अलीगढ़: डांडिया-गरबा में अश्लीलता के विरोध में विहिप का प्रदर्शन, DM को सौंपा ज्ञापन
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने 9 अक्टूबर 2026 को अलीगढ़ में डांडिया नाइट कार्यक्रमों में कथित अश्लीलता और 'लव जिहाद' के आरोपों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं और स्थानीय पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। विहिप की ओर से जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर नवरात्रि आयोजनों में सख्त निगरानी की माँग की गई।
विहिप का पक्ष और ज्ञापन की मुख्य माँगें
विहिप के अलीगढ़ मीडिया हेड प्रतीक रघुवंशी ने कहा, 'डांडिया और गरबा महज मनोरंजन के साधन नहीं हैं — यह हिंदू आस्था और सम्मान का पर्व है। माता रानी की आराधना के इस महत्वपूर्ण अवसर पर अमर्यादित गाने बजाना और फूहड़ता फैलाना हिंदू आस्था पर सीधा कुठाराघात है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'जिस व्यक्ति की मां के प्रति आस्था न हो, उसे ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए।'
रघुवंशी ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे ऐसे आयोजनों से दूरी बनाए रखें जहाँ हिंदू आस्था का अपमान होता हो। विहिप ने प्रशासन से माँग की है कि आयोजकों की जवाबदेही तय की जाए और कार्यक्रमों की सामग्री की पूर्व-जाँच हो।
पुलिस के साथ तनाव और सुरक्षा प्रबंध
प्रदर्शन के दौरान विहिप कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई, हालाँकि स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। यह घटना ऐसे समय में हुई जब 11 अक्टूबर 2026 से नवरात्रि शुरू होने वाली है और 20 अक्टूबर को दशहरा भी है।
इस बीच, पड़ोसी जिले फिरोजाबाद में एएसपी (ग्रामीण) अनुज चौधरी ने शिकोहाबाद के घनी और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिसकर्मियों के साथ पैदल मार्च किया। चौधरी ने कहा, 'इस महीने लगातार कई त्योहार हैं — रामलीला, राम बारात, नवरात्रि और दशहरा। शांति और व्यवस्था बनाए रखने तथा जनता में भरोसा जगाने के लिए निरंतर पैदल गश्त जारी है।'
नवरात्रि की पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि नवरात्रि उत्सव के दौरान डांडिया-गरबा आयोजनों को लेकर धार्मिक संगठनों की आपत्तियाँ पिछले कई वर्षों से एक आवर्ती विषय रही हैं। विहिप और बजरंग दल 'लव जिहाद' की आशंका का हवाला देते हुए नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रमों में गैर-हिंदुओं की उपस्थिति पर प्रतिबंध की माँग करते आए हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की माँगें सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में त्योहारी मौसम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करना प्रशासन की नियमित प्रक्रिया है। इस बार भी ज़िला प्रशासन और पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई है।
आगे क्या होगा
विहिप का ज्ञापन अब जिलाधिकारी कार्यालय में विचाराधीन है। 11 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू होने के साथ ही यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन आयोजकों को क्या दिशानिर्देश जारी करता है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि सभी त्योहारी जुलूसों और कार्यक्रमों के दौरान पर्याप्त सुरक्षाबल तैनात रहेगा।