दिल्ली विधानसभा में विपक्षी विधायकों के प्रवेश पर रोक के खिलाफ ‘आप’ का जोरदार प्रदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- आप ने विधानसभा में विपक्षी विधायकों की रोक के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।
- लाइव स्ट्रीमिंग ना करने के पीछे भाजपा का डर बताया गया।
- दिल्ली की समस्याओं पर ध्यान ना देने का आरोप।
- लोकतंत्र की पारदर्शिता पर प्रश्न उठाया गया।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा परिसर में विपक्षी विधायकों को प्रवेश से रोकने के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और विधायक विधानसभा के बाहर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के समर्थन में 'केजरीवाल तुम डटे रहो, हम तुम्हारे साथ हैं' जैसे नारे लगाए।
असल में, अरविंद केजरीवाल को विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर विपक्षी विधायकों और मीडिया को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं करने दे रही है।
सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि समिति की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग नहीं करने के पीछे भाजपा का डर छिपा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह चिंता है कि कहीं अरविंद केजरीवाल समिति के सामने ऐसा सच न बोल दें, जिससे उनकी राजनीति बेनकाब हो जाए।
भारद्वाज ने यह भी कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी विधानसभा की समिति ने अपने ही पूर्व स्पीकर और पूर्व मुख्यमंत्री को बुलाया है। उन्होंने बताया कि पिछले 10-11 वर्षों तक आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा की समितियों को पारदर्शिता के साथ चलाया। उस दौरान कई मामलों में मीडिया को आमंत्रित कर पूरी कार्यवाही को देखने का अवसर दिया गया।
उन्होंने कहा कि समिति एक “मिनी हाउस” की तरह होती है और उसमें पारदर्शिता बनाए रखना लोकतंत्र की मूलभूत शर्त है। ऐसे में लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर भाजपा का डर समझ से परे है। यदि सरकार लाइव स्ट्रीमिंग नहीं करना चाहती थी तो कम से कम मीडिया को ही समिति की कार्यवाही देखने के लिए बुलाया जा सकता था। लेकिन सरकार ने मीडिया को भी विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया और कई विधायकों को भी बाहर रोक दिया गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
वहीं, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की असली समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय सरकार सिर्फ अरविंद केजरीवाल को निशाना बनाने में लगी है।
उन्होंने कहा कि राजधानी में प्रदूषण, टूटी सड़कें, बढ़ती गंदगी, पानी की समस्या और सीवर ओवरफ्लो जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन सरकार इन पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार ने एक साल के भीतर ही दिल्ली की स्थिति बिगाड़ दी है और अब जनता जवाब मांग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे मुद्दों को उठाने के बजाय राजनीतिक विवाद खड़ा कर असली समस्याओं से ध्यान भटका रही है।
उधर, आप विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली में पानी की कमी, प्रदूषण, यमुना की सफाई और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को काम करना चाहिए। लेकिन सरकार इन समस्याओं को हल करने के बजाय केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली की जनता भाजपा सरकार से जवाब चाहती है कि विकास कार्य कहां हैं और राजधानी की समस्याओं का समाधान कब होगा।