दिल्ली बंधक नहीं बनने देंगे: सीएम रेखा गुप्ता का राहुल-केजरीवाल पर निशाना, 1,000 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी (AAP) नेता अरविंद केजरीवाल और संगठन सीजेपी पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि ये नेता राजनीतिक स्वार्थ के लिए दिल्लीवासियों की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी को किसी भी हालत में बंधक नहीं बनने दिया जाएगा। इसी बीच, अधिकारियों के अनुसार नई दिल्ली के विभिन्न इलाकों से 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
यह विरोध-प्रदर्शन सीजेपी द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की जा रही थी। आयोजकों के अनुसार इसमें विपक्षी दलों की भागीदारी भी प्रस्तावित थी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सत्ता-परिवर्तन के बाद से राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है।
सीएम रेखा गुप्ता का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'देशवासियों द्वारा रिजेक्टेड नेता राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल, अपनी बी-टीम सीजेपी के साथ मिलकर दिल्ली को अखाड़ा बनाना चाहते हैं। आखिर ये नेता, अपनी नॉनस्टॉप हार की खीझ, जनता पर उतारने पर क्यों तुले हैं? सड़कों पर अव्यवस्था से परेशान होने वाले दिल्लीवासियों का क्या दोष है?'
उन्होंने आम नागरिकों पर पड़ने वाले असर का हवाला देते हुए सवाल उठाया, 'काम पर जाने वाले कर्मचारियों, रोज कमाकर परिवार चलाने वाले श्रमिकों और अस्पताल पहुँचने वाले मरीजों की परेशानी की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या आपकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं दिल्ली के लाखों परिवारों की रोजी-रोटी, सुरक्षा और शांति से भी बड़ी हैं?'
सुरक्षा व्यवस्था और हिरासत
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए राजधानी में 30,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए। जंतर-मंतर के आसपास 45 मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए, सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट सेवाएँ निलंबित की गईं और सुबह 6 बजे से ट्रैफिक पर कड़ी पाबंदियाँ लागू की गईं। स्कूल, कॉलेज और अदालतें उस दिन ऑनलाइन मोड में काम करने पर मजबूर हुईं। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
राजनीतिक तनाव का व्यापक संदर्भ
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली ने विकास के लिए वोट दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार जनादेश मिला, लेकिन 'परिवारवाद और अवसरवाद से ग्रसित दल' इस जनसमर्थन को स्वीकार नहीं कर पा रहे। उन्होंने आगाह किया कि 'लोकतंत्र की आड़ में अराजकता फैलाने और जनादेश को चुनौती देने की राजनीति का डटकर मुकाबला होगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की मुहिम तेज कर रहा है।
आगे क्या होगा
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। विपक्षी दलों ने हिरासत को 'लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला' करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा होने की संभावना है।