23 अक्टूबर 2026
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अदाणी पावर का Q2 मुनाफा 141% उछलकर ₹7,019 करोड़, राजस्व भी 39% बढ़ा

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अदाणी पावर का Q2 मुनाफा 141% उछलकर ₹7,019 करोड़, राजस्व भी 39% बढ़ा

सारांश

अदाणी पावर का Q2 मुनाफा दोगुने से भी ज़्यादा — ₹7,019 करोड़ पर पहुँचा, राजस्व ₹19,950 करोड़। भारत की पीक बिजली माँग 270 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर, और थर्मल पावर की 66% हिस्सेदारी — यही वह पृष्ठभूमि है जिसने कंपनी को यह असाधारण प्रदर्शन दिलाया।

मुख्य बातें

अदाणी पावर का Q2 FY2027 शुद्ध लाभ 141.5% बढ़कर ₹7,019.32 करोड़ हुआ, जो पिछले वर्ष ₹2,906.46 करोड़ था।
कुल राजस्व 39.4% उछलकर ₹19,950.60 करोड़ ; EBITDA 45.7% बढ़कर ₹8,743.22 करोड़ पर पहुँचा।
पहली छमाही (अप्रैल–सितंबर 2026) में शुद्ध लाभ लगभग दोगुना होकर ₹11,885.92 करोड़ ; कुल राजस्व ₹39,272.90 करोड़ ।
कंपनी का PLF 62.8% से बढ़कर 70.1% ; कुल परिचालन क्षमता 18,150 मेगावाट ।
भारत की पीक बिजली माँग Q2 में 18% बढ़कर 270 गीगावाट ; कुल माँग 502 बिलियन यूनिट रही।
ख्यालिया के अनुसार कोयला-आधारित बिजली की भूमिका भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा ज़रूरतों में और महत्वपूर्ण होती जा रही है।

देश की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) में असाधारण वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (PAT) सालाना आधार पर 141.5 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹7,019.32 करोड़ पर पहुँच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹2,906.46 करोड़ था। 23 अक्टूबर 2026 को घोषित ये नतीजे भारत के बिजली क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ती माँग का प्रतिबिंब हैं।

राजस्व और EBITDA में मज़बूत उछाल

दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व 39.4 प्रतिशत बढ़कर ₹19,950.60 करोड़ हो गया, जो एक वर्ष पहले ₹14,307.79 करोड़ था। इसी अवधि में EBITDA भी 45.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹8,743.22 करोड़ पर पहुँच गया।

परिचालन आधार पर राजस्व 29.8 प्रतिशत बढ़कर ₹17,014.06 करोड़ रहा, जबकि निरंतर परिचालन EBITDA 18.5 प्रतिशत बढ़कर ₹6,320.97 करोड़ दर्ज हुआ।

पहली छमाही में भी दमदार प्रदर्शन

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल–सितंबर 2026) में कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग दोगुना होकर ₹11,885.92 करोड़ पर पहुँच गया। इस अवधि में कुल राजस्व 36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹39,272.90 करोड़ रहा।

गौरतलब है कि यह लगातार दूसरी छमाही है जब अदाणी पावर ने अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है, जो इसे भारत के सूचीबद्ध बिजली उत्पादकों में सबसे तेज़ी से मुनाफा कमाने वाली कंपनियों में से एक बनाती है।

बिजली बिक्री और परिचालन दक्षता

दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल बिजली बिक्री बढ़कर 26.4 बिलियन यूनिट हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 23.7 बिलियन यूनिट थी। कंपनी का प्लांट लोड फैक्टर (PLF) भी 62.8 प्रतिशत से बढ़कर 70.1 प्रतिशत हो गया, जो परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार दर्शाता है। कंपनी की कुल परिचालन क्षमता 18,150 मेगावाट रही।

दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों (PPA) के तहत बिजली बिक्री 29.7 प्रतिशत बढ़कर 23.4 बिलियन यूनिट हो गई। प्रति यूनिट टैरिफ प्राप्ति 12.7 प्रतिशत बढ़कर ₹6.4 प्रति यूनिट रही। शॉर्ट टर्म और मर्चेंट मार्केट में प्रति यूनिट प्राप्ति 33.1 प्रतिशत बढ़कर ₹7.2 प्रति यूनिट हो गई, हालाँकि इस श्रेणी में बिक्री मात्रा 43 प्रतिशत कम रही, क्योंकि अतिरिक्त क्षमता को मध्यम अवधि के अनुबंधों में स्थानांतरित किया गया।

