नालासोपारा गरबा घटना पर मंत्री नितेश राणे का कड़ा बयान — 'हिंदू त्योहारों को निशाना बनाने वालों को मिट्टी में मिला देंगे'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने 13 अक्टूबर 2026 को नालासोपारा में नवरात्रि के दौरान गरबा उत्सव में हुई कथित अश्लील हरकत की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राणे ने इस मामले को 'लव जिहाद' करार देते हुए चेतावनी दी कि हिंदू त्योहारों को निशाना बनाने वालों को राज्य सरकार की ओर से कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
मंत्री राणे का बयान
राणे ने कहा, 'मैं हमेशा से लव जिहाद को लेकर बात करता आया हूँ। नवरात्रि शुरू होने से पहले ही मैंने हमारी हिंदू बहनों को चेतावनी दी थी कि ये लोग अलग-अलग नाम बदलकर गरबा में घुसेंगे और हमारी हिंदू बहनों की ज़िंदगी बर्बाद करने की कोशिश करेंगे।' उन्होंने कहा कि नालासोपारा का यह मामला उसी चेतावनी की पुष्टि करता है, जहाँ कथित आरोपी गरबा में घुसकर अश्लील हरकतें कर रहा था और उसके मोबाइल से कई अश्लील वीडियो बरामद हुए।
आरोपी पर गंभीर आरोप
राणे ने आरोप लगाया कि आरोपी युवक का संपर्क कथित तौर पर एक पॉर्न कंपनी से भी था और वह जानबूझकर नवरात्रि के मौके पर हिंदू महिलाओं के अश्लील वीडियो बनाता था। उन्होंने स्पष्ट किया, 'यह कोई बनाई हुई कहानी नहीं, बल्कि सच्ची और गंभीर घटना है।' हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
त्योहारों में समान आचरण की माँग
राणे ने धार्मिक त्योहारों में पारस्परिक सम्मान का हवाला देते हुए कहा, 'हम कभी ईद, मुहर्रम या रमज़ान के समय जाकर इस तरह की हरकत नहीं करते, वहाँ हमारा कोई भी इस तरह की हरकत करते हुए नहीं दिखता। तो फिर हमारे हिंदू त्योहारों पर आकर हमारी हिंदू बहनों की ज़िंदगी खराब करने की हिम्मत जो भी करेगा, उसे राज्य सरकार की तरफ से मिट्टी में मिलाने का काम किया जाएगा।'
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में नवरात्रि उत्सव के दौरान सांप्रदायिक तनाव की छिटपुट खबरें सामने आई हैं। गौरतलब है कि राणे पहले भी 'लव जिहाद' से संबंधित बयानों को लेकर विवाद में रहे हैं और उनके इस बयान पर विपक्षी दलों की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है। आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
आगे क्या होगा
राणे के इस बयान के बाद अब राज्य पुलिस पर दबाव होगा कि वह नालासोपारा मामले में त्वरित कार्रवाई करे। विपक्षी दलों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों की नज़र इस प्रकरण पर बनी रहेगी। आने वाले दिनों में यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ ले सकता है।