यशपाल शर्मा बोले — धार्मिक फिल्में बनाना गलत नहीं, पर एजेंडा नहीं होना चाहिए
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता यशपाल शर्मा ने 19 सितंबर 2026 को रोहतक स्थित सुपवा यूनिवर्सिटी में आयोजित हाइफा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान कहा कि धार्मिक फिल्में बनाना कोई बुरी बात नहीं, बल्कि यह अच्छी बात है — लेकिन किसी भी फिल्म में किसी विशेष एजेंडे की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म किसी राजनीतिक पार्टी के प्रचार का माध्यम नहीं बननी चाहिए।
हाइफा फेस्टिवल और हरियाणवी सिनेमा का मंच
हरियाणवी इनोवेटिव फिल्म एसोसिएशन (हाइफा) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय फेस्टिवल में देश-विदेश की चुनिंदा फिल्मों के साथ-साथ हरियाणवी सिनेमा को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। यशपाल शर्मा ने इस आयोजन को 'लोकल टू ग्लोबल' की यात्रा करार दिया और कहा कि ऐसे मंच युवा कलाकारों को विविध सिनेमा देखने और उससे सीखने का दुर्लभ अवसर देते हैं।
अभिनेता ने स्वीकार किया कि पहले संस्करण में कुछ कमियाँ स्वाभाविक हैं, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि आयोजक हर बार सुधार के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि फेस्टिवल को लेकर दर्शकों और फिल्म निर्माताओं दोनों में उत्साह स्पष्ट दिखता है।
मास्टर क्लास और सीखने के अवसर
फेस्टिवल में बॉलीवुड लेखक-निर्देशक अश्विनी चौधरी और अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा की मास्टर क्लास का भी आयोजन किया गया। यशपाल शर्मा ने हरियाणवी कलाकारों, सुपवा के ट्रेड कलाकारों और स्टेज के अनुभवी कलाकारों को संदेश देते हुए कहा कि उनके पास आज बेहतरीन अवसर मौजूद हैं — हर चौथे दिन ऑडिशन के नोटिस जारी होते हैं, ऐसे में प्रतिभाशाली कलाकारों को बिना देर किए आगे आना चाहिए।
फिल्म में साफ नीयत और एजेंडा-मुक्त सोच ज़रूरी
फिल्म 'हनुमान अंश' के संदर्भ में यशपाल शर्मा ने कहा कि यह फिल्म अपने दम पर आगे बढ़ी है और भविष्य में ऐसी और फिल्में बनना ज़रूरी है। उनके अनुसार, फिल्म की सामग्री से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उसे किस नीयत से बनाया गया है। उन्होंने कहा, 'किसी भी फिल्म को साफ नीयत से बनाया जाना चाहिए और उसमें किसी तरह का एजेंडा नहीं होना चाहिए।'
उन्होंने एक सच्चे कलाकार की परिभाषा भी रखी — 'एक सच्चा कलाकार किसी जात-पात या धर्म की सीमाओं में नहीं बंधा होता और उसके लिए सभी लोग समान होते हैं।' यह बात ऐसे समय में मायने रखती है जब हिंदी फिल्म उद्योग में सामाजिक और धार्मिक विषयों पर फिल्मों को लेकर बहस तेज़ है।
दिशा सालियान मामले पर सतर्क प्रतिक्रिया
दिशा सालियान की मौत के मामले में आदित्य ठाकरे और रिया चक्रवर्ती के नाम तथा सीबीआई (CBI) द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर यशपाल शर्मा ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी तरह जाँच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी-निर्दोष की स्थिति स्पष्ट हो।
गौरतलब है कि यह मामला लंबे समय से सार्वजनिक बहस का विषय रहा है और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी सामने आती रही हैं। यशपाल शर्मा ने किसी नाम पर टिप्पणी करने से परहेज़ करते हुए जाँच-प्रक्रिया पर भरोसा जताया।
हाइफा की भूमिका और आगे की राह
हाइफा का यह पहला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हरियाणा के सिनेमा परिदृश्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यशपाल शर्मा जैसे स्थापित कलाकारों की उपस्थिति इसे न केवल एक अवार्ड समारोह, बल्कि एक सीखने और जुड़ने के मंच के रूप में स्थापित करती है। आने वाले वर्षों में इस फेस्टिवल का विस्तार और अधिक राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय भागीदारी की संभावना है।