प्रबंधन की प्रतिक्रिया

नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) शेरसिंह बी. ख्यालिया ने कहा कि अदाणी पावर लगातार नए मुकाम हासिल कर रही है और लाभप्रदता तथा परियोजना क्रियान्वयन दोनों मोर्चों पर मज़बूत प्रदर्शन जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की दीर्घकालिक बिजली ज़रूरतों को पूरा करने में घरेलू कोयला-आधारित बिजली की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।

राष्ट्रीय बिजली माँग का संदर्भ

कंपनी के अनुसार, दूसरी तिमाही के दौरान भारत में बिजली की कुल माँग 11.5 प्रतिशत बढ़कर 502 बिलियन यूनिट हो गई। देश की पीक बिजली माँग 18 प्रतिशत उछलकर 270 गीगावाट तक पहुँच गई। कुल आपूर्ति में कोयला और लिग्नाइट आधारित उत्पादन की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत रही।

यह ऐसे समय में आया है जब नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के बावजूद थर्मल पावर की माँग बनी हुई है, और औद्योगिक गतिविधियों व शहरीकरण की रफ्तार ने ग्रिड पर दबाव बढ़ाया है। कंपनी का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में भी यह सकारात्मक रुझान जारी रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन्हें सिर्फ कंपनी की दक्षता का श्रेय देना अधूरा विश्लेषण होगा — भारत में रिकॉर्ड पीक माँग और थर्मल पावर की 66% हिस्सेदारी ने पूरे क्षेत्र को लाभ पहुँचाया है। असली सवाल यह है कि जब नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता तेज़ी से बढ़ रही है, तब कोयला-आधारित कंपनियों की यह 'सुपर-प्रॉफिट विंडो' कब तक टिकेगी। मर्चेंट मार्केट में बिक्री मात्रा 43% घटाकर मध्यम अवधि के अनुबंधों में स्थानांतरित करना एक सोची-समझी रणनीति है, जो दर्शाती है कि कंपनी स्पॉट मार्केट की अनिश्चितता से बचाव कर रही है। दीर्घकालिक दृष्टि से, भारत के ऊर्जा संक्रमण की गति और थर्मल पावर पर नीतिगत रुख इस विकास की स्थिरता तय करेंगे।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी पावर का Q2 FY2027 में मुनाफा कितना रहा?
अदाणी पावर का Q2 FY2027 में समेकित शुद्ध लाभ 141.5% बढ़कर ₹7,019.32 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹2,906.46 करोड़ था। यह कंपनी के हालिया इतिहास में सबसे बड़ी सालाना मुनाफा वृद्धि में से एक है।
अदाणी पावर के राजस्व में इतनी वृद्धि क्यों हुई?
Q2 में भारत की कुल बिजली माँग 11.5% बढ़कर 502 बिलियन यूनिट और पीक माँग 18% बढ़कर 270 गीगावाट पर पहुँच गई, जिससे अदाणी पावर की बिजली बिक्री और टैरिफ प्राप्ति दोनों में बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही PPA के तहत बिक्री 29.7% बढ़ी और PLF 70.1% पर पहुँचा, जिसने राजस्व को 39.4% की वृद्धि दिलाई।
अदाणी पावर का प्लांट लोड फैक्टर (PLF) क्या है और यह क्यों मायने रखता है?
PLF यह बताता है कि कंपनी अपनी स्थापित क्षमता का कितना उपयोग कर रही है। Q2 में अदाणी पावर का PLF 62.8% से बढ़कर 70.1% हो गया, जो परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार दर्शाता है। ऊँचा PLF सीधे लाभप्रदता में वृद्धि से जुड़ा होता है।
अदाणी पावर की पहली छमाही (H1 FY2027) में कैसा प्रदर्शन रहा?
अप्रैल–सितंबर 2026 की पहली छमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग दोगुना होकर ₹11,885.92 करोड़ पर पहुँच गया। इस अवधि में कुल राजस्व 36% बढ़कर ₹39,272.90 करोड़ रहा।
मर्चेंट मार्केट में अदाणी पावर की बिक्री घटने का क्या कारण है?
कंपनी ने रणनीतिक रूप से अपनी अतिरिक्त खुली क्षमता को स्पॉट मार्केट की बजाय मध्यम अवधि के बिजली आपूर्ति अनुबंधों में स्थानांतरित किया, जिससे मर्चेंट मार्केट में बिक्री मात्रा 43% कम रही। हालाँकि इस श्रेणी में प्रति यूनिट प्राप्ति 33.1% बढ़कर ₹7.2 प्रति यूनिट रही।
राष्ट्र प्रेस
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