21 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला

सारांश

जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन की आड़ में कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर दोहरा हमला बोला — लोकतंत्र को कुचलने और 12 वर्षों में पेपर लीक माफिया को पनाह देने का। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग के साथ पार्टी ने संसद और सड़क दोनों मोर्चों पर दबाव बनाने की रणनीति स्पष्ट की।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने 20 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
हुड्डा ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में रिकॉर्ड स्तर पर पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं।
NSUI और यूथ कांग्रेस ने परीक्षा प्रणाली का स्वतंत्र और समयबद्ध ऑडिट कराने की माँग की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार जंतर-मंतर पर छात्रों के लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कोटा और देहरादून में परीक्षा पारदर्शिता की वकालत की थी।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने 20 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध की आवाज़ को दबा रही है।

मुख्य आरोप और मांगें

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार न तो सड़कों पर नागरिकों को अपनी बात रखने दे रही है और न ही संसद में विपक्ष को अपनी आवाज़ उठाने का अवसर दे रही है। उन्होंने कहा, 'संसद का भी गला घोंटा जा रहा है और सड़क का भी — यह लोकतंत्र नहीं हो सकता।' यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) ने मांग की है कि परीक्षा प्रणाली का प्रत्येक स्तर पर स्वतंत्र और समयबद्ध ऑडिट कराया जाए।

पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताएँ

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में रिकॉर्ड स्तर पर पेपर लीक की घटनाएँ सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि केवल NEET ही नहीं, बल्कि विभिन्न सेवा आयोगों और भर्ती एजेंसियों की परीक्षाओं में भी लगातार अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। हुड्डा के अनुसार, देश में बड़े स्तर पर पेपर लीक माफिया सक्रिय है, लेकिन सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।

छात्रों पर असर और गंभीर चिंताएँ

हुड्डा ने यह भी कहा कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और भविष्य को लेकर उत्पन्न निराशा के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या जैसे कदम उठाए हैं। उनके अनुसार, इन घटनाओं का सबसे अधिक नुकसान मेहनती छात्रों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने माँग की कि संसद में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।

राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' अभियान

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोटा और देहरादून में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रमों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया था। हुड्डा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की आवाज़ को संसद से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी और इस संघर्ष को तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाने का प्रयास जारी रखेगी।

सरकार की स्थिति और आगे की राह

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन तेज़ हो रहे हैं। पवन खेड़ा ने राम मंदिर से जुड़े मामलों का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय चर्चा से बच रही है। कांग्रेस ने माँग की है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं होते, छात्रों का भरोसा बहाल नहीं हो सकेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो किसी भी सरकार — केंद्र या राज्य — ने स्वतंत्र जाँच तंत्र क्यों नहीं बनाया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से परीक्षा माफिया का नेटवर्क नहीं टूटेगा; जब तक जाँच एजेंसियों को राजनीतिक दबाव से मुक्त नहीं किया जाता, यह चक्र जारी रहेगा। विपक्ष की माँगें जायज़ हैं, लेकिन 'छात्रों की गूंज' अभियान को ठोस विधायी प्रस्तावों में बदले बिना यह भी एक और राजनीतिक नारा बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों माँगा है?
कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाएँ थमी नहीं हैं और हर वर्ष किसी न किसी परीक्षा में अनियमितता सामने आती है। पार्टी का कहना है कि जब तक मंत्री जवाबदेह नहीं होंगे, परीक्षा प्रणाली में सुधार संभव नहीं है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किस बात को लेकर हो रहा है?
जंतर-मंतर पर छात्र परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार इस लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।
पिछले 12 वर्षों में पेपर लीक की कितनी घटनाएँ हुई हैं?
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के अनुसार पिछले 12 वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में रिकॉर्ड स्तर पर पेपर लीक की घटनाएँ सामने आई हैं। हालाँकि उन्होंने कोई सटीक संख्या नहीं दी; यह कांग्रेस का दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
'छात्रों की गूंज' अभियान क्या है?
यह राहुल गांधी द्वारा शुरू किया गया अभियान है, जिसके तहत कोटा और देहरादून जैसे शहरों में छात्रों से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इसका उद्देश्य परीक्षा पारदर्शिता और शिक्षा सुधार की माँगों को राष्ट्रीय एजेंडे पर लाना है।
कांग्रेस की परीक्षा सुधार से जुड़ी प्रमुख माँगें क्या हैं?
कांग्रेस की माँगें हैं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा प्रणाली का प्रत्येक स्तर पर स्वतंत्र और समयबद्ध ऑडिट, तथा संसद में शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत बहस। NSUI और यूथ कांग्रेस इन माँगों को लगातार उठा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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