13 अक्टूबर 2026
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दिल्ली IFSO की पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स पर कार्रवाई, 4 एफआईआर दर्ज; 500 भ्रामक पोस्ट हटाए

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दिल्ली IFSO की पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स पर कार्रवाई, 4 एफआईआर दर्ज; 500 भ्रामक पोस्ट हटाए

सारांश

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ 4 से अधिक एफआईआर दर्ज कर करीब 500 भ्रामक पोस्ट हटाए — यह साइबर सूचना-युद्ध के खिलाफ भारत की बड़ी कार्रवाई है। साथ ही केरल कांग्रेस के CJI पर पोस्ट से अवमानना विवाद भी गहरा गया है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस IFSO यूनिट ने पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ 4 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं।
10 अक्टूबर को पाकिस्तानी हैंडलों से प्रदर्शन में मौतों की झूठी खबरें फैलाई गई थीं।
अब तक करीब 500 भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट हटाए जा चुके हैं।
12 अक्टूबर के प्रदर्शन पर BNSS धारा 163 सहित अन्य धाराओं में 4 एफआईआर — तिलक मार्ग (2), मंदिर मार्ग (1), बाराखंभा (1) थानों में दर्ज।
केरल कांग्रेस के CJI सूर्यकांत पर एक्स पोस्ट को लेकर वकील विनीत जिंदल ने आपराधिक अवमानना कार्रवाई की माँग की।

दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने 13 अक्टूबर 2026 को झूठे नैरेटिव फैलाकर देश में अशांति फैलाने वाले पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ 4 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक करीब 500 सोशल मीडिया पोस्ट हटाए जा चुके हैं जो अफवाहें फैला रहे थे या सांप्रदायिक अशांति भड़काने की कोशिश कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया के ज़रिए सीमा पार से भारत-विरोधी माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया हैंडलों से नई दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की मौत की झूठी खबरें पोस्ट की गई थीं। कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे लोग भारतीय नामों से फर्जी अकाउंट बनाकर भ्रामक वीडियो और झूठी सूचनाएँ प्रसारित कर रहे थे।

IFSO यूनिट ने इन सक्रिय हैंडलों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्यवाही शुरू की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ऐसे कई पाकिस्तानी हैंडलों की आईडी को ट्रैक किया गया और आवश्यक तकनीकी कदम उठाए गए।

एफआईआर का विवरण

12 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन के सिलसिले में कुल 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये एफआईआर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के उल्लंघन सहित अन्य धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 2 एफआईआर तिलक मार्ग थाने में, 1 एफआईआर मंदिर मार्ग थाने में और 1 एफआईआर बाराखंभा थाने में दर्ज हुई है। कनॉट प्लेस क्षेत्र में BNSS के उल्लंघन पर भी एक एफआईआर की बात कही जा रही है।

केरल कांग्रेस पोस्ट विवाद

इस बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की केरल इकाई के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नया विवाद उठ खड़ा हुआ है। केरल कांग्रेस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट किया था जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया। पोस्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को संबोधित करते हुए कथित तौर पर लिखा गया था — 'डियर सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था संभालना आपके बस की बात नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दें। हम आपकी जगह किसी ऐसे व्यक्ति को ले आएंगे जो इसे संभाल सके।'

सर्वोच्च न्यायालय के वकील विनीत जिंदल ने इस पोस्ट और सर्वोच्च न्यायालय परिसर में हुए प्रदर्शन एवं नारेबाज़ी को लेकर CJI सूर्यकांत को शिकायत दी है। उन्होंने अनुरोध किया है कि इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

साइबर कानून विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा पार से फर्जी पहचान बनाकर भारत में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की यह रणनीति नई नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब नई दिल्ली में कई संवेदनशील प्रदर्शन हो चुके हैं और सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं। गौरतलब है कि IFSO यूनिट इस तरह की साइबर गतिविधियों की निगरानी में विशेषज्ञता रखती है।

वकील जिंदल ने सर्वोच्च न्यायालय की सुरक्षा और सुचारू कामकाज पर भी चिंता जताई है, और माँग की है कि यह जाँची जाए कि उक्त पोस्ट तथा परिसर में प्रदर्शन कानून के तहत कार्रवाई योग्य है या नहीं।

आगे क्या होगा

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट पाकिस्तानी हैंडलों की पहचान और उनके नेटवर्क की जाँच जारी रखे हुए है। केरल कांग्रेस की अवमानना शिकायत पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने या न लेने का निर्णय आने वाले दिनों में अपेक्षित है। डिजिटल माहौल में भारत-विरोधी सूचना-युद्ध से निपटने की यह कोशिश दर्शाती है कि साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे वह राजनीतिक हताशा से ही क्यों न हो, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करता है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली IFSO यूनिट ने पाकिस्तानी हैंडल्स पर क्या कार्रवाई की?
दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने झूठे नैरेटिव फैलाने वाले पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ 4 से अधिक एफआईआर दर्ज कीं और करीब 500 भ्रामक पोस्ट हटाए। पाकिस्तान में बैठे लोगों द्वारा भारतीय नामों से फर्जी अकाउंट बनाकर झूठी खबरें फैलाई जा रही थीं।
10 अक्टूबर को पाकिस्तानी हैंडलों ने क्या झूठी खबर फैलाई थी?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 10 अक्टूबर को पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडलों से नई दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की मौत की झूठी खबरें पोस्ट की गई थीं। ये पोस्ट भारत में अशांति और सांप्रदायिक तनाव फैलाने के उद्देश्य से की गई थीं।
12 अक्टूबर के प्रदर्शन पर कितनी और कहाँ एफआईआर दर्ज हुई हैं?
12 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन पर BNSS धारा 163 सहित अन्य धाराओं के तहत कुल 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से 2 तिलक मार्ग थाने में, 1 मंदिर मार्ग थाने में और 1 बाराखंभा थाने में दर्ज हुई हैं।
केरल कांग्रेस के पोस्ट पर CJI अवमानना विवाद क्या है?
केरल कांग्रेस ने एक्स पर एक पोस्ट किया था जिसमें कथित तौर पर CJI सूर्यकांत को इस्तीफा देने की बात कही गई थी, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया। सर्वोच्च न्यायालय के वकील विनीत जिंदल ने CJI से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर आपराधिक अवमानना कार्रवाई शुरू करने की माँग की है।
IFSO यूनिट क्या काम करती है?
IFSO यानी इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस दिल्ली पुलिस की साइबर और खुफिया इकाई है जो साइबर अपराध, सोशल मीडिया पर अफवाहों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े डिजिटल खतरों से निपटती है। यह यूनिट सीमा पार से संचालित फर्जी सोशल मीडिया नेटवर्क की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई में विशेषज्ञता रखती है।
राष्ट्र प्रेस
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