धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने 20 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध की आवाज़ को दबा रही है।
मुख्य आरोप और मांगें
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार न तो सड़कों पर नागरिकों को अपनी बात रखने दे रही है और न ही संसद में विपक्ष को अपनी आवाज़ उठाने का अवसर दे रही है। उन्होंने कहा, 'संसद का भी गला घोंटा जा रहा है और सड़क का भी — यह लोकतंत्र नहीं हो सकता।' यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) ने मांग की है कि परीक्षा प्रणाली का प्रत्येक स्तर पर स्वतंत्र और समयबद्ध ऑडिट कराया जाए।
पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताएँ
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में रिकॉर्ड स्तर पर पेपर लीक की घटनाएँ सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि केवल NEET ही नहीं, बल्कि विभिन्न सेवा आयोगों और भर्ती एजेंसियों की परीक्षाओं में भी लगातार अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। हुड्डा के अनुसार, देश में बड़े स्तर पर पेपर लीक माफिया सक्रिय है, लेकिन सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
छात्रों पर असर और गंभीर चिंताएँ
हुड्डा ने यह भी कहा कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और भविष्य को लेकर उत्पन्न निराशा के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या जैसे कदम उठाए हैं। उनके अनुसार, इन घटनाओं का सबसे अधिक नुकसान मेहनती छात्रों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने माँग की कि संसद में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।
राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' अभियान
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोटा और देहरादून में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रमों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया था। हुड्डा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की आवाज़ को संसद से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी और इस संघर्ष को तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाने का प्रयास जारी रखेगी।
सरकार की स्थिति और आगे की राह
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन तेज़ हो रहे हैं। पवन खेड़ा ने राम मंदिर से जुड़े मामलों का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय चर्चा से बच रही है। कांग्रेस ने माँग की है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं होते, छात्रों का भरोसा बहाल नहीं हो सकेगा।