इराक के नए प्रधानमंत्री बने अली अल-जैदी, PM मोदी ने एक्स पर दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
इराक में अली फलीह कदीम अल-जैदी ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है। 40 वर्षीय अल-जैदी इराक के इतिहास के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्हें बधाई देते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करने की इच्छा जताई।
शपथ ग्रहण और अधूरी कैबिनेट
सरकारी इराकी समाचार एजेंसी (INA) के अनुसार, प्रधानमंत्री अल-जैदी सहित अन्य मंत्रियों ने गुरुवार को संवैधानिक पद की शपथ ली और औपचारिक रूप से अपनी जिम्मेदारियाँ संभालीं। हालाँकि, उल्लेखनीय है कि उन्होंने एक अधूरी कैबिनेट के साथ ही शपथ ग्रहण की, क्योंकि प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कई अहम पोर्टफोलियो पर सहमति नहीं बन सकी।
इराकी संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक, किसी भी नई सरकार को संसद में विश्वास मत के लिए अपने कुल मंत्रालयों में से बहुमत की स्वीकृति अनिवार्य होती है। अल-जैदी की सरकार में 23 मंत्रालय होने चाहिए थे, लेकिन संसद ने सत्र के दौरान केवल 14 मंत्रालयों को मंजूरी दी। गृह (इंटीरियर) और रक्षा (डिफेंस) पोर्टफोलियो सहित कई पदों पर आम सहमति अभी भी नहीं बन पाई है।
संसद का विश्वास मत
इराक के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 'काउंसिल ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' (संसद) ने प्रधानमंत्री अल-जैदी की सरकार और उनके नीतिगत कार्यक्रमों के पक्ष में मतदान कर पूर्ण विश्वास जताया है। अल-जैदी ने संसद सत्र के दौरान अपना सरकारी कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया, हालाँकि इसका सीधा प्रसारण नहीं किया गया और अब तक इसकी विस्तृत सार्वजनिक घोषणा नहीं हुई है।
नई कैबिनेट में प्रमुख नियुक्तियाँ
नई सरकार में बसीम मोहम्मद को देश का नया तेल मंत्री नियुक्त किया गया है, जबकि फुआद हुसैन को विदेश मंत्री के पद पर बरकरार रखा गया है। गौरतलब है कि अल-जैदी को 27 अप्रैल को नई सरकार बनाने के लिए नामित किया गया था।
PM मोदी की बधाई और भारत-इराक संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'अली फलीह कदीम अल-जैदी को इराक के प्रधानमंत्री का पद संभालने पर बहुत-बहुत बधाई। भारत इराक के साथ अपने पुराने और दोस्ताना रिश्तों को बहुत महत्व देता है और सभी क्षेत्रों में हमारे आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मैं उन्हें अपनी शुभकामनाएं देता हूं और हमारे दोनों देशों की साझा तरक्की और खुशहाली के लिए मिलकर काम करने की उम्मीद करता हूं।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और इराक के बीच ऊर्जा, व्यापार और प्रवासी समुदाय के मामलों में सहयोग के व्यापक अवसर मौजूद हैं। इराक भारत के प्रमुख कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक है, और नई सरकार के गठन के साथ द्विपक्षीय संबंधों की दिशा पर सभी की नज़र रहेगी।
आगे की राह
अल-जैदी सरकार के सामने सबसे बड़ी तात्कालिक चुनौती अधूरी कैबिनेट को पूरा करना है — विशेषकर गृह और रक्षा जैसे संवेदनशील मंत्रालयों पर सहमति बनाना। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन पदों पर नियुक्ति इराक की आंतरिक स्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से निर्णायक साबित होगी।