जाह्नवी कपूर बोलीं — 'पेड्डी' जैसी ईमानदार फिल्म दर्शकों तक जरूर पहुंचती है
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने 29 मई 2026 को मुंबई में आयोजित एक प्रमोशनल कार्यक्रम में अपनी आगामी तेलुगु फिल्म 'पेड्डी' को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म की असली ताकत उसकी ईमानदारी, मेहनत और सही इरादे में होती है — और ऐसी फिल्म दर्शकों तक पहुंचे बिना नहीं रहती।
दर्शकों पर जाह्नवी का नजरिया
जाह्नवी ने दर्शकों को अपनी फिल्मी यात्रा का केंद्र बताया। उन्होंने कहा, "अगर कोई फिल्म पूरी ईमानदारी और मेहनत से बनाई जाती है, तो वह अपने दर्शकों तक जरूर पहुंचती है।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लोग अक्सर जल्दबाजी में फैसला कर लेते हैं, लेकिन अंततः फिल्म दर्शकों के मनोरंजन के लिए ही बनाई जाती है।
जाह्नवी ने आगे कहा, "मेरे लिए दर्शक भगवान की तरह हैं, और हम सिर्फ उनकी सेवा करने की कोशिश करते हैं। उनकी भावनाओं और राय को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच दर्शकों की प्राथमिकताओं को लेकर बहस जारी है।
साउथ सिनेमा में जाह्नवी का अनुभव
तेलुगु फिल्मों में काम करने के अपने अनुभव पर जाह्नवी ने कहा कि उन्हें इस इंडस्ट्री में काम करना बेहद पसंद आ रहा है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि मलयालम भाषा उनके लिए बेहद कठिन है, इसलिए वे शायद उस दिशा में कोशिश नहीं करेंगी।
उन्होंने कहा, "मलयालम बहुत खूबसूरत और प्यारी भाषा है, लेकिन मेरे लिए यह काफी मुश्किल है। तमिल और तेलुगु से मैं थोड़ा परिचित महसूस करती हूं, इसलिए तेलुगु फिल्मों में काम करना मुझे बेहद पसंद आ रहा है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि भविष्य में वे तमिल फिल्मों में भी काम करने की इच्छा रखती हैं।
राम चरण की अंतरराष्ट्रीय पहचान
कार्यक्रम में जाह्नवी ने अभिनेता राम चरण की वैश्विक लोकप्रियता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में अमेरिका यात्रा के दौरान उन्हें हर जगह राम चरण का नाम सुनने को मिला।
जाह्नवी ने कहा, "मैं अभी अमेरिका से लौटी हूं, और वहां भारतीयों की पहचान के तौर पर लोग राम चरण का नाम लेते हैं। यहां तक कि इमिग्रेशन पर भी मुझसे पूछा गया कि क्या मैं भारत से अभिनेत्री हूं, और फिर उन्होंने तुरंत कहा — राम चरण!" यह किस्सा साउथ सिनेमा की बढ़ती वैश्विक पहुंच को रेखांकित करता है।
आगे क्या
फिल्म 'पेड्डी' जाह्नवी कपूर की तेलुगु सिनेमा में एक महत्वपूर्ण उपस्थिति है। दर्शकों और आलोचकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या यह फिल्म उनकी ईमानदारी की कसौटी पर खरी उतरती है।