9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रोहिणी सेक्टर-16 में इमारत ढही: मलबे से 4 निकाले, 3 की मौत; बारिश के बीच रेस्क्यू जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रोहिणी सेक्टर-16 में इमारत ढही: मलबे से 4 निकाले, 3 की मौत; बारिश के बीच रेस्क्यू जारी

सारांश

दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार शाम एक निर्माणाधीन इमारत भरभराकर गिर गई। मलबे से 4 लोग निकाले गए, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है। बारिश के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और कारणों की जाँच शुरू हो गई है।

मुख्य बातें

रोहिणी सेक्टर-16 , नई दिल्ली में बुधवार देर शाम एक निर्माणाधीन इमारत ढह गई।
मलबे से 4 लोगों को निकाला गया, जिनमें से 3 की मौत की पुष्टि दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने की।
मलबे में मकान मालिक सहित 3-4 मजदूर और एक राहगीर के दबे होने की आशंका थी।
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश को संभावित कारक माना जा रहा है; आधिकारिक जाँच जारी।
स्थानीय लोगों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और खराब मटेरियल का आरोप लगाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा शुक्रवार को होता तो साप्ताहिक बाज़ार के कारण सैकड़ों लोग प्रभावित हो सकते थे।

नई दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार देर शाम एक इमारत के अचानक ढह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने पुष्टि की है कि मलबे से अब तक चार लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें से तीन की जान जा चुकी है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच यह हादसा केएन काटजू थाना क्षेत्र में हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

बुधवार की शाम रोहिणी के सेक्टर-16 में एक निर्माणाधीन इमारत भरभराकर गिर पड़ी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत लगभग बनकर तैयार हो चुकी थी। मलबे में मकान मालिक सहित तीन से चार मजदूर और एक राहगीर के दबे होने की आशंका जताई गई।

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और राहत व बचाव दल मौके पर पहुँच गए। युद्धस्तर पर चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी रहा।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि मकान मालिक समेत तीन-चार मजदूर मलबे में दबे थे और एक राहगीर भी चपेट में आया। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए खराब मटेरियल के इस्तेमाल का आरोप लगाया।

एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि हादसे के वक्त उनका भाई उसी रास्ते से गुजर रहा था और मलबे में दब गया। उन्होंने बताया कि यह इमारत एक आम रास्ते पर थी और पास में एक स्कूल भी है।

एक युवक ने बताया कि दूसरी गली से मकान गिरने की तेज आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। उन्होंने राहत जताई कि यह हादसा शुक्रवार को नहीं हुआ — उस दिन वहाँ साप्ताहिक बाज़ार लगता है और छोटे दुकानदारों व रेहड़ी वालों की भारी भीड़ रहती है। उनके अनुसार, शुक्रवार को यह हादसा होता तो सैकड़ों लोग मलबे में दब सकते थे।

कारणों की जाँच जारी

फिलहाल इमारत गिरने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश को संभावित कारकों में से एक माना जा रहा है, हालाँकि अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रशासन की ओर से हताहतों की संख्या और मलबे में अभी भी फंसे लोगों की संख्या को लेकर आधिकारिक बयान का इंतज़ार है।

आम जनता पर असर

यह इलाका घनी आबादी वाला है और पास में एक स्कूल भी स्थित है। गौरतलब है कि यदि हादसा बाज़ार के दिन होता, तो जनहानि कई गुना अधिक हो सकती थी। बारिश के मौसम में दिल्ली में पुरानी और निर्माणाधीन इमारतों की संरचनात्मक मजबूती एक बार फिर सवालों के घेरे में है।

क्या होगा आगे

राहत और बचाव अभियान जारी है तथा मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जाँच एजेंसियाँ इमारत के निर्माण की गुणवत्ता और ढहने के कारणों की पड़ताल करेंगी। इस हादसे के बाद दिल्ली में अनधिकृत या जर्जर निर्माणों पर कार्रवाई की माँग भी उठने लगी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया उतनी ही धीमी रहती है। निर्माणाधीन इमारत का लगभग तैयार होकर गिरना यह संकेत देता है कि समस्या केवल पुरानी जर्जर इमारतों तक सीमित नहीं, बल्कि नए निर्माण की गुणवत्ता भी गंभीर सवालों के घेरे में है। यह घटना उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में अनियंत्रित निर्माण और कमज़ोर प्रवर्तन मिलकर जानलेवा साबित होते हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहिणी सेक्टर-16 में इमारत गिरने की घटना कब और कहाँ हुई?
यह हादसा बुधवार देर शाम नई दिल्ली के रोहिणी जिले के केएन काटजू थाना क्षेत्र के सेक्टर-16 में हुआ। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश के बीच एक निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर पड़ी।
इमारत गिरने से कितने लोगों की मौत हुई?
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, मलबे से निकाले गए चार लोगों में से तीन की मौत हो चुकी है। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका से अभी इनकार नहीं किया गया है।
इमारत गिरने का कारण क्या बताया जा रहा है?
अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक कारण नहीं बताया है और जाँच जारी है। स्थानीय लोगों ने खराब निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश को भी एक संभावित कारक माना जा रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और राहत व बचाव दल मौके पर पहुँचे। युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और बचाव कार्य जारी है।
क्या इमारत निर्माणाधीन थी?
हाँ, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह एक निर्माणाधीन इमारत थी जो लगभग बनकर तैयार हो चुकी थी। मलबे में मकान मालिक सहित तीन से चार मजदूरों और एक राहगीर के दबे होने की आशंका जताई गई थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले