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दीपेंद्र हुड्डा का आरोप: हरियाणा पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घरों में जाकर रोक रही है

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दीपेंद्र हुड्डा का आरोप: हरियाणा पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घरों में जाकर रोक रही है

सारांश

10 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन से ठीक पहले कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस कार्यकर्ताओं के घरों पर पहुँचकर उन्हें रोक रही है। एक महिला कार्यकर्ता के रोते बच्चों का जिक्र कर उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 9 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस , सीआईडी और सीआईए कार्यकर्ताओं के घरों पर जाकर उन्हें रोक रही है।
हुड्डा के अनुसार सुबह से उनके पास हजारों फोन कार्यकर्ताओं की शिकायत लेकर आए।
एक महिला कार्यकर्ता के बच्चों को कथित तौर पर माँ को वापस बुलाने के लिए कहा गया, जिससे बच्चे रो पड़े।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बैरिकेडिंग और मेट्रो स्टेशन बंद करने का ऐलान।
विपक्ष के 250 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर उनका इस्तीफा माँगना चाहते थे।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 9 अक्टूबर 2026 को गंभीर आरोप लगाए कि हरियाणा पुलिस, सीआईडी और सीआईए के कर्मचारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों पर जाकर उन्हें रोकने और हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं की आवाज इस तरह दबाई नहीं जा सकती।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

हुड्डा ने दावा किया कि सुबह से उनके पास हजारों फोन आ चुके हैं, जिनमें कार्यकर्ता पुलिस की कार्रवाई की शिकायत कर रहे हैं। उनके अनुसार, पुलिस और जाँच एजेंसियों के कर्मचारियों को अन्य कार्य छोड़कर विशेष रूप से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों पर जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यकर्ताओं से पूछा जा रहा है कि क्या वे दिल्ली जाकर सांसद से मिलेंगे या किसी आंदोलन में शामिल होंगे — और जो 'हाँ' कहते हैं, उन्हें कथित तौर पर रोका जा रहा है।

महिला कार्यकर्ता के परिवार का मामला

हुड्डा ने एक महिला कार्यकर्ता का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि जब वह दिल्ली में थीं, उसी दौरान पुलिस उनके घर पहुँची और उनके बच्चों से कहा कि वे अपनी माँ को वापस बुला लें। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद बच्चे रो रहे थे और परिवार की ओर से लगातार फोन आ रहे थे। सांसद ने इस प्रकार की कार्रवाई को 'बेहद दुखद' करार दिया।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और बैरिकेडिंग पर प्रतिक्रिया

10 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले शहर में जगह-जगह बैरिकेडिंग किए जाने और कुछ मेट्रो स्टेशनों के बंद रखने के ऐलान पर हुड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के 250 सांसदों को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पहले ही मिलने की अनुमति दे दी जाती, जब वे उनसे मिलकर इस्तीफे की माँग करना चाहते थे, तो आज यह स्थिति नहीं बनती।

लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल

हुड्डा ने प्रश्न उठाया कि पुलिस को कार्यकर्ताओं के घरों में जाकर उन्हें रोकने की अनुमति किसने दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी मांगें रखना चाहता है, लेकिन जब जनप्रतिनिधियों को भी अपनी बात कहने का मौका नहीं मिलता, तो वे अपनी शिकायतें लेकर कहाँ जाएँ। उनकी चेतावनी थी कि पुलिसिया दबाव से जनता की आवाज को बंद नहीं किया जा सकता। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जो पैटर्न उभर रहा है वह चिंताजनक है — विपक्ष का एक बड़ा प्रदर्शन रोकने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल, चाहे बैरिकेडिंग के रूप में हो या जाँच एजेंसियों के कर्मचारियों को 'घर-घर भेजने' के रूप में। असली सवाल यह है कि हरियाणा सरकार इन आरोपों का सार्वजनिक और तथ्यात्मक खंडन क्यों नहीं करती। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों के बीच यदि विपक्ष को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार भी बाधित लगे, तो संस्थागत जवाबदेही की बहस और तीखी होगी।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया है कि हरियाणा पुलिस, सीआईडी और सीआईए के कर्मचारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों पर जाकर उन्हें दिल्ली आने और आंदोलन में शामिल होने से रोक रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश बताया है।
10 अक्टूबर का जंतर-मंतर प्रदर्शन किस मुद्दे पर है?
विपक्षी दल के करीब 250 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग करना चाहते हैं। जब उन्हें पहले मुलाकात की अनुमति नहीं मिली, तो 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई गई।
क्या हरियाणा सरकार या पुलिस ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार या पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ये आरोप कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की ओर से 9 अक्टूबर को लगाए गए हैं।
दिल्ली में बैरिकेडिंग और मेट्रो बंद करने का क्या कारण बताया गया है?
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और कुछ मेट्रो स्टेशन बंद रखने का ऐलान किया गया। हुड्डा ने इसे अनावश्यक बताते हुए कहा कि यदि पहले सांसदों को चुनाव आयुक्त से मिलने की अनुमति मिल जाती तो यह स्थिति नहीं बनती।
क्या विपक्षी सांसदों को चुनाव आयुक्त से मिलने की अनुमति मिली थी?
हुड्डा के अनुसार, विपक्ष के 250 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर इस्तीफे की माँग रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें तब यह अवसर नहीं मिला। इसी कारण अब जंतर-मंतर पर सड़क प्रदर्शन की नौबत आई।
राष्ट्र प्रेस
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