जम्मू-कश्मीर: डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने सुंदरबनी में 51.40 मीटर पुल और सड़क निर्माण का निरीक्षण किया
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने 17 अक्टूबर 2026 को सुंदरबनी में चल रहे बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने एमआरएल21-बजोरा से भलवाल वाया पुनाखटेर रोड पर निर्माणाधीन पुल की प्रगति की समीक्षा की और एक नई सड़क परियोजना की आधारशिला भी रखी। उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने इन दोनों दौरों की जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।
पुल निर्माण की समीक्षा
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने राजौरी जिले के सुंदरबनी ब्लॉक में किलोमीटर 3.275 से 3.325 के बीच निर्माणाधीन 51.40 मीटर लंबे पुल का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, निर्धारित समयसीमा का पालन करने और आम जनता को जल्द से जल्द लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए।
यह परियोजना प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तीसरे चरण के अंतर्गत क्रियान्वित की जा रही है। PMGSY-III का मुख्य उद्देश्य देशभर में 1,25,000 किलोमीटर मौजूदा ग्रामीण सड़कों को उन्नत और सुदृढ़ करना है, ताकि दूरदराज की बस्तियों को प्रमुख सामाजिक-आर्थिक केंद्रों से जोड़ा जा सके।
नई सड़क की आधारशिला
इसी दौरे में डिप्टी सीएम चौधरी ने एल041-लिंक रोड एल031 के 6वें किलोमीटर से घैप्न्यास तक जाने वाली सड़क के निर्माण एवं रखरखाव कार्य की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह कदम बेहतर सड़क संपर्क और क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
गौरतलब है कि दोनों परियोजनाएँ राजौरी जिले के सुंदरबनी ब्लॉक में सड़क कनेक्टिविटी को मज़बूत करने की व्यापक योजना का हिस्सा हैं, जो एक संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है।
सुरिंदर कुमार चौधरी: राजनीतिक पृष्ठभूमि
सुरिंदर कुमार चौधरी वर्तमान में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा बहुजन समाज पार्टी (BSP) से आरंभ की, फिर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) में शामिल होकर विधान परिषद के सदस्य रहे। कुछ समय भारतीय जनता पार्टी (BJP) में रहने के बाद उन्होंने 2022 में PDP छोड़कर नेशनल कॉन्फ्रेंस का दामन थामा।
आम जनता पर असर
सुंदरबनी क्षेत्र पहाड़ी भूगोल और सीमित संपर्क मार्गों के कारण बरसात और सर्दियों में अक्सर अलग-थलग पड़ जाता है। नए पुल और सड़क परियोजनाओं से स्थानीय निवासियों को जिला मुख्यालय, स्वास्थ्य सेवाओं और बाज़ारों तक आसान पहुँच मिलने की उम्मीद है।
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित सरकार का गठन हुए अभी एक वर्ष भी नहीं हुआ है और विकास परियोजनाओं की रफ्तार सत्तारूढ़ दल के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। दोनों परियोजनाओं की पूर्णता की समयसीमा अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है।