16 अक्टूबर 2026
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दिल्ली पुलिस का अभिजीत दिपके को नोटिस, 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस प्रदर्शन पर रोक

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दिल्ली पुलिस का अभिजीत दिपके को नोटिस, 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस प्रदर्शन पर रोक

सारांश

दिल्ली पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन से रोकने के लिए नोटिस जारी किया। बिना अनुमति भीड़ जुटाने पर यातायात, सुरक्षा और 15 लाख से अधिक व्यापारियों की आजीविका पर असर का हवाला दिया गया।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन न करने का नोटिस जारी किया।
सोशल मीडिया पर शाम 5 बजे भीड़ जुटाने की अपील की गई थी, लेकिन कोई कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी।
राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से प्रतिदिन औसतन 2 लाख यात्री गुज़रते हैं; भीड़ से भगदड़ और जाम का खतरा बताया गया।
नोटिस में 15 लाख से अधिक व्यापारियों और कर्मचारियों की आजीविका पर संभावित प्रभाव का उल्लेख है।
प्रतिबंधात्मक आदेश BNSS धारा 163 के तहत लागू; उल्लंघन पर BNS धारा 223 के तहत कार्रवाई की चेतावनी।
पुलिस ने पिछले CJP प्रदर्शनों में अनुमति शर्तों के उल्लंघन और संपत्ति को नुकसान का भी हवाला दिया।

दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक एवं संयोजक अभिजीत दिपके को एक औपचारिक नोटिस जारी किया, जिसमें उन्हें कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन से बाज़ आने का निर्देश दिया गया है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में जुटने की अपील की गई थी, लेकिन इसके लिए कोई कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी।

नोटिस जारी होने की पृष्ठभूमि

दिल्ली पुलिस ने यह नोटिस दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के संदर्भ में जारी किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कनॉट प्लेस कोई अधिसूचित प्रदर्शन स्थल नहीं है और बिना अनुमति वहाँ भीड़ जुटाना कानूनन प्रतिबंधित है। नोटिस में मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत संघ मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला भी दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति देते समय यातायात व्यवधान और सार्वजनिक शांति पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखना अनिवार्य है।

कनॉट प्लेस में भीड़ से संभावित खतरे

नोटिस में पुलिस ने विस्तार से बताया कि कनॉट प्लेस की गोलाकार सड़कें और प्रवेश-निकास के सीमित मार्ग भीड़ की स्थिति में सुरक्षित निकासी को बेहद कठिन बना देते हैं। इससे यातायात जाम, आपात स्थिति और भगदड़ जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।

राजीव चौक मेट्रो स्टेशन — जो ब्लू और येलो लाइन को जोड़ता है — से प्रतिदिन औसतन लगभग 2 लाख यात्री सफर करते हैं। नोटिस के अनुसार, अनियंत्रित भीड़ से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसके अलावा, इलाके में पुरानी इमारतों और संकरी सर्विस लेन के कारण दमकल और एंबुलेंस की आवाजाही भी बाधित हो सकती है।

व्यावसायिक और आर्थिक प्रभाव

पुलिस ने नोटिस में कहा है कि कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में दुकानें, शोरूम, रेस्टोरेंट, होटल, बैंक और कार्यालय स्थित हैं। बिना अनुमति प्रदर्शन होने से 15 लाख से अधिक व्यापारियों और कर्मचारियों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। नोटिस में यह भी रेखांकित किया गया है कि कनॉट प्लेस से जुड़ी प्रमुख सड़कें मध्य दिल्ली के यातायात की जीवनरेखा हैं।

सुरक्षा संबंधी चिंताएँ

नोटिस में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि कनॉट प्लेस संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय और राजनयिक क्षेत्रों के नजदीक है। अतः किसी भी बड़ी भीड़ के इन संवेदनशील इलाकों की ओर बढ़ने की स्थिति में कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि CJP के पिछले प्रदर्शनों में अनुमति की शर्तों का उल्लंघन किया गया था और संसद की ओर मार्च की कथित अपीलों के बाद हिंसा एवं सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचा था।

कानूनी प्रावधान और आगे की कार्रवाई

नोटिस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेशों का हवाला दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली पुलिस अधिनियम, 1978 की धाराओं 29, 30, 31, 32 और 33 के अंतर्गत अभिजीत दिपके को कनॉट प्लेस में किसी भी प्रकार का प्रदर्शन, जुलूस या रैली न करने, हथियार के रूप में इस्तेमाल हो सकने वाली वस्तुएँ न ले जाने और लाउडस्पीकर का उपयोग न करने का निर्देश दिया है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि BNSS धारा 163 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन किया गया, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 सहित अन्य लागू धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला राजधानी में सार्वजनिक प्रदर्शन के अधिकार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन की बहस को एक बार फिर सतह पर ला देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठता है कि क्या अधिसूचित प्रदर्शन स्थलों की अनुपलब्धता या दूरस्थ स्थिति छोटे राजनीतिक समूहों के लिए व्यावहारिक बाधा बन जाती है। पुलिस द्वारा पिछले प्रदर्शनों में हिंसा और संपत्ति नुकसान का उल्लेख महत्वपूर्ण है, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देना प्रशासनिक दृष्टि से मजबूत पक्ष है, फिर भी संवैधानिक विशेषज्ञ इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या बार-बार इस तरह के नोटिस सभी समूहों पर समान रूप से लागू होते हैं।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को नोटिस क्यों जारी किया?
दिल्ली पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को 16 अक्टूबर 2026 को कनॉट प्लेस में बिना कानूनी अनुमति के प्रदर्शन आयोजित करने की सोशल मीडिया अपील के बाद नोटिस जारी किया। पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए यातायात, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था पर संभावित खतरे का उल्लेख किया।
कनॉट प्लेस में प्रदर्शन पर प्रतिबंध का कानूनी आधार क्या है?
कनॉट प्लेस में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस अधिनियम 1978 की धाराओं 29-33 के तहत बिना अनुमति प्रदर्शन, जुलूस और लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक है। उल्लंघन पर BNS 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक राजनीतिक संगठन है जिसके संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके हैं। पुलिस के अनुसार, इस पार्टी ने पहले भी दिल्ली में प्रदर्शन आयोजित किए हैं, जिनमें अनुमति शर्तों के उल्लंघन और संपत्ति नुकसान के आरोप लगे हैं।
क्या कनॉट प्लेस में किसी भी तरह का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित है?
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कनॉट प्लेस कोई अधिसूचित प्रदर्शन स्थल नहीं है। प्रदर्शन के लिए अन्य अधिसूचित स्थानों का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन उसके लिए भी पहले से कानूनी अनुमति लेना आवश्यक है — अनुमति के लिए आवेदन करने मात्र से इजाज़त नहीं मानी जाएगी।
राजीव चौक मेट्रो और आसपास के इलाकों पर क्या असर पड़ सकता था?
राजीव चौक मेट्रो स्टेशन ब्लू और येलो लाइन का प्रमुख जंक्शन है जहाँ से प्रतिदिन औसतन लगभग 2 लाख यात्री सफर करते हैं। पुलिस के अनुसार, बिना अनुमति भीड़ जुटने से भगदड़, यातायात जाम और दमकल व एंबुलेंस की आवाजाही बाधित होने का खतरा था।
राष्ट्र प्रेस
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