दिल्ली-एनसीआर में लगातार दूसरे दिन भारी बारिश: 18 फ्लाइट्स रद्द, 146 लेट; AIIMS-ITO समेत दर्जनों इलाके जलमग्न
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 25 अगस्त 2026 को लगातार दूसरे दिन भारी बारिश ने दिल्ली-एनसीआर की जनजीवन व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कम से कम 18 फ्लाइट्स रद्द हुईं और 146 उड़ानें विलंबित रहीं, जबकि राजधानी के दर्जनों अहम इलाकों में जलभराव से यातायात ठप हो गया।
मुख्य घटनाक्रम
कुशक रोड, राजोकरी गाँव, आईटीओ, कॉपरनिकस मार्ग, कनॉट प्लेस और राजाजी मार्ग सहित दिल्ली के कई प्रमुख क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न हो गईं। राम मनोहर लोहिया अस्पताल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), अशोक रोड और सर्वोच्च न्यायालय के आसपास भी पानी भर गया। AIIMS के समीप फ्लाईओवर लूप पर गंभीर जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
हवाई यातायात पर असर
फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइटरडार24 के आँकड़ों के अनुसार, मंगलवार 25 अगस्त को दिल्ली हवाई अड्डे पर 18 उड़ानें रद्द की गईं और 146 उड़ानें देरी से संचालित हुईं। इससे एक दिन पहले सोमवार 24 अगस्त को स्थिति और भी गंभीर थी — 26 फ्लाइट्स रद्द हुईं, 15 उड़ानें अन्य शहरों की ओर डायवर्ट की गईं और 390 से अधिक उड़ानें विलंबित रहीं।
बारिश के आँकड़े सामान्य से कहीं ऊपर
इस मानसून में दिल्ली में औसत से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई है। 24 अगस्त तक के आँकड़ों के अनुसार, सफदरजंग में सामान्य 191.1 मिमी के मुकाबले 246.2 मिमी बारिश हुई — यानी 29 फीसदी अधिक। पालम में 227.2 मिमी (28 फीसदी अधिक) और लोदी रोड पर 233.2 मिमी (22 फीसदी अधिक) वर्षा रिकॉर्ड की गई।
गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम का निर्देश
सोमवार की भारी बारिश के मद्देनज़र जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गुरुग्राम ने मंगलवार के लिए सभी कॉर्पोरेट कार्यालयों, सरकारी विभागों और निजी शैक्षणिक संस्थानों को वर्क फ्रॉम होम तथा ऑनलाइन कक्षाएँ संचालित करने का निर्देश दिया। यह कदम मुख्य सड़कों पर यातायात का बोझ कम करने और नागरिकों को आवागमन की परेशानी से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून का मौसम अभी चरम पर है और आने वाले दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। गौरतलब है कि दिल्ली की जल-निकासी व्यवस्था पर हर मानसून में सवाल उठते रहे हैं, और इस बार भी AIIMS व सर्वोच्च न्यायालय जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव ने उन चिंताओं को फिर उजागर किया है। प्रशासन की ओर से राहत व निकासी कार्य जारी बताया जा रहा है।