दरभंगा में सब-इंस्पेक्टर को गोली मारी, आरोपी को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के दरभंगा जिले के ओझौल गाँव में शुक्रवार तड़के एक हिंसक घटना में सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद मोबिन को पेट में गोली लगी और कथित आरोपी सुनील साहनी को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। घायल अधिकारी को दरभंगा के अल्लापत्ती स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घटनाक्रम: कैसे हुई हिंसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुनील साहनी कथित तौर पर शुक्रवार सुबह लगभग 4:30 बजे कुछ साथियों के साथ गाँव पहुँचा। ग्रामीणों का आरोप है कि उसने मुहर्रम उत्सव से पूर्व इमामबाड़े के पास लगाई गई सजावटी बत्तियाँ तोड़ दीं, जिससे गाँव वालों से उसकी झड़प हो गई।
सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद मोबिन, जो पटना सिविल कोर्ट में तैनात हैं और दो दिन पहले छुट्टी पर अपने गाँव लौटे थे, कथित तौर पर स्थिति को शांत करने के लिए आगे आए। पुलिस सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, इसी दौरान सुनील साहनी ने गोली चला दी, जो अधिकारी के पेट में जा लगी।
भीड़ की हिंसा और बरामदगी
गोलीबारी के बाद ग्रामीणों ने कथित तौर पर आरोपी का पीछा किया और उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने सुनील साहनी पर धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जाँचकर्ताओं ने घटनास्थल से दो खाली कारतूस और खून से सना एक फरसा (पारंपरिक कुल्हाड़ीनुमा हथियार) बरामद किया है। घटना में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई पिस्तौल अभी लापता है — पुलिस का अनुमान है कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे घटनास्थल से ले गया।
पुराने विवाद की पृष्ठभूमि
स्थानीय निवासियों का दावा है कि सुनील साहनी से जुड़े तनाव कई वर्षों से चले आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग तीन साल पहले सुनील ने स्थानीय निवासी की बेटी सानिया से विवाह किया था, जो सब-इंस्पेक्टर मोबिन की रिश्तेदार बताई जाती हैं। कथित तौर पर परिवार ने इस विवाह का विरोध किया था। हालाँकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस पुराने विवाद का शुक्रवार की हिंसा से कोई सीधा संबंध है या नहीं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सुनील साहनी के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज थे और वह कथित तौर पर हाल के महीनों में अन्य हिंसक घटनाओं में भी शामिल रहा था, हालाँकि इन दावों की जाँच जारी है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने स्वयं ओझौल गाँव का दौरा किया और अधिकारियों को घटना के समय मृतक के साथ मौजूद अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। एक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। बहादुरपुर थाने की पुलिस सुनील के कथित सहयोगियों का पता लगाने के लिए छापेमारी कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और स्थिति
एहतियात के तौर पर ओझौल गाँव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्टमार्टम सुविधा के बाहर भी अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल गाँव में स्थिति नियंत्रण में है, जबकि गोलीबारी और उसके बाद हुई भीड़ की हत्या — दोनों की जाँच समानांतर रूप से जारी है।