दिल्ली में भारी बारिश: रोहिणी में इमारत ढहने से 3 की मौत, कई इलाकों में जलभराव और पेड़ गिरे
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 9 जुलाई को हुई भारी बारिश के बीच रोहिणी सेक्टर-16 में एक निर्माणाधीन इमारत ढह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें इमारत का मालिक और कुछ मजदूर शामिल बताए जाते हैं। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में मानसून के दौरान अनधिकृत निर्माण की खतरनाक स्थिति को उजागर किया है।
रोहिणी इमारत हादसा: क्या हुआ
स्थानीय लोगों के अनुसार, रोहिणी सेक्टर-16 में निर्माणाधीन इमारत भारी बारिश के दबाव में ढह गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, 'मुझे खबर मिली कि इमारत ढह गई है। मालिक की मौत हो गई थी और कुछ मजदूरों की भी जान चली गई थी।' हादसे के बाद मलबे की ऊँचाई एक तरफ लगभग 8 फीट, दूसरी तरफ 14 फीट और तीसरी तरफ लगभग 12 फीट तक थी। राहत और बचाव कार्य मौके पर शुरू किया गया।
जलभराव और यातायात बाधित
भारी वर्षा के कारण राजधानी के अनेक इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं। महरौली-बदरपुर रोड, संगम विहार के शनि बाजार रोड और विकास मार्ग पर जलभराव की सूचना मिली। एक स्थानीय निवासी ने बताया, 'जैसे ही हम घर से निकलते हैं, परेशानियां शुरू हो जाती हैं। हर गली, चौराहे और सड़क पर पानी भरा हुआ है। पानी से भरी सड़कों पर गाड़ियां फिसल रही हैं, जिससे आना-जाना बहुत मुश्किल और असुरक्षित हो गया है।'
कई इलाकों में पेड़ गिरे
ईस्ट ऑफ कैलाश में इस्कॉन मंदिर के पास मुख्य सड़क पर सुबह करीब 3 से 3:30 बजे के बीच एक बड़ा पेड़ गिर गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अधिकारी सुबह देर से पहुँचे, जिससे सड़क के दोनों ओर भारी ट्रैफिक जाम बना रहा। इसके अलावा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल के बाहर भी एक बड़ा पेड़ गिरा। गोविंदपुरी में गुरु रविदास मार्ग पर भी पेड़ गिरने की सूचना है। तुगलकाबाद इलाके में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई।
यमुना का जलस्तर बढ़ा
बीती रात से लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के निचले इलाकों में पहले से ही जलभराव की समस्या बनी हुई है। गौरतलब है कि मानसून के हर सीजन में यमुना का बढ़ता जलस्तर बाढ़-प्रभावित बस्तियों के लिए खतरे की घंटी बन जाता है।
आगे क्या
रोहिणी हादसे की जाँच और मलबा हटाने का काम जारी है। प्रशासन से जलभराव वाले इलाकों में पानी निकासी में तेजी लाने की माँग उठ रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।