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दिल्ली के सरकारी स्कूल बच्चों ने AI से बनाया PM मोदी को समर्पित गाना, जेन-जी भाषा में विकसित भारत का संदेश

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दिल्ली के सरकारी स्कूल बच्चों ने AI से बनाया PM मोदी को समर्पित गाना, जेन-जी भाषा में विकसित भारत का संदेश

सारांश

दिल्ली के सरकारी स्कूल के 11 बच्चों और जेन-जी मल्टीमीडिया छात्रों ने PM मोदी को समर्पित दो गाने बनाए — एक में 150-200 बच्चों ने हिस्सा लिया, दूसरा पूरी तरह AI से तैयार। विकसित भारत 2047 का संदेश अब युवाओं की जुबान में।

मुख्य बातें

दिल्ली के सरकारी स्कूल के 11 बच्चों और मल्टीमीडिया छात्रों ने PM नरेंद्र मोदी को समर्पित दो गाने तैयार किए।
पहले गाने के वीडियो में 150 से 200 बच्चों ने भागीदारी की।
साउथ एक्सटेंशन के जेन-जी युवाओं ने दूसरा गाना पूरी तरह AI की मदद से बनाया।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इन युवाओं को विकसित भारत 2047 का असली प्रतिनिधि बताया।
गाने में जेन-जी की भाषा और शब्दों का जानबूझकर उपयोग किया गया ताकि युवा पीढ़ी से सीधा संवाद हो सके।

दिल्ली के सरकारी स्कूल के 11 बच्चों और साउथ एक्सटेंशन के मल्टीमीडिया छात्रों ने मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित दो गाने तैयार किए हैं, जिनमें से एक पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है। 17 सितंबर 2026 को दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन गानों का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को जेन-जी की भाषा में युवाओं तक पहुँचाना है। पहले गाने के वीडियो में 150 से 200 बच्चों ने हिस्सा लिया है।

दो गानों की खासियत

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि पहला गाना दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 11 बच्चों ने अपने प्रोफेसर के साथ मिलकर कंपोज किया और उसके वीडियो में अलग-अलग समय पर करीब 150 से 200 बच्चों ने भागीदारी की। दूसरा गाना साउथ एक्सटेंशन के मल्टीमीडिया की पढ़ाई कर रहे जेन-जी युवाओं ने पूरी तरह AI की मदद से तैयार किया।

मंत्री ने कहा, 'दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों और मल्टीमीडिया की पढ़ाई करने वाले युवाओं के दो समूहों ने दो गीत बनाए हैं। मैं उन सभी बच्चों को धन्यवाद देता हूँ।' उन्होंने इन युवाओं को 'असली नौजवान' बताते हुए कहा कि ये भारत के प्रधानमंत्री के साथ देश को विकसित भारत 2047 बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

AI और जेन-जी तकनीक का उपयोग

गाना बनाने वाले युवाओं ने बताया कि उन्होंने रविवार को अपने प्रोफेसर के साथ बैठकर शॉट्स की दिशा और स्क्रिप्ट तय की, और फिर उस पूरे डायरेक्शन को AI की मदद से साकार किया। उनके अनुसार, 'गाना लिखने का काम सर के साथ बैठकर चर्चा के बाद किया गया और शॉट डायरेक्शन को एआई की मदद से हकीकत में बदला।'

प्रोफेसर ने बताया कि गाने में जानबूझकर जेन-जी की भाषा और शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, ताकि आज की युवा पीढ़ी से सीधा संवाद हो सके। उनका कहना है कि यह अवसर डायरेक्टर वेंग सर की वजह से मिला और शिक्षा मंत्री आशीष सूद को यह गाना बेहद पसंद आया।

युवाओं की भावनाएँ

गाना बनाने वाले युवाओं ने कहा कि वे सभी बेहद खुश थे क्योंकि प्रधानमंत्री को कुछ समर्पित करने का अवसर बहुत कम मिलता है। एक युवा ने कहा, 'हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी आगे आएँ और हम हमेशा उनके समर्थन में रहेंगे।' यह उत्साह विकसित भारत के सपने के प्रति युवा पीढ़ी की जागरूकता को दर्शाता है।

विकसित भारत 2047 से जुड़ाव

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब केंद्र सरकार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को जन-जन तक पहुँचाने के लिए युवाओं और तकनीक को माध्यम बना रही है। गौरतलब है कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है, जिसे देशभर में विभिन्न आयोजनों के साथ मनाया जाता है। दिल्ली के सरकारी स्कूलों और मल्टीमीडिया संस्थानों की यह साझा पहल शिक्षा में डिजिटल तकनीक और रचनात्मकता के नए आयामों को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या इस तरह की पहल में राजनीतिक प्रचार और शैक्षणिक गतिविधि के बीच की रेखा स्पष्ट रहती है। विकसित भारत 2047 का संदेश युवाओं तक पहुँचाना एक सार्थक लक्ष्य है, परंतु सरकारी स्कूल के संसाधनों और समय का उपयोग किसी एक नेता को समर्पित सामग्री बनाने में होना, शिक्षाविदों के लिए विमर्श का विषय हो सकता है। यह पहल दिल्ली में शिक्षा और डिजिटल तकनीक के समन्वय की क्षमता को दर्शाती है — असली परीक्षा यह होगी कि यह ऊर्जा कक्षा के भीतर सीखने-सिखाने में भी उतनी ही दिखे।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के सरकारी स्कूल बच्चों ने PM मोदी के लिए कौन-सा गाना बनाया है?
दिल्ली के सरकारी स्कूल के 11 बच्चों ने अपने प्रोफेसर के साथ मिलकर PM मोदी को समर्पित एक गाना गाया है, जिसके वीडियो में 150 से 200 बच्चों ने भाग लिया। साथ ही साउथ एक्सटेंशन के जेन-जी मल्टीमीडिया छात्रों ने एक दूसरा गाना पूरी तरह AI की मदद से तैयार किया है।
AI से गाना कैसे बनाया गया?
साउथ एक्सटेंशन के युवाओं ने पहले अपने प्रोफेसर के साथ बैठकर गाने की स्क्रिप्ट और शॉट डायरेक्शन तय की, फिर उस पूरे डायरेक्शन को AI की मदद से डिजिटल मल्टीमीडिया के जरिए साकार किया। यह काम रविवार को एक विशेष सत्र में किया गया।
विकसित भारत 2047 और इस गाने का क्या संबंध है?
शिक्षा मंत्री आशीष सूद के अनुसार इन गानों का उद्देश्य PM मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को जेन-जी की भाषा में युवाओं तक पहुँचाना है। प्रोफेसर ने बताया कि गाने में जानबूझकर जेन-जी के शब्दों और भाषा का इस्तेमाल किया गया ताकि आज की युवा पीढ़ी से सीधा संवाद हो सके।
इस पहल में दिल्ली के शिक्षा मंत्री की क्या भूमिका है?
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस पूरी पहल की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की और इन युवाओं को 'असली नौजवान' बताते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि ये बच्चे और छात्र PM मोदी के साथ देश को विकसित भारत 2047 बनाने में योगदान दे रहे हैं।
जेन-जी की भाषा में गाना बनाने का क्या महत्व है?
प्रोफेसर ने बताया कि बहुत से लोग ट्यूटोरियल देखकर जेन-जी की भाषा सीखते हैं, इसलिए गाने में उन्हीं शब्दों का उपयोग किया गया जो आज की युवा पीढ़ी इस्तेमाल करती है। इसका उद्देश्य था कि PM मोदी का विजन सीधे युवाओं की अपनी भाषा में उन तक पहुँचे।
राष्ट्र प्रेस
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