राजगीर मलमास मेला 2026: 17 मई से भव्य शुरुआत, CM सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की ऐतिहासिक धर्म नगरी राजगीर में मलमास मेला 2026 का भव्य शुभारंभ 17 मई को होने जा रहा है। ब्रह्मकुंड परिसर स्थित यज्ञशाला में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मेले का आगाज होगा, जो 15 जून 2026 तक चलेगा। पूरे कुंड क्षेत्र को विशेष रूप से सजाया-संवारा गया है और तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं।
उद्घाटन समारोह का कार्यक्रम
मेले के पहले दिन 17 मई को प्रातः 6:30 बजे से 9 बजे तक तीर्थ पूजन एवं आरती का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न होगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ब्रह्मकुंड परिसर स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर एवं सप्तधारा परिसर में ध्वज पूजा करेंगे। साथ ही सरस्वती कुंड परिसर में उद्घाटन समारोह एवं संध्या गंगा महाआरती का आयोजन होगा।
मुख्यमंत्री की पहली राजगीर यात्रा
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार राजगीर आ रहे हैं, जिसे लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उनके आगमन को लेकर विभिन्न सड़कों पर बैरिकेडिंग की जा रही है और मेला उद्घाटन स्थल को पूरी तरह सुव्यवस्थित किया गया है। उद्घाटन ध्वज स्थल के समीप यज्ञ स्थल के पास बड़े हॉल में आयोजित होगा।
संत-महात्माओं की उपस्थिति
ध्वजारोहण कार्यक्रम में स्वामी वासुदेवाचार्य, करपात्री अग्निहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन जी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं विजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, विधान परिषद सदस्य रीना यादव तथा नगर परिषद सभापति भी उपस्थित रहेंगे।
मेले का धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं की भागीदारी
मलमास मेले के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु और तीर्थयात्री राजगीर के विभिन्न कुंडों में स्नान, ध्यान कर मंदिरों में पूजा-अर्चना और दान करते हैं। पंडा समिति के अध्यक्ष विकास कुमार उपाध्याय ने बताया कि मेले के दौरान विभिन्न शुभ तिथियों पर मुख्य शाही स्नान का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सप्ताह में तीन दिन तथा मुख्य अवसरों पर विशेष महाआरती का भी आयोजन होगा।
आगे का कार्यक्रम
मेला 17 मई से आरंभ होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। इस पूरे अवधि में राजगीर में धार्मिक वातावरण बना रहेगा और विभिन्न शुभ तिथियों पर विशेष आयोजन किए जाएंगे। गौरतलब है कि मलमास मेला बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है, जो हर तीन वर्ष में एक बार आयोजित होता है।