भारी बारिश के बाद जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सुंदरबनी में की समीक्षा बैठक
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने 29 जुलाई को सुंदरबनी में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति का व्यापक जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से यह जानकारी आधिकारिक तौर पर साझा की गई।
समीक्षा बैठक का विवरण
सुंदरबनी स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) के गेस्ट हाउस में आयोजित इस बैठक में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने बारिश-प्रभावित इलाकों की मौजूदा स्थिति का विस्तृत आकलन किया। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों की रफ्तार, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था की बहाली और आम नागरिकों को हो रही परेशानियों पर गहन चर्चा हुई।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान में तेज़ी लाई जाए और ज़रूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा है।
गुरु पूर्णिमा पर धार्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भाग लिया। उन्होंने श्रीश्री 108 श्री मुकंद चेतन बाल ब्रह्मचर्य जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज में आध्यात्मिक मूल्यों और गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता को रेखांकित किया।
इसके अतिरिक्त, उपमुख्यमंत्री नौशेरा स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर में आयोजित गुरु पूर्णिमा समारोह में भी शामिल हुए, जहाँ उन्होंने महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 संतोषदास मोनी जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।
जनसंपर्क और ग्रामीणों की समस्याएं
जनसंपर्क अभियान के तहत उपमुख्यमंत्री नौशेरा के चौकी हंदन गाँव पहुँचे और स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद किया। ग्रामीणों ने नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों से जुड़े कई अहम मुद्दे उनके सामने रखे।
उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन-शिकायतों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए और जनहित के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। गौरतलब है कि मानसून सत्र में इस तरह की जनसंपर्क यात्राएं प्रशासन की ज़मीनी स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
आगे की राह
अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद अब राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेज़ी आने की उम्मीद है। प्रशासन का ध्यान फिलहाल क्षतिग्रस्त सड़कों की बहाली और बाढ़-प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुँचाने पर केंद्रित है।