक CPWD के क्वार्टर और अन्य भवन मौजूद थे, जिनमें अधिकारी और कर्मचारी निवास करते थे। उनके जाने के बाद से जमीन का समुचित उपयोग नहीं हुआ और भवन धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो गए। निगम पार्षद महेश खींची ने बताया कि देव नगर में स्थित ये क्वार्टर करीब 12-13 वर्षों से रिक्त पड़े हैं और कई भवन गिरने की कगार पर हैं।
खींची ने आरोप लगाया कि परिसर में लोग कूड़ा और मलबा डाल रहे हैं तथा गलत गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। विधायक रवि ने भी कहा कि खाली पड़े परिसर में असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं, जो आसपास के निवासियों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से चिंताजनक है।
सात-आठ वर्षों की कोशिशें, नतीजा शून्य
विधायक विशेष रवि ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पिछले करीब सात-आठ वर्षों से CPWD के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। इस दौरान कई बार पत्र लिखे गए, अधिकारियों से व्यक्तिगत मुलाकात की गई और फोन पर भी मामला उठाया गया। इसके अलावा क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया और जागरूकता यात्रा भी निकाली गई। समाधान न मिलने पर पार्टी ने अंततः CPWD मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन का निर्णय लिया।
निगम पार्षद महेश खींची ने बताया कि वे वर्ष 2017 से यह मुद्दा अधिकारियों के समक्ष उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने माँग की कि तत्काल तौर पर जर्जर क्वार्टरों को हटाकर जमीन को समतल किया जाए, ताकि भविष्य में इसका उपयोग जनहित में किया जा सके।
आम जनता पर असर
करोल बाग का यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है और स्थानीय निवासियों के अनुसार यहाँ पार्क, स्कूल, अस्पताल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पार्किंग जैसी आवश्यक सुविधाओं की तत्काल जरूरत है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के कई घनी आबादी वाले इलाकों में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे की कमी एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। खाली पड़ी इस सरकारी जमीन का सदुपयोग हजारों परिवारों को सीधे लाभ पहुँचा सकता है।
क्या होगा आगे
विधायक विशेष रवि ने कहा कि यदि CPWD की ओर से माँगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थानीय जनता से बातचीत कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर जन आंदोलन, भूख हड़ताल या आमरण अनशन जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। निगम पार्षद महेश खींची ने भी चेतावनी दी कि माँगें पूरी न होने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। अब सभी की नजरें CPWD महानिदेशक की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।