क्या दिल्ली मेट्रो के मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर को मिलेगा प्रतिष्ठित आईसीआई पुरस्कार?

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क्या दिल्ली मेट्रो के मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर को मिलेगा प्रतिष्ठित आईसीआई पुरस्कार?

सारांश

दिल्ली मेट्रो ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित आईसीआई पुरस्कार मिलने जा रहा है। यह पुरस्कार कंक्रीट संरचनाओं में उत्कृष्टता के लिए दिया जाएगा। जानिए इस कॉरिडोर के महत्व और इसके निर्माण में इस्तेमाल की गई तकनीक के बारे में।

मुख्य बातें

दिल्ली मेट्रो का मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर देश का पहला सर्कुलर रिंग मेट्रो लाइन बनेगा।
आईसीआई पुरस्कार कंक्रीट संरचनाओं की गुणवत्ता को मान्यता देता है।
प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट तकनीक का उपयोग मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
यह कॉरिडोर उत्तर-पूर्व दिल्ली के घनी आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ेगा।
दिल्ली मेट्रो ने सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। चेन्नई स्थित इंडियन कंक्रीट इंस्टिट्यूट (आईसीआई) ने डीएमआरसी को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित आईसीआई पुरस्कार देने की घोषणा की है।

यह सम्मान मौजपुर को मजलिस पार्क से जोड़ने वाली मेट्रो कॉरिडोर को “देश में उत्कृष्ट प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट संरचना पुरस्कार” श्रेणी में प्रदान किया जाएगा। डीएमआरसी को दिसंबर में हैदराबाद में आयोजित होने वाले पंचवर्षीय सम्मेलन एसीकॉन के दौरान औपचारिक रूप से यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के विस्तार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मौजूदा पिंक लाइन का विस्तार है और पूरा होने पर यह देश की पहली सर्कुलर रिंग मेट्रो लाइन बनेगा।

इससे दिल्ली की कनेक्टिविटी में परिवर्तनकारी बदलाव आएगा। यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में कम समय लगेगा और ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी। यह कॉरिडोर उत्तर-पूर्व दिल्ली के घनी आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ेगा, जिससे लाखों लोगों को लाभ होगा।

आईसीआई पुरस्कार कंक्रीट संरचनाओं में उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया जाता है। मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर में प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट तकनीक का उपयोग किया गया है, जो मजबूती, टिकाऊपन और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

इस तकनीक से लंबे स्पैन वाले पुल और ऊंची संरचनाएं बनाई जाती हैं, जो भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर सकती हैं। डीएमआरसी की इंजीनियरिंग टीम ने डिजाइन, निर्माण और गुणवत्ता में उच्च मानक बनाए रखा, जिसके कारण यह सम्मान मिला।

डीएमआरसी के अनुसार, यह पुरस्कार पूरी टीम की मेहनत का सम्मान है। दिल्ली मेट्रो अब तक 390 किलोमीटर से ज्यादा का नेटवर्क बना चुकी है और चौथा चरण पूरा होने पर यह 450 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा।

मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसे जल्द ही यात्रियों के लिए खोला जाएगा। दिल्ली में मेट्रो ने सार्वजनिक परिवहन को बदलने का कार्य किया है और प्रदूषण को कम करने में भी अहम योगदान दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईसीआई पुरस्कार क्या है?
आईसीआई पुरस्कार कंक्रीट संरचनाओं में उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए दिया जाता है।
मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर का महत्व क्या है?
यह कॉरिडोर दिल्ली की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने में मदद करेगा।
डीएमआरसी का नेटवर्क कितना बड़ा है?
डीएमआरसी ने अब तक 390 किलोमीटर से ज्यादा का नेटवर्क बना लिया है, जो चौथे चरण के बाद 450 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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