18 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विहिप ने दिल्ली CM रेखा गुप्ता को लिखा पत्र: गरबा को नाइट क्लब में न बदलने दें, जांच की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विहिप ने दिल्ली CM रेखा गुप्ता को लिखा पत्र: गरबा को नाइट क्लब में न बदलने दें, जांच की माँग

सारांश

विहिप ने दिल्ली CM रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर नवरात्रि गरबा आयोजनों को नाइट क्लब में बदलने पर रोक लगाने और सभी प्रमुख आयोजनों की प्रशासनिक जांच कराने की माँग की है। संगठन का कहना है कि गरबा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से समझौता नहीं होने देंगे।

मुख्य बातें

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने 18 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखा।
विहिप ने चिंता जताई कि दिल्ली के कुछ गरबा आयोजन नाइट क्लब और पार्टी के स्वरूप में बदल रहे हैं।
संगठन ने माँग की कि सभी प्रमुख गरबा आयोजनों की प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच कराई जाए।
शर्तों का उल्लंघन करने वाले आयोजनों पर तत्काल कार्रवाई और ज़रूरत पड़ने पर रोक लगाने की माँग।
विहिप ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य शांतिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विरोध करना नहीं है।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने 18 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक पत्र लिखकर राजधानी के गरबा आयोजनों की प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच कराने की माँग की है। विहिप ने आशंका जताई है कि कुछ स्थानों पर गरबा के नाम पर होने वाले कार्यक्रम नाइट क्लब और पार्टी के स्वरूप में परिवर्तित हो रहे हैं, जो इस धार्मिक पर्व की सांस्कृतिक मर्यादाओं के विपरीत है।

विहिप की मुख्य आपत्ति

विहिप ने अपने पत्र में लिखा है, 'नवरात्रि हिंदू समाज के लिए मां दुर्गा और मां शक्ति की आराधना, भक्ति, साधना और संस्कार का पर्व है। गरबा इसी धार्मिक परंपरा से जुड़ा हुआ सांस्कृतिक आयोजन है। अतः गरबा का स्वरूप हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादाओं के अनुरूप रहना आवश्यक है।' संगठन का स्पष्ट मत है कि यदि किसी आयोजन को गरबा के नाम पर अनुमति दी गई है, तो उसमें गरबा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखनी चाहिए।

शैक्षणिक परिसरों पर विशेष चिंता

विहिप ने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में होने वाले गरबा आयोजनों पर भी ध्यान दिलाया है। संगठन ने पत्र में कहा कि यदि किसी शैक्षणिक संस्था ने भारतीय संस्कृति और सांस्कृतिक गतिविधि के उद्देश्य से गरबा की अनुमति दी है, तो उस अनुमति की शर्तों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'शैक्षणिक परिसर को सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर नाइट क्लब में परिवर्तित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।'

प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की माँग

विहिप ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से आग्रह किया है कि दिल्ली के सभी प्रमुख गरबा आयोजनों का प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण में विशेष रूप से यह देखा जाए कि आयोजन के लिए दी गई अनुमति की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं। साथ ही, संगठन ने माँग की है कि जो आयोजन अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करते पाए जाएँ, उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए और आवश्यकता होने पर उन्हें रोका जाए।

विहिप का स्पष्टीकरण

विहिप ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य किसी शांतिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम का विरोध करना नहीं है। गौरतलब है कि संगठन मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ आराधना और पारंपरिक गरबा व डांडिया की सांस्कृतिक भावना को बनाए रखने के पक्ष में है, न कि किसी अशोभनीय प्रदर्शन या अनुशासनहीनता को। यह माँग ऐसे समय में आई है जब नवरात्रि के दौरान देशभर में गरबा के व्यावसायीकरण को लेकर बहस तेज हो रही है।

आगे क्या होगा

दिल्ली सरकार की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। देखना होगा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विहिप की माँगों पर क्या रुख अपनाती हैं और क्या दिल्ली पुलिस गरबा आयोजनों की जांच का कोई निर्देश जारी करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें धार्मिक आयोजनों के व्यावसायीकरण बनाम परंपरा के बीच की रेखा तय करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर डाली जाती है। असली सवाल यह है कि प्रशासन 'अनुमति की शर्तों के उल्लंघन' को परिभाषित कैसे करेगा — क्योंकि बिना स्पष्ट मानकों के यह माँग मनमाने हस्तक्षेप का रास्ता खोल सकती है। दूसरी ओर, शैक्षणिक परिसरों में देर रात तक चलने वाले आयोजनों को लेकर अभिभावकों और प्रशासन की चिंताएँ भी वैध हैं। दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया तय करेगी कि यह मामला सांस्कृतिक संरक्षण की पहल बनता है या राजनीतिक दबाव में नियामकीय कार्रवाई।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विहिप ने दिल्ली में गरबा को लेकर क्या माँग की है?
विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर सभी प्रमुख गरबा आयोजनों की प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच कराने की माँग की है। संगठन का कहना है कि कुछ आयोजन गरबा के धार्मिक स्वरूप से हटकर नाइट क्लब जैसे बन रहे हैं।
विहिप के अनुसार गरबा की धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा क्या है?
विहिप के अनुसार गरबा नवरात्रि की धार्मिक परंपरा से जुड़ा आयोजन है, जिसमें मां दुर्गा की आराधना, पारंपरिक गरबा और डांडिया की सांस्कृतिक भावना केंद्र में होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि अशोभनीय प्रदर्शन, फूहड़ता या अनुशासनहीनता हिंदू संस्कृति की गरिमा के विपरीत है।
विहिप ने शैक्षणिक परिसरों में गरबा को लेकर क्या कहा?
विहिप ने कहा कि यदि किसी विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान ने सांस्कृतिक उद्देश्य से गरबा की अनुमति दी है, तो उस अनुमति की शर्तों का पालन होना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट कहा कि शैक्षणिक परिसर को नाइट क्लब में परिवर्तित करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
विहिप की माँग पर दिल्ली सरकार की क्या प्रतिक्रिया है?
18 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली सरकार की ओर से इस पत्र पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह देखना बाकी है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली पुलिस इस माँग पर क्या कदम उठाते हैं।
क्या विहिप गरबा आयोजनों का विरोध कर रही है?
नहीं, विहिप ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य किसी शांतिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम का विरोध नहीं है। संगठन केवल यह सुनिश्चित करना चाहता है कि गरबा के नाम पर होने वाले आयोजन उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा के अनुरूप हों।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले