रोहिणी सेक्टर-16 में इमारत ढही: मलबे से 4 निकाले, 3 की मौत; बारिश के बीच रेस्क्यू जारी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार देर शाम एक इमारत के अचानक ढह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने पुष्टि की है कि मलबे से अब तक चार लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें से तीन की जान जा चुकी है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच यह हादसा केएन काटजू थाना क्षेत्र में हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार की शाम रोहिणी के सेक्टर-16 में एक निर्माणाधीन इमारत भरभराकर गिर पड़ी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत लगभग बनकर तैयार हो चुकी थी। मलबे में मकान मालिक सहित तीन से चार मजदूर और एक राहगीर के दबे होने की आशंका जताई गई।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और राहत व बचाव दल मौके पर पहुँच गए। युद्धस्तर पर चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि मकान मालिक समेत तीन-चार मजदूर मलबे में दबे थे और एक राहगीर भी चपेट में आया। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए खराब मटेरियल के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि हादसे के वक्त उनका भाई उसी रास्ते से गुजर रहा था और मलबे में दब गया। उन्होंने बताया कि यह इमारत एक आम रास्ते पर थी और पास में एक स्कूल भी है।
एक युवक ने बताया कि दूसरी गली से मकान गिरने की तेज आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। उन्होंने राहत जताई कि यह हादसा शुक्रवार को नहीं हुआ — उस दिन वहाँ साप्ताहिक बाज़ार लगता है और छोटे दुकानदारों व रेहड़ी वालों की भारी भीड़ रहती है। उनके अनुसार, शुक्रवार को यह हादसा होता तो सैकड़ों लोग मलबे में दब सकते थे।
कारणों की जाँच जारी
फिलहाल इमारत गिरने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश को संभावित कारकों में से एक माना जा रहा है, हालाँकि अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रशासन की ओर से हताहतों की संख्या और मलबे में अभी भी फंसे लोगों की संख्या को लेकर आधिकारिक बयान का इंतज़ार है।
आम जनता पर असर
यह इलाका घनी आबादी वाला है और पास में एक स्कूल भी स्थित है। गौरतलब है कि यदि हादसा बाज़ार के दिन होता, तो जनहानि कई गुना अधिक हो सकती थी। बारिश के मौसम में दिल्ली में पुरानी और निर्माणाधीन इमारतों की संरचनात्मक मजबूती एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
क्या होगा आगे
राहत और बचाव अभियान जारी है तथा मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जाँच एजेंसियाँ इमारत के निर्माण की गुणवत्ता और ढहने के कारणों की पड़ताल करेंगी। इस हादसे के बाद दिल्ली में अनधिकृत या जर्जर निर्माणों पर कार्रवाई की माँग भी उठने लगी है।