दिल्ली आंधी-तूफान: ट्रैफिक पुलिस ने रातभर 42 शिकायतों पर की कार्रवाई, सुबह तक सड़कें साफ
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 9 जून की देर शाम अचानक आए तेज धूल भरे तूफान और उसके बाद आधी रात को बिगड़े मौसम ने राजधानी के यातायात तंत्र को बुरी तरह प्रभावित किया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय करते हुए रातभर राहत अभियान चलाया और 10 जून की सुबह होने तक अधिकांश प्रमुख मार्गों को यातायात के लिए बहाल कर दिया।
तूफान का असर: क्या-क्या हुआ नुकसान
तेज हवाओं के कारण शहर के कई हिस्सों में पेड़ उखड़ गए और बड़ी-बड़ी शाखाएँ सड़कों पर आ गिरीं। कई होर्डिंग क्षतिग्रस्त हो गए और बिजली के खंभे भी धराशायी हो गए। इन घटनाओं के चलते कई प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित हो गया और नागरिकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा।
ट्रैफिक पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने सभी चार डिजास्टर मैनेजमेंट वाहन प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किए। 9 और 10 जून की रात के दौरान विभाग को पेड़ गिरने और सड़क अवरुद्ध होने से संबंधित कुल 42 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन सभी पर तत्काल कार्रवाई की गई।
संयुक्त अभियान: पीसीआर और नागरिक एजेंसियाँ साथ
ट्रैफिक पुलिस ने पूरी रात पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) की टीमों और अन्य नागरिक एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए काम किया। विशेष टीमों ने सड़कों पर गिरे पेड़ों और टहनियों को हटाया, मलबा साफ किया और जहाँ आवश्यक था, वहाँ भारी पेड़ों को काटकर मार्ग खोला गया।
आम जनता पर असर
संयुक्त प्रयासों का नतीजा यह रहा कि सुबह के व्यस्त घंटों से पहले ही अधिकांश प्रमुख मार्ग साफ हो गए। समय रहते की गई कार्रवाई के कारण लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति नहीं बनी और सुबह के यात्रियों को अपेक्षाकृत कम परेशानी उठानी पड़ी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में मानसून पूर्व तूफानों की आवृत्ति बढ़ रही है और शहरी आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारी लगातार परखी जा रही है।
विभाग की प्रतिबद्धता
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए विभाग भविष्य में भी पूरी तत्परता से कार्य करता रहेगा।