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बीरवाह में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी का ऐलान: ₹100 करोड़ के विकास कार्य जारी, वादे पूरे करने की प्रतिबद्धता

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बीरवाह में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी का ऐलान: ₹100 करोड़ के विकास कार्य जारी, वादे पूरे करने की प्रतिबद्धता

सारांश

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने बीरवाह में ₹100 करोड़ के विकास कार्यों का हवाला देते हुए जनता को भरोसा दिलाया कि केंद्र शासित प्रदेश की बाधाओं के बावजूद उमर अब्दुल्ला सरकार अपने वादों पर कायम है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर चुनावी अनियमितताओं के आरोपों का जवाब देने की माँग की।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने 23 अक्टूबर 2026 को बीरवाह, बडगाम में विकास कार्यों की समीक्षा की।
बीरवाह निर्वाचन क्षेत्र में ₹100 करोड़ से अधिक के विकास कार्य इस समय प्रगति पर हैं।
पिछले वर्ष आधारशिला रखे गए पुल का निर्माण जारी है और शीघ्र पूरा होने की उम्मीद है।
चौधरी ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा सरकार की शक्तियों को सीमित करता है।
भाजपा पर कथित चुनावी अनियमितताओं के आरोपों पर जवाब माँगा गया।

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने 23 अक्टूबर 2026 को बडगाम जिले के बीरवाह में कहा कि केंद्र शासित प्रदेश की सीमाओं और तमाम चुनौतियों के बावजूद, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बीरवाह निर्वाचन क्षेत्र में इस समय ₹100 करोड़ से अधिक के विकास कार्य प्रगति पर हैं।

बीरवाह में विकास की तस्वीर

उपमुख्यमंत्री चौधरी ने बताया कि बीरवाह में पिछले वर्ष एक पुल की आधारशिला रखी गई थी, जिसका निर्माण कार्य फिलहाल जारी है और इसे शीघ्र पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'बीरवाह निर्वाचन क्षेत्र में कम से कम ₹100 करोड़ के विकास कार्य चल रहे हैं। इसका श्रेय विधायक डॉ. शफी की कड़ी मेहनत को जाता है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'बीरवाह के लोग भाग्यशाली हैं कि उन्होंने एक सफल, सक्षम, ईमानदार और नेक इरादे वाले नेता को चुना है। अगर आप अच्छे नेताओं को चुनेंगे, तो विकास कार्य जरूर होंगे।'

केंद्र शासित प्रदेश की सीमाएँ और सरकार का रुख

चौधरी ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर अभी पूर्ण राज्य नहीं, बल्कि केंद्र शासित प्रदेश है और इस कारण सरकार को शक्तियों तथा संसाधनों से जुड़ी कई सीमाओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जनता को इस संवैधानिक वास्तविकता को समझना होगा। गौरतलब है कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए थे — एक राज्यसभा और एक विधानसभा सहित — जिसके बाद से वहाँ की निर्वाचित सरकार के अधिकार सीमित हैं।

भाजपा पर सीधा हमला

उपमुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता भाजपा नेताओं के दावों और बयानों से भली-भाँति परिचित है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं पर चुनावी गड़बड़ी के आरोप भी लगे हैं और उन्हें न केवल अपने बयानों बल्कि मतदान में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर भी जवाब देना चाहिए। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विधानसभा चुनावों के बाद से जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक तनातनी जारी है।

सरकार की प्रतिबद्धता

चौधरी ने कहा कि विकास परियोजनाओं को पूर्ण होने में स्वाभाविक रूप से समय लगता है, लेकिन सरकार किसी भी परिस्थिति में जनता से किए गए वादों से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उमर अब्दुल्ला सरकार पूरी जिम्मेदारी और संजीदगी के साथ हर संभव प्रयास कर रही है। आने वाले महीनों में बीरवाह सहित पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों की गति और बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर विपक्षी भाजपा पर पलटवार। लेकिन असली सवाल यह है कि केंद्र शासित प्रदेश की संवैधानिक सीमाओं का हवाला देकर सरकार कब तक जवाबदेही से बच सकती है। ₹100 करोड़ के कार्य एक निर्वाचन क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय हैं, परंतु राज्यदर्जे की माँग अब भी अनुत्तरित है और आम नागरिक इसी पर नज़र रखे हुए हैं।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने बीरवाह में क्या घोषणाएँ कीं?
उन्होंने बताया कि बीरवाह निर्वाचन क्षेत्र में ₹100 करोड़ के विकास कार्य चल रहे हैं और पिछले वर्ष आधारशिला रखा गया पुल शीघ्र पूरा होगा। उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार की जनता से किए वादे पूरे करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
जम्मू-कश्मीर में केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा सरकार को कैसे प्रभावित करता है?
केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण जम्मू-कश्मीर की निर्वाचित सरकार के पास पूर्ण राज्य जैसी शक्तियाँ नहीं हैं। चौधरी के अनुसार, इससे संसाधन आवंटन और नीतिगत फैसलों में सीमाएँ आती हैं, जो विकास कार्यों की गति को प्रभावित कर सकती हैं।
भाजपा पर चुनावी गड़बड़ी के क्या आरोप हैं?
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि भाजपा नेताओं पर मतदान में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं और उन्हें इन पर जवाब देना चाहिए। हालाँकि, उन्होंने विशिष्ट आरोपों का विस्तार से उल्लेख नहीं किया।
बीरवाह में कौन-से प्रमुख विकास कार्य प्रगति पर हैं?
बीरवाह में इस समय ₹100 करोड़ के विभिन्न विकास कार्य जारी हैं, जिनमें एक पुल का निर्माण प्रमुख है। यह पुल पिछले वर्ष आधारशिला के बाद निर्माणाधीन है और जल्द ही जनता को सौंपा जाएगा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने अपने वादों को लेकर क्या कहा है?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश की सीमाओं के बावजूद जनता से किए वादे पूरे करने की प्रतिबद्धता जताई है। उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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