धनबाद के वासेपुर में दिनदहाड़े फायरिंग: अंडा कारोबारी शानू खान और भाई फहीम गंभीर घायल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के धनबाद जिले का वासेपुर इलाका 21 सितंबर 2026 (सोमवार) को उस समय दहशत में आ गया, जब भूली मोड़ के पास अज्ञात हमलावरों ने अंडा कारोबारी शानू खान और उसके भाई फहीम खान पर दिनदहाड़े कई राउंड फायरिंग की। गोली लगने से दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए और वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, शानू खान और फहीम खान सोमवार को कारोबारी कामकाज के सिलसिले में भूली मोड़ के पास मौजूद थे। इसी दौरान वहाँ पहुँचे अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग से आसपास के इलाके में भगदड़ और अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को नज़दीकी निजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार जारी है।
जाँच में सात खाली खोखे बरामद
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भूली मोड़ पर पहुँची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जाँच के दौरान पुलिस ने वहाँ से सात खाली खोखे बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों की पहचान और फरार होने के मार्ग का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
जाँच के दायरे में कई कोण
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जाँच में आपसी रंजिश, रंगदारी और कारोबारी विवाद समेत कई संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जाँच की जा रही है। हालाँकि, फायरिंग की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि जाँच आगे बढ़ने पर ही घटना के पीछे की सटीक वजह सामने आ सकेगी।
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद वासेपुर और आसपास के इलाकों में पुलिस की निगरानी तेज़ कर दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी शुरू की गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी अफवाह पर ध्यान न दें और जाँच में सहयोग करें।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि वासेपुर का इलाका अपनी संवेदनशीलता के कारण पहले भी अपराधिक घटनाओं की चपेट में रहा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब झारखंड पुलिस संगठित अपराध पर लगाम कसने के प्रयासों में लगी हुई है। सीसीटीवी फुटेज की जाँच और छापेमारी अभियान के नतीजे ही आने वाले दिनों में इस गोलीबारी के पीछे की पूरी तस्वीर उजागर कर सकेंगे।