अदाणी पावर का Q2 मुनाफा 141% उछलकर ₹7,019 करोड़, राजस्व भी 39% बढ़ा
सारांश
मुख्य बातें
देश की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) में असाधारण वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (PAT) सालाना आधार पर 141.5 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹7,019.32 करोड़ पर पहुँच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹2,906.46 करोड़ था। 23 अक्टूबर 2026 को घोषित ये नतीजे भारत के बिजली क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ती माँग का प्रतिबिंब हैं।
राजस्व और EBITDA में मज़बूत उछाल
दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व 39.4 प्रतिशत बढ़कर ₹19,950.60 करोड़ हो गया, जो एक वर्ष पहले ₹14,307.79 करोड़ था। इसी अवधि में EBITDA भी 45.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹8,743.22 करोड़ पर पहुँच गया।
परिचालन आधार पर राजस्व 29.8 प्रतिशत बढ़कर ₹17,014.06 करोड़ रहा, जबकि निरंतर परिचालन EBITDA 18.5 प्रतिशत बढ़कर ₹6,320.97 करोड़ दर्ज हुआ।
पहली छमाही में भी दमदार प्रदर्शन
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल–सितंबर 2026) में कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग दोगुना होकर ₹11,885.92 करोड़ पर पहुँच गया। इस अवधि में कुल राजस्व 36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹39,272.90 करोड़ रहा।
गौरतलब है कि यह लगातार दूसरी छमाही है जब अदाणी पावर ने अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है, जो इसे भारत के सूचीबद्ध बिजली उत्पादकों में सबसे तेज़ी से मुनाफा कमाने वाली कंपनियों में से एक बनाती है।
बिजली बिक्री और परिचालन दक्षता
दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल बिजली बिक्री बढ़कर 26.4 बिलियन यूनिट हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 23.7 बिलियन यूनिट थी। कंपनी का प्लांट लोड फैक्टर (PLF) भी 62.8 प्रतिशत से बढ़कर 70.1 प्रतिशत हो गया, जो परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार दर्शाता है। कंपनी की कुल परिचालन क्षमता 18,150 मेगावाट रही।
दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों (PPA) के तहत बिजली बिक्री 29.7 प्रतिशत बढ़कर 23.4 बिलियन यूनिट हो गई। प्रति यूनिट टैरिफ प्राप्ति 12.7 प्रतिशत बढ़कर ₹6.4 प्रति यूनिट रही। शॉर्ट टर्म और मर्चेंट मार्केट में प्रति यूनिट प्राप्ति 33.1 प्रतिशत बढ़कर ₹7.2 प्रति यूनिट हो गई, हालाँकि इस श्रेणी में बिक्री मात्रा 43 प्रतिशत कम रही, क्योंकि अतिरिक्त क्षमता को मध्यम अवधि के अनुबंधों में स्थानांतरित किया गया।
प्रबंधन की प्रतिक्रिया
नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) शेरसिंह बी. ख्यालिया ने कहा कि अदाणी पावर लगातार नए मुकाम हासिल कर रही है और लाभप्रदता तथा परियोजना क्रियान्वयन दोनों मोर्चों पर मज़बूत प्रदर्शन जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की दीर्घकालिक बिजली ज़रूरतों को पूरा करने में घरेलू कोयला-आधारित बिजली की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।
राष्ट्रीय बिजली माँग का संदर्भ
कंपनी के अनुसार, दूसरी तिमाही के दौरान भारत में बिजली की कुल माँग 11.5 प्रतिशत बढ़कर 502 बिलियन यूनिट हो गई। देश की पीक बिजली माँग 18 प्रतिशत उछलकर 270 गीगावाट तक पहुँच गई। कुल आपूर्ति में कोयला और लिग्नाइट आधारित उत्पादन की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत रही।
यह ऐसे समय में आया है जब नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के बावजूद थर्मल पावर की माँग बनी हुई है, और औद्योगिक गतिविधियों व शहरीकरण की रफ्तार ने ग्रिड पर दबाव बढ़ाया है। कंपनी का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में भी यह सकारात्मक रुझान जारी रह सकता है।