नवरात्रि गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर विवाद: सतना-वाराणसी में बजरंग दल के पोस्टर
सारांश
मुख्य बातें
नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर देश के कई हिस्सों में विवाद फिर से उभर आया है। महाराष्ट्र के नालासोपारा में सामने आए कथित लव जिहाद मामले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया ने इसे एक बड़ा रैकेट बताते हुए मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। मध्य प्रदेश के सतना और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बजरंग दल ने पहचान सत्यापन अभियान शुरू कर पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की चेतावनी दी है।
नालासोपारा मामला और किरीट सोमैया की माँग
नालासोपारा से सामने आए कथित लव जिहाद मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और भाजपा नेता किरीट सोमैया के अनुसार एक और नाबालिग लड़की भी सामने आई है। उनके दावे के मुताबिक, इस मामले में 100 से अधिक लड़कियों को निशाना बनाया गया है।
सोमैया ने कहा कि लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए और उसका वीडियो रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने इसे 'बड़ा रैकेट' बताते हुए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाए।
सतना में बजरंग दल का पहचान सत्यापन अभियान
मध्य प्रदेश के सतना में बजरंग दल ने नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में पहचान सत्यापन अभियान शुरू किया है। संगठन ने 'लव जिहाद से सावधान रहें' के पोस्टर लगाए हैं और आयोजकों से अनुरोध किया है कि प्रवेश से पहले प्रतिभागियों के पहचान पत्रों की जाँच की जाए।
बजरंग दल के एक कार्यकर्ता ने कहा कि देश में चल रही गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए गरबा पंडालों में पहचान जाँच की जा रही है। कार्यकर्ता के अनुसार, 'गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।' उन्होंने तर्क दिया, 'अगर ये लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते हैं तो इन्हें आने की क्या ज़रूरत है? हम भी तो इनके कार्यक्रमों में नहीं जाते हैं।'
कार्यकर्ता ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई गैर-हिंदू व्यक्ति गरबा में दिखाई देगा तो बजरंग दल कार्रवाई करेगा और इसके लिए संबंधित आयोजक ज़िम्मेदार होंगे।
वाराणसी में जगह-जगह पोस्टर
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी कई स्थानों पर पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें गैर-सनातनी लोगों से गरबा पंडालों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि नवरात्रि में माँ का स्मरण और पूजा होती है, और इस पवित्र अवसर पर डांडिया और गरबा का आयोजन भी होता है।
उनका आरोप है कि कई वर्षों से ऐसे आयोजनों में कुछ गैर-सनातनी लोग शामिल होकर 'गलत हरकतें' करते हैं। कार्यकर्ताओं ने गरबा और डांडिया आयोजकों के साथ-साथ गैर-सनातनी लोगों को भी चेतावनी दी कि वे इन आयोजनों से दूर रहें। उन्होंने कहा, 'हम सेवा, संस्कार और सुरक्षा के लिए काम करते हैं।'
व्यापक संदर्भ और प्रभाव
यह ऐसे समय में आया है जब देश में नवरात्रि उत्सव अपने चरम पर है और धार्मिक आयोजनों में भागीदारी के नियमों को लेकर हर साल विवाद उठते रहे हैं। गौरतलब है कि गरबा पंडालों में प्रवेश-प्रतिबंध की माँग पिछले कुछ वर्षों से एक आवर्ती घटना बन चुकी है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे अभियान सामाजिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यह धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।