3 अक्टूबर 2026
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भ्रष्टाचार मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को ACB का नोटिस, 5 अक्टूबर को विशेष अदालत में पेशी

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भ्रष्टाचार मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को ACB का नोटिस, 5 अक्टूबर को विशेष अदालत में पेशी

सारांश

भिलाई नगर से लगातार दो बार विधायक रहे कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव को ACB ने भ्रष्टाचार, जालसाजी और जबरन वसूली समेत कई गंभीर धाराओं में नोटिस थमाया है। 5 अक्टूबर की सुनवाई से पहले छत्तीसगढ़ का सियासी पारा चढ़ा हुआ है।

मुख्य बातें

EOW-ACB रायपुर ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को भ्रष्टाचार मामले में नोटिस जारी किया।
यादव को 5 अक्टूबर 2026 को रायपुर की भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश होना है।
आरोपों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7A और 12 तथा IPC की धाराएँ 420, 120B, 384, 468, 467 और 471 शामिल हैं।
यह मामला 2024 में दर्ज हुआ था; ACB नोटिस को जाँच में आगे की कार्रवाई माना जा रहा है।
यादव भिलाई नगर सीट से लगातार दूसरी बार कांग्रेस विधायक हैं।

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW)-एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) रायपुर ने छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को भ्रष्टाचार के एक मामले में नोटिस जारी किया है। उन्हें 5 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला वर्ष 2024 में दर्ज हुआ था और अब इसमें न्यायिक कार्रवाई आगे बढ़ी है।

मामले का विवरण और आरोप

ACB ने देवेंद्र यादव को इस मामले में आरोपी बनाया है। उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में 2018 में किए गए संशोधन के तहत धारा 7A (लोक सेवक द्वारा अनुचित लाभ लेना) और धारा 12 (उकसावे का दंड) लगाई गई हैं। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120B (आपराधिक साजिश), 384 (जबरन वसूली), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 467 (मूल्यवान दस्तावेज की जालसाजी) और 471 (जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करना) भी लगाई गई हैं।

ये धाराएँ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश, जालसाजी और संबंधित गंभीर अपराधों की ओर इशारा करती हैं। अभियोजन पक्ष की दलीलें और यादव का पक्ष 5 अक्टूबर की सुनवाई में सामने आने की संभावना है।

देवेंद्र यादव: राजनीतिक परिचय

देवेंद्र यादव भिलाई नगर विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार कांग्रेस के विधायक हैं। उन्होंने पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश पांडेय को हराकर यह सीट जीती थी और अगले विधानसभा चुनाव में भी अपना जनादेश बरकरार रखा। भिलाई का इस्पात उद्योग और औद्योगिक क्षेत्र इसे राजनीतिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र बनाता है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में यादव के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं, जिसके चलते उनका राजनीतिक जीवन लगातार जाँच के दायरे में रहा है। यह नोटिस उसी सिलसिले में एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के राजनीतिक हलकों में चर्चा

नोटिस जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में सत्तारूढ़ BJP सरकार और विपक्षी कांग्रेस के बीच पहले से ही तनातनी बनी हुई है। विपक्ष अक्सर ऐसी कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रेरित बताता है, हालाँकि एजेंसी का कहना है कि जाँच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है।

कांग्रेस की ओर से अभी तक इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला राज्य में सत्ता-विपक्ष की बहस को और तेज कर सकता है।

आगे क्या होगा

5 अक्टूबर 2026 को रायपुर की विशेष अदालत में सुनवाई होनी है, जहाँ यादव का पेश होना अनिवार्य है। अदालत में मामले की अगली दिशा — आरोप-पत्र की स्वीकृति, ज़मानत या अन्य कार्यवाही — तय होगी। यह सुनवाई यह भी स्पष्ट करेगी कि विधायक इन गंभीर आरोपों पर क्या बचाव पक्ष अपनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि 2024 में दर्ज मामले में अदालती कार्रवाई अब क्यों तेज हुई। जब तक अभियोजन पक्ष ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं करता, तब तक कांग्रेस के इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताने के दावों को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। भिलाई जैसे औद्योगिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में यह मामला आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेंद्र यादव को ACB का नोटिस क्यों मिला?
EOW-ACB रायपुर ने उन्हें 2024 में दर्ज एक भ्रष्टाचार मामले में आरोपी बनाया है। उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की कई गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और जबरन वसूली शामिल हैं।
देवेंद्र यादव को कब और कहाँ पेश होना है?
उन्हें 5 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। इस सुनवाई में मामले की अगली कानूनी दिशा तय होने की संभावना है।
देवेंद्र यादव पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (2018 संशोधन) की धारा 7A और 12 के साथ-साथ IPC की धाराएँ 420 (धोखाधड़ी), 120B (आपराधिक साजिश), 384 (जबरन वसूली), 468, 467 और 471 (जालसाजी से संबंधित) लगाई गई हैं।
देवेंद्र यादव कौन हैं?
देवेंद्र यादव छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के लगातार दो बार विधायक हैं। उन्होंने पहली बार BJP के वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश पांडेय को हराकर यह सीट जीती थी।
क्या यह पहली बार है जब यादव के खिलाफ आपराधिक मामला सामने आया है?
नहीं, रिपोर्टों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में देवेंद्र यादव के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। ACB का यह नोटिस उसी सिलसिले में एक नई और महत्वपूर्ण कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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