जम्मू में रेजिडेंसी रोड-हाई स्ट्रीट प्रोजेक्ट का उद्घाटन: व्यापार और धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 7 अगस्त 2026 को जम्मू में अपग्रेड किए गए रेजिडेंसी रोड-हाई स्ट्रीट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया, जो शहर के शहरी बुनियादी ढाँचे को आधुनिक और पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना के तहत सड़कों को चौड़ा किया गया है, आधुनिक स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं और पैदल यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएँ विकसित की गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
यह परियोजना पिछले दो वर्षों से निर्माणाधीन थी, जिसमें रेजिडेंसी रोड से बाज़ार तक के खंड को पूरी तरह से पुनर्विकसित किया गया। उद्घाटन समारोह में भाजपा विधायक युद्धवीर सेठी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। अधिकारियों के अनुसार, अगले चरण में सिटी ज़ोन से पुरानी मंडी तक का विकास कार्य जारी है।
विधायक की प्रतिक्रिया
भाजपा विधायक युद्धवीर सेठी ने उद्घाटन समारोह में कहा, 'मैं जम्मू पुराने शहर के निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देना चाहता हूँ। जो पिछले दो वर्षों से रेजिडेंसी रोड से बाज़ार तक का काम चल रहा था, आज उसका उद्घाटन किया गया।' उन्होंने आगे कहा कि 'हम जम्मू को इतना सुंदर बनाना चाहते हैं कि व्यापारियों के दिल से डर निकल जाए।'
व्यापार और पर्यटन पर असर
सेठी ने जम्मू को 'मंदिरों का शहर' बताते हुए कहा कि यहाँ धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने बताया कि मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए भी करोड़ों रुपये आवंटित किए जा चुके हैं और शीघ्र ही वह कार्य भी प्रारंभ होगा। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर सरकार पर्यटन को आर्थिक पुनरुद्धार का मुख्य आधार बनाने पर ज़ोर दे रही है।
शहरी विकास की व्यापक तस्वीर
गौरतलब है कि जम्मू शहर लंबे समय से बुनियादी ढाँचे की कमियों से जूझता रहा है, जिसका सीधा असर स्थानीय व्यापार और पर्यटक अनुभव पर पड़ता था। रेजिडेंसी रोड-हाई स्ट्रीट प्रोजेक्ट इस दिशा में शहर के व्यावसायिक केंद्र को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। विधायक सेठी के अनुसार, जम्मू 'सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि श्रद्धा और व्यापार का केंद्र है।'
आगे क्या होगा
सिटी ज़ोन से पुरानी मंडी तक के अगले चरण का कार्य पहले से ही प्रगति पर है। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों दोनों को बेहतर शहरी अनुभव मिले, जिससे स्थानीय व्यापारियों की आमदनी बढ़े और धार्मिक पर्यटन को नई ऊँचाई मिले।