धर्म में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए: अबू आजमी का यूसीसी पर बयान

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धर्म में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए: अबू आजमी का यूसीसी पर बयान

सारांश

उत्तराखंड और गुजरात में लागू यूसीसी पर अबू आजमी ने अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने इस कानून को धर्म में हस्तक्षेप मानते हुए इसका विरोध किया है। जानें उनके विचार और इस मुद्दे पर उनकी चिंता।

Key Takeaways

  • धर्म में हस्तक्षेप को गलत मानते हैं अबू आजमी।
  • यूसीसी को लेकर समाज में बहस जारी है।
  • अजित पवार के मामले में न्याय की मांग।
  • आदिवासियों को यूसीसी में बाहर रखने पर चिंता।
  • अबू आजमी के विचार महत्वपूर्ण हैं धर्म और कानून के संतुलन के लिए।

मुंबई, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के बाद गुजरात दूसरा राज्य बन गया है, जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू किया गया है। इस कानून के बारे में महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने विरोध करते हुए कहा कि हम इस कानून को स्वीकार नहीं करेंगे।

मुंबई में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए सपा नेता अबू आजमी ने कहा कि क्रिमिनल कानून सभी के लिए एक समान है, चाहे व्यक्ति किसी भी धर्म का हो। लेकिन कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें लोग अपने धर्म के अनुसार मानते हैं। दक्षिण भारत में शादी करने के अपने तरीके हैं, जबकि मुसलमानों के पास भी विशेष रीति-रिवाज हैं।

उन्होंने कहा कि कुरान शरीफ के अनुसार मुसलमान अपनी संपत्ति का बंटवारा करते हैं। इसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं है। मैं इसे धर्म में दखलंदाजी मानता हूं। सरकार बहुमत के बल पर, अहंकार के चलते, जो चाहे कानून बना सकती है, लेकिन यह एक अन्याय होगा। संविधान में बदलाव होते रहते हैं, कानून भी बदलते रहते हैं, लेकिन धर्म के संविधान में हस्तक्षेप करना बिल्कुल गलत है।

अबू आजमी ने कहा कि कानून लागू हो गया है, लेकिन इसमें कई क्षेत्रों में आदिवासियों को बाहर रखा गया है। इसलिए हम इस कानून का समर्थन नहीं करेंगे।

महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में कर्नाटक में दर्ज एफआईआर पर अबू आजमी ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है और मैं रोहित पवार को बधाई देना चाहता हूं, जिनकी मेहनत रंग लाई। यह हमारे लिए शर्म की बात है कि बड़े नेता अजित पवार के मामले में महाराष्ट्र में एफआईआर नहीं हो रही है। जनता जानना चाहती है कि ऐसा क्यों हो रहा है? यदि यह एक प्राकृतिक दुर्घटना है, तो ठीक है, लेकिन यदि इसकी जांच हो जाए और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए, तो इसमें बुरी बात क्या है? इसे छिपाया क्यों जा रहा है?

उन्होंने कहा कि यह अजित पवार के साथ अन्याय है कि उनकी एफआईआर यहां नहीं हो रही है और एफआईआर कर्नाटक में दर्ज की गई है। मैं चाहता हूं कि इस मामले की जांच ईमानदारी से हो और सच्चाई जनता के सामने आए।

24 अकबर रोड को खाली करने के नोटिस पर अबू आजमी ने कहा कि यह बहुत ही खेदजनक है कि कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी को भाजपा सहन नहीं कर पा रही है। सत्ता का अहंकार लोगों को मनमानी करने पर मजबूर कर रहा है। मैं इसे बिल्कुल गलत मानता हूं।

Point of View

NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

अबू आजमी ने यूसीसी पर क्या कहा?
उन्होंने यूसीसी को धर्म में हस्तक्षेप मानते हुए इसका विरोध किया है।
यूसीसी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यूनिफॉर्म सिविल कोड का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून बनाना है।
क्या अबू आजमी का विरोध प्रभावी होगा?
उनका विरोध एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अजित पवार के मामले पर अबू आजमी की राय क्या है?
अबू आजमी ने कहा कि यह शर्मनाक है कि अजित पवार की एफआईआर महाराष्ट्र में दर्ज नहीं हो रही है।
आदिवासियों को यूसीसी में क्यों बाहर रखा गया है?
अबू आजमी ने कहा कि कई क्षेत्रों में आदिवासियों को बाहर रखा गया है, जो इस कानून के प्रति उनकी आपत्ति का एक कारण है।
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