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इंदौर गरबा विवाद: वीएचपी की चेतावनी — 'गड़बड़ी करने वालों को इस बार नहीं छोड़ेंगे'

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इंदौर गरबा विवाद: वीएचपी की चेतावनी — 'गड़बड़ी करने वालों को इस बार नहीं छोड़ेंगे'

सारांश

नवरात्रि से पहले इंदौर में गरबा को लेकर सियासी तापमान चढ़ा हुआ है। वीएचपी ने 'इस बार नहीं छोड़ेंगे' की चेतावनी दी, भाजपा विधायक ने हिंदू संगठनों की माँगें सही बताईं, और कांग्रेस ने इसे ध्रुवीकरण की कोशिश करार दिया।

मुख्य बातें

वीएचपी नेता संतोष शर्मा ने चेतावनी दी कि गरबा पंडालों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ इस बार सख्त कार्रवाई होगी।
भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने गैर-हिंदुओं के गरबा में प्रवेश पर रोक की हिंदू संगठनों की माँग का समर्थन किया।
कैलाश विजयवर्गीय का महिला पार्षद पर की गई शारीरिक टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने विजयवर्गीय पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा पर ध्रुवीकरण का आरोप लगाया।
यह विवाद नवरात्रि शुरू होने से ठीक पहले इंदौर में राजनीतिक तनाव बढ़ाने वाला बना है।

नवरात्रि से ठीक पहले इंदौर में गरबा आयोजनों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) नेता संतोष शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस बार गरबा पंडालों में किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने हिंदू संगठनों की माँगों का खुलकर समर्थन किया है। कांग्रेस ने इस पर पलटवार करते हुए इसे 'ध्रुवीकरण की राजनीति' करार दिया है।

वीएचपी का कड़ा रुख

वीएचपी नेता संतोष शर्मा ने कहा, 'इस बार हम लोग पूरी तरह से तैयार हैं। अगर नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों में कोई व्यक्ति आकर गलत काम करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने आगे जोड़ा कि 'पहले गलती समझकर छोड़ दिया जाता था, लेकिन इस बार हम लोग छोड़ने वाले नहीं हैं, इसीलिए कोई भी आने से पहले सोचकर आए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई हिंदू संगठन गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की माँग कर रहे हैं।

उषा ठाकुर का समर्थन

भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने इन माँगों का समर्थन करते हुए कहा, 'गरबा कभी प्रोफेशनल होना ही नहीं चाहिए। गरबा देवी मां की शक्ति की आराधना का पर्व है। सनातनी समाज शास्त्र और शस्त्र का अध्ययन करें, अपने व्यक्तित्व का माता-बहनें सर्वांगीण विकास करें। धर्म, संस्कृति, राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार हों।' उन्होंने यह भी कहा कि गैर-हिंदू संगठन वहाँ आकर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं।

विजयवर्गीय विवाद और कांग्रेस का पलटवार

इसी बीच कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के उस बयान पर तीखा हमला बोला, जिसमें कथित तौर पर उन्होंने एक महिला पार्षद की शारीरिक बनावट पर सार्वजनिक मंच से टिप्पणी की थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई है।

वर्मा ने कहा, 'मुझे लगता है कि कैलाश विजयवर्गीय अभी मानसिक रूप से परेशान या अस्थिर दौर से गुजर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा उन्हें बिना किसी सम्मान के दरकिनार किए जाने के कारण वे अपना आपा खो रहे हैं। उनके विभाग में कोई उनकी बात नहीं सुन रहा है।' वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग जाति और धर्म के नाम पर लड़ाई कराने के लिए ऐसे बयान देते हैं।

पार्षद संध्या यादव प्रकरण

उषा ठाकुर ने पार्षद संध्या यादव से जुड़े एक बयान का भी बचाव किया। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्षद बहन संध्या यादव बचपन से ही उनकी गोद में पली-बढ़ी हैं। वह उनकी बेटी जैसी हैं। हो सकता है कि उन्होंने स्नेहवश ऐसा कहा हो, शायद अपनी बहन को सेहत का ध्यान रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी हो।' उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास कोई मुद्दा नहीं है।

व्यापक संदर्भ और आगे की स्थिति

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कई हिस्सों में नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों में प्रवेश नियंत्रण को लेकर विवाद उठते रहे हैं। मध्य प्रदेश में इस बार चुनावी माहौल न होने के बावजूद इस मुद्दे का उभरना राज्य की राजनीतिक तापमान को दर्शाता है। नवरात्रि शुरू होने से पहले प्रशासन पर यह दबाव होगा कि वह आयोजनों में कानून-व्यवस्था बनाए रखे और किसी भी संभावित तनाव को रोके।

संपादकीय दृष्टिकोण

कैलाश विजयवर्गीय का महिला पार्षद पर सार्वजनिक टिप्पणी का प्रकरण भाजपा की आंतरिक दरारों को उजागर करता है, जिसे कांग्रेस भुनाने में लगी है। मुख्यधारा की कवरेज इन दोनों धागों को अलग-अलग देख रही है, जबकि असल कहानी यह है कि नवरात्रि की पवित्रता और सियासी फायदे का यह गठजोड़ आम श्रद्धालुओं के लिए माहौल कितना सहज छोड़ता है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में गरबा विवाद क्या है?
नवरात्रि से पहले इंदौर में वीएचपी और हिंदू संगठनों ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक और सख्त निगरानी की माँग की है। वीएचपी नेता संतोष शर्मा ने चेतावनी दी है कि इस बार गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा विधायक उषा ठाकुर का इस मामले में क्या कहना है?
भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने हिंदू संगठनों की माँग को सही बताया और कहा कि गैर-हिंदू संगठन गरबा में आकर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गरबा को कभी 'प्रोफेशनल' नहीं बनाया जाना चाहिए — यह देवी माँ की आराधना का पर्व है।
कैलाश विजयवर्गीय का विवाद क्या है?
कैलाश विजयवर्गीय ने कथित तौर पर एक सार्वजनिक मंच से महिला पार्षद की शारीरिक बनावट पर टिप्पणी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस ने इस विवाद पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा जाति और धर्म के नाम पर लड़ाई कराने के लिए ऐसे बयान देती है। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय पर भी निशाना साधा और कहा कि वे 'मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दरकिनार किए जाने' के कारण 'अस्थिर' हो रहे हैं।
इंदौर गरबा विवाद का आम नागरिकों पर क्या असर पड़ सकता है?
इस विवाद से नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों में तनाव बढ़ने की आशंका है। प्रशासन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दबाव होगा, जबकि श्रद्धालुओं के लिए उत्सव का माहौल प्रभावित हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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