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दिल्ली पुलिस का एंटी-ड्रग अभियान: शाहदरा में हॉटस्पॉट चिह्नित, नेटवर्क तोड़ने पर जोर

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दिल्ली पुलिस का एंटी-ड्रग अभियान: शाहदरा में हॉटस्पॉट चिह्नित, नेटवर्क तोड़ने पर जोर

सारांश

दिल्ली पुलिस का एंटी-ड्रग अभियान अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं — शाहदरा में हॉटस्पॉट चिह्नित कर तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को नष्ट करने की रणनीति अपनाई गई है। तीन बड़ी बरामदगियों के बाद डीसीपी मीणा का संदेश साफ है: 'नशा कूल नहीं है।'

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने नशा मुक्त भारत मिशन के तहत शाहदरा जिले में एंटी-ड्रग अभियान तेज किया है।
शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि जिले में अब तक तीन बार बड़ी व्यावसायिक बरामदगी हो चुकी है।
समर्पित एंटी-नार्को स्क्वाड हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर निगरानी रख रहा है और ड्रग पेडलर्स के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर रहा है।
तस्करों के वित्तीय ढाँचे को ध्वस्त करना अभियान की सर्वोच्च प्राथमिकता बताई गई है।
एनजीओ के सहयोग से झुग्गी क्लस्टर , स्कूलों और PG आवासों में जागरूकता अभियान जारी है।
गृह मंत्री और पुलिस कमिश्नर ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया है।

नई दिल्ली, 3 जुलाई 2025नशा मुक्त भारत मिशन के तहत दिल्ली पुलिस ने ड्रग तस्करों और उनके नेटवर्क के विरुद्ध अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने शुक्रवार को बताया कि गिरफ्तारी, जागरूकता अभियान और वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की त्रिस्तरीय रणनीति के जरिए यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी

डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि शाहदरा जिले में ड्रग तस्करी के संवेदनशील इलाकों — यानी 'हॉटस्पॉट' — को चिह्नित कर लिया गया है और उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि चिह्नित ड्रग पेडलर्स के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। जिले में अब तक तीन बार बड़ी व्यावसायिक बरामदगी हो चुकी है, जिनमें भारी मात्रा में ड्रग्स और नारकोटिक्स जब्त किए गए हैं।

एंटी-नार्को स्क्वाड की भूमिका

पुलिस ने इस अभियान के लिए विशेष टीमें गठित की हैं, जिनमें एक समर्पित एंटी-नार्को स्क्वाड शामिल है। इस दल का प्राथमिक दायित्व है कि वह हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर निरंतर नजर रखे और सक्रिय ड्रग पेडलर्स के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करे। डीसीपी मीणा ने स्पष्ट किया कि केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि तस्करों के वित्तीय ढाँचे को नष्ट करना इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है — क्योंकि उनके अनुसार, नेटवर्क तभी टूटेगा जब उसकी आर्थिक नींव खत्म होगी।

झुग्गी-बस्तियों में जागरूकता अभियान

कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता को भी समान महत्व दिया जा रहा है। डीसीपी ने बताया कि कई एनजीओ के सहयोग से झुग्गी क्लस्टर और कच्ची बस्ती जैसे अधिक प्रभावित इलाकों में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है। स्कूलों और पेइंग गेस्ट आवासों (PG) में भी बच्चों और युवाओं को नशे के खतरों से आगाह करना दैनिक कार्ययोजना का हिस्सा बना दिया गया है।

सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति

डीसीपी मीणा ने यह भी बताया कि गृह मंत्री और पुलिस कमिश्नर दोनों इस मुद्दे पर पूरी तरह गंभीर हैं और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने नशे को एक ऐसी सामाजिक बुराई बताया जो वर्तमान और भावी पीढ़ियों दोनों को नुकसान पहुँचा रही है।

जनता से अपील

डीसीपी मीणा ने आम नागरिकों से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। उन्होंने कहा, 'नशा कूल नहीं है।' यह अभियान आने वाले समय में और व्यापक रूप लेने की संभावना है, जिसमें अधिक जिलों को इस मॉडल के तहत जोड़ा जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करना — सही दिशा में एक कदम है, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की निरंतरता में है। देश के कई शहरों में ऐसे अभियान शुरू होते हैं और चुनावी मौसम या मीडिया दबाव कम होते ही धीमे पड़ जाते हैं। झुग्गी-बस्तियों में जागरूकता की पहल सराहनीय है, लेकिन पुनर्वास और नशामुक्ति उपचार की उपलब्धता के बिना यह अधूरी रहेगी। जब तक गिरफ्तारी के आँकड़े सार्वजनिक और सत्यापन-योग्य नहीं होते, 'जीरो टॉलरेंस' एक नारे से अधिक नहीं बन पाता।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस का एंटी-ड्रग अभियान क्या है?
यह नशा मुक्त भारत मिशन के तहत चलाया जा रहा अभियान है, जिसमें ड्रग पेडलर्स की गिरफ्तारी, हॉटस्पॉट पर निगरानी और तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को नष्ट करना शामिल है। शाहदरा जिले में अब तक तीन बड़ी बरामदगियाँ हो चुकी हैं।
शाहदरा में एंटी-नार्को स्क्वाड क्या काम करता है?
एंटी-नार्को स्क्वाड का प्राथमिक कार्य हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर निरंतर निगरानी रखना और सक्रिय ड्रग पेडलर्स के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करना है। यह दल चिह्नित तस्करों से बरामदगी कर उन पर मुकदमे दर्ज करता है।
दिल्ली पुलिस ड्रग नेटवर्क तोड़ने के लिए क्या रणनीति अपना रही है?
डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के अनुसार, सबसे प्रभावी तरीका तस्करों के वित्तीय ढाँचे को नष्ट करना है। उनका मानना है कि जब तक आर्थिक नींव नहीं टूटती, तब तक ड्रग नेटवर्क पूरी तरह समाप्त नहीं होगा।
जागरूकता अभियान किन इलाकों में चलाया जा रहा है?
एनजीओ के सहयोग से झुग्गी क्लस्टर और कच्ची बस्तियों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, क्योंकि इन क्षेत्रों में नशे का प्रभाव अधिक पाया गया है। स्कूलों और पेइंग गेस्ट आवासों में भी बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
नशा मुक्त भारत मिशन में आम नागरिक कैसे योगदान दे सकते हैं?
डीसीपी मीणा ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सामाजिक जागरूकता ही नशा मुक्त भारत की नींव है।
राष्ट्र प्रेस
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