दिल्ली: रिंग रोड पर कार ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर, चालक नागेंद्र की मौत, पांच घायल
सारांश
Key Takeaways
- रिंग रोड हादसा: शुक्रवार शाम करीब 6 बजे दिल्ली के नारंग आई हॉस्पिटल के पास आई20 कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी।
- मृतक: ई-रिक्शा चालक नागेंद्र (36 वर्ष) की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
- घायल: दो महिलाएं और तीन बच्चे घायल, सभी की हालत खतरे से बाहर।
- आरोपी: कार चालक डॉ. सिद्धार्थ, जीबी पंत अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट रेडियोलॉजिस्ट, रोहिणी निवासी।
- कार्रवाई: आरोपी वाहन जब्त, मेडिकल परीक्षण जारी, कानूनी कार्रवाई प्रक्रियाधीन।
- पैटर्न: एक दिन पहले 23 अप्रैल को भी दिल्ली के विकास मार्ग पर हादसे में एक की मौत, तीन घायल।
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के रिंग रोड पर नारंग आई हॉस्पिटल के निकट शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना में ई-रिक्शा चालक नागेंद्र (36 वर्ष) की मौत हो गई, जबकि उसमें सवार दो महिलाओं और तीन बच्चों समेत पांच यात्री घायल हो गए। एक तेज रफ्तार आई20 कार की टक्कर से ई-रिक्शा पलट गया, जिसके बाद कार चालक ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को शाम करीब छह बजे रिंग रोड पर नारंग आई हॉस्पिटल के पास एक आई20 कार तेज गति से आई और बैटरी चालित ई-रिक्शा से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रिक्शा पलट गया और उसमें सवार सभी यात्री सड़क पर जा गिरे। पीसीआर को सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे।
कार चालक ने घटनास्थल से भागने की बजाय जिम्मेदारी दिखाते हुए सभी घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाकर विनायक अस्पताल पहुंचाया। हालांकि गंभीर रूप से घायल रिक्शा चालक नागेंद्र को इलाज के दौरान बचाया नहीं जा सका और उनकी मृत्यु हो गई।
पीड़ितों की स्थिति और चिकित्सा उपचार
मृतक नागेंद्र की उम्र 36 वर्ष थी। वे ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। दो महिलाओं और तीन बच्चों का विनायक अस्पताल में उपचार जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर है।
पुलिस ने बताया कि घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने से उनकी जान बचाई जा सकी। बच्चों की मौजूदगी ने इस हादसे को और अधिक दर्दनाक बना दिया।
आरोपी कार चालक की पहचान और कार्रवाई
टक्कर मारने वाली आई20 कार के चालक की पहचान डॉ. सिद्धार्थ के रूप में हुई है। वे रोहिणी के निवासी हैं और जीबी पंत अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट (रेडियोलॉजिस्ट) के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस ने उनका मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपी वाहन को जब्त कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। डॉ. सिद्धार्थ के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और मृत्यु कारित करने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है।
दिल्ली में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का गंभीर पैटर्न
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली की सड़कों पर दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। महज एक दिन पहले, 23 अप्रैल को पूर्वी दिल्ली के शकरपुर थाना क्षेत्र में विकास मार्ग पर एक अन्य हादसे में एक व्यक्ति की मौत और तीन लोग घायल हो गए थे। यह दुर्घटना गीता कॉलोनी कट के पास मध्यरात्रि करीब 1:30 बजे हुई थी, जब एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मारी।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में प्रतिवर्ष सैकड़ों सड़क दुर्घटनाओं में ई-रिक्शा चालक और पैदल यात्री सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। रिंग रोड जैसी व्यस्त सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों और धीमी गति से चलने वाले ई-रिक्शा के बीच टकराव की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि ई-रिक्शा के लिए अलग लेन की व्यवस्था न होना इन दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है।
विडंबना यह है कि डॉ. सिद्धार्थ जैसे चिकित्साकर्मी, जो दूसरों की जान बचाने का कार्य करते हैं, उनकी लापरवाही ने एक परिवार के कमाने वाले की जान ले ली। यह घटना यह सवाल भी उठाती है कि क्या व्यस्त अस्पताल ड्यूटी के बाद थके हुए चिकित्सकों द्वारा वाहन चलाना सुरक्षित है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपी वाहन जब्त कर लिया गया है और डॉ. सिद्धार्थ का मेडिकल परीक्षण चल रहा है। मृतक नागेंद्र के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
आने वाले दिनों में पुलिस आरोपी के खिलाफ औपचारिक आरोप तय करेगी। मृतक के परिवार को मुआवजे और कानूनी सहायता के लिए संबंधित विभागों से संपर्क करने की सलाह दी गई है। यह मामला एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर यातायात नियमों के सख्त पालन और ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को रेखांकित करता है।