प्रतीक यादव की अस्थियाँ हरिद्वार में गंगा को समर्पित, अपर्णा बेटियों संग लखनऊ से रवाना
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की पवित्र अस्थियाँ शनिवार, 17 मई को हरिद्वार स्थित चौधरी चरण सिंह वीवीआईपी घाट पर गंगा में विसर्जित की जाएंगी। परिवार सुबह लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से विमान द्वारा देहरादून के जौलीग्रांट हवाई अड्डे के लिए रवाना हुआ, जहाँ से सड़क मार्ग से हरिद्वार पहुँचकर वैदिक विधि-विधान से यह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कौन-कौन हुए रवाना
परिवार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव अपनी बड़ी बेटी प्रथमा, छोटी बेटी पद्मजा, अपने पिता अरविंद सिंह बिष्ट और भाई अमन बिष्ट के साथ एयरपोर्ट पहुँचीं। आदित्य यादव अस्थि कलश लेकर आगे चलते दिखाई दिए। इस यात्रा में अखिलेश यादव शामिल होंगे या नहीं, यह स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
विसर्जन की विधि और उपस्थिति
सूत्रों के अनुसार, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि की उपस्थिति में अस्थि-विसर्जन की पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी। चौधरी चरण सिंह घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यह अनुष्ठान किया जाएगा।
अपर्णा यादव की सोशल मीडिया अपील
अपर्णा यादव ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर शुभचिंतकों से हरिद्वार पहुँचने की प्रार्थना की। पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'पूज्य स्मरणीय श्री प्रतीक यादव की पवित्र अस्थियों का विसर्जन चौधरी चरण सिंह घाट पर किया जाएगा। सभी शुभचिंतकों से प्रार्थना है कि वे पहुँचकर परिवार को संबल प्रदान करें।'
निधन और अंतिम संस्कार का विवरण
गौरतलब है कि मात्र 38 वर्ष की आयु में प्रतीक यादव का 13 मई को लखनऊ में निधन हो गया था। अगले दिन भैंसाकुंड घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने भाई की चिता पर लकड़ी रखकर अंतिम प्रणाम किया। दोनों बेटियाँ प्रथमा और पद्मजा भी श्मशान घाट पर उपस्थित रहीं और पिता को अंतिम विदाई दी। भावुक माहौल के बीच छोटी बेटी पद्मजा लंबे समय तक अपने ताऊ अखिलेश यादव के साथ दिखाई दीं।
प्रतीक यादव: परिचय
प्रतीक यादव, दिवंगत मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के पुत्र थे। उनकी पत्नी अपर्णा यादव वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। परिवार का यह शोक पूरे राज्य में गहरी संवेदना का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में परिवार के लखनऊ लौटने के बाद शोक-सभाओं के आयोजन की संभावना है।