बद्रीनाथ धाम विकास और 'छाछनी' नृत्य: CM धामी ने मातृशक्ति संग मनाई देवभूमि की लोक संस्कृति
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 20 सितंबर 2026 को श्री बद्रीनाथ धाम, चमोली पहुँचे, जहाँ मंदिर समिति और स्थानीय निवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरे में उन्होंने अराइवल प्लाजा में आयोजित देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव और श्री बद्रीनाथ कथा महोत्सव में भाग लिया तथा स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक 'छाछनी' नृत्य प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें
महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड से गहरे जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से गहरा लगाव है। उत्तराखंड उनके दिल और दिमाग में बसा है। हमने उनसे जल्द ही उत्तराखंड आने का अनुरोध किया है।' धामी ने यह भी कहा कि देवभूमि के लोग उन्हें परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के अनुरूप बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य तेज़ गति से चल रहा है। राज्य सरकार 'विकास भी और विरासत भी' के मूल मंत्र के साथ संस्कृति संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
बद्रीनाथ धाम का विकास और वाइब्रेंट विलेज योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के साथ-साथ वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत सीमांत क्षेत्रों में भी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 'हमारी विरासत और हमारा भविष्य' की थीम पर आयोजित हुआ, जिसमें हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया।
गौरतलब है कि बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य तीर्थ-पर्यटन के बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाना है।
गुरुदेव शास्त्रीजी महाराज की 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि
श्री बद्रीनाथ कथा महोत्सव में बोलते हुए धामी ने गुरुदेव शास्त्रीजी महाराज धर्मजीवनदासजी स्वामी की 125वीं जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा, 'यह धाम भारत की सनातन चेतना का केंद्र है — एक जीवंत केंद्र जहाँ वह शाश्वत चेतना सदैव विद्यमान रहती है।' धामी ने गुरुदेव को त्याग, तपस्या और मानवता सेवा का प्रतीक बताया।
मातृशक्ति संग 'छाछनी' नृत्य और बामणी गाँव का दौरा
दौरे के दौरान सीएम धामी बामणी गाँव, चमोली भी पहुँचे, जहाँ उन्होंने माँ नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक 'छाछनी' नृत्य में भाग लिया। इस नृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'मातृशक्ति से मिले अपार स्नेह एवं आशीर्वाद ने मन को भाव-विभोर कर दिया। मातृशक्ति के साथ चाचणी नृत्य में सम्मिलित होकर देवभूमि की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं के रंग में रंगने का भी अवसर मिला।'
चारधाम यात्रा और आगे की प्राथमिकताएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा के द्वितीय चरण का शुभारंभ हो चुका है और इस वर्ष अब तक रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड पहुँचकर चारधामों के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
धामी ने संबंधित अधिकारियों को यात्रा व्यवस्था और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब प्रतिवर्ष बढ़ती तीर्थयात्रियों की संख्या को देखते हुए बुनियादी ढाँचे की माँग भी तेज़ हो रही है।