क्या चक्रवात 'मोंथा' काकीनाडा पहुंच गया है? तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक बारिश की संभावना

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क्या चक्रवात 'मोंथा' काकीनाडा पहुंच गया है? तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक बारिश की संभावना

सारांश

चक्रवात 'मोंथा' ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दस्तक दी है। इससे तटीय क्षेत्रों में बारिश और हवाओं का खतरा बढ़ गया है। जानिए इस प्राकृतिक आपदा के प्रभाव और इससे जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट्स।

मुख्य बातें

चक्रवात 'मोंथा' ने काकीनाडा में दस्तक दी है।
तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने तेज हवाओं की चेतावनी दी है।
आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है।
मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

चेन्नई, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। चक्रवात 'मोंथा' बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दस्तक दे चुका है, जिससे तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल रही हैं।

मौसम विभाग (आईएमडी) ने पुष्टि की है कि यह चक्रवात इस सप्ताह की शुरुआत में दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ था और मछलीपट्टनम तथा कलिंगपट्टनम के बीच 110 किमी प्रति घंटे की गति से तट से टकराया।

आईएमडी अधिकारियों के अनुसार, 'मोंथा' के प्रभाव से कृष्णा और मछलीपट्टनम जिलों के कई हिस्सों में गरज और बिजली के साथ तेज बारिश हुई, जिसके चलते कई पेड़ गिर गए और संपत्ति को नुकसान पहुँचा।

अल्लूरी जिले में, तूफान के दौरान एक पेड़ गिरने से एक महिला की मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रभावित क्षेत्रों में गिरे हुए पेड़ों को हटाने और बिजली बहाल करने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है। सोमवार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए यह चक्रवाती तूफान तट पार करने के बाद थोड़ा कमजोर हो गया, लेकिन इसके दक्षिण भारत में व्यापक वर्षा लाने की उम्मीद है।

आईएमडी ने बताया कि मोंथा के प्रभाव के कारण तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

बुधवार सुबह जारी मौसम बुलेटिन में चेतावनी दी गई है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कन्याकुमारी सागर के तटीय क्षेत्रों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 65 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती हैं।

मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे हालात सामान्य होने तक समुद्र तट पर न जाएं। चेन्नई में, आसमान में बादल छाए रहने और कुछ क्षेत्रों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और तमिलनाडु आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संभावित वर्षा संबंधी घटनाओं से निपटने के लिए सभी आपातकालीन नियंत्रण कक्षों को अलर्ट पर रखा है।

तमिलनाडु के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को नदियों और जलाशयों में जल स्तर की निगरानी करने और निचले तथा बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में निवारक कदम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें चक्रवात 'मोंथा' के प्रभाव का संज्ञान लेना चाहिए। ये प्राकृतिक आपदाएं हमारे देश की भौगोलिक स्थिति के कारण होती हैं। हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए और प्रभावित क्षेत्रों में सहायता प्रदान करनी चाहिए।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'मोंथा' से प्रभावित क्षेत्र कौन से हैं?
चक्रवात 'मोंथा' ने मुख्यतः आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित किया है।
क्या मछुआरों को समुद्र में जाने से बचना चाहिए?
हाँ, मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे हालात सामान्य होने तक समुद्र तट पर न जाएं।
इस चक्रवात से क्या नुकसान हुआ है?
इस चक्रवात के कारण कई पेड़ गिर गए हैं और संपत्ति को नुकसान पहुँचा है।
क्या बारिश का अनुमान है?
आईएमडी के अनुसार, तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
क्या किसी की मृत्यु हुई है?
हाँ, अल्लूरी जिले में एक महिला की मृत्यु हुई है और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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