दिल्ली की हरियाली की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: सीएम रेखा गुप्ता ने उठाए ऐतिहासिक कदम
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार ने पेड़ों से जुड़े अपराधों का सामना करने के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। मुख्यमंत्री ने इसे दिल्ली की हरियाली की रक्षा और पेड़ संरक्षण कानूनों के सख्त प्रवर्तन की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट 1994 की धारा 33 के तहत यह एसओपी अधिसूचित की गई है। इसके अंतर्गत पेड़ों की अवैध कटाई, क्षति और अनधिकृत गतिविधियों की रोकथाम के लिए एक मजबूत, पारदर्शी और समयबद्ध तंत्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस एसओपी के लागू होने से कानून उल्लंघन के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि एसओपी के अंतर्गत एक त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की गई है, जिससे नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल और ऑफलाइन माध्यमों से शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। सभी शिकायतें वास्तविक समय में संबंधित अधिकारियों तक भेजी जाएंगी, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। मुख्यालय और डिवीजन स्तर पर क्विक रिस्पॉन्स टीमें (क्यूआरटी) मौके पर पहुंचकर आगे होने वाले नुकसान को रोकेंगी और साक्ष्य का वैज्ञानिक संकलन करेंगी।
रेखा गुप्ता ने कहा कि एसओपी के तहत फील्ड स्तर पर प्रवर्तन को और सशक्त बनाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों को उल्लंघनों को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने के अधिकार प्राप्त हैं। इससे पेड़ संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 घंटे निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर फॉरेस्ट कंट्रोल रूम और डिवीजन स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। ये चौबीसों घंटे कार्य करेंगे और शिकायतों की निरंतर निगरानी करेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने ग्रीन हेल्पलाइन नंबर 1800118600 को फिर से सक्रिय किया है। इसे व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसका उपयोग कर सकें। यह पोर्टल शिकायत दर्ज करने और उसकी प्रगति की निगरानी का सुलभ मंच प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘प्रकृति के साथ विकास’ का उनका दृष्टिकोण देश के लिए प्रेरणास्रोत है। हरित भारत और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार भी ठोस कदम उठा रही है। यह एसओपी आगामी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार राजधानी की हरित संपदा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पेड़ संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं और किसी भी उल्लंघन की सूचना तुरंत संबंधित तंत्र को दें, ताकि प्रभावी कदम उठाए जा सकें।