सीबीआई की 16वीं चार्जशीट: साहा इंफ्राटेक, HDFC-ICICI बैंक अफसरों पर नोएडा हाउसिंग फ्रॉड का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 14 जुलाई 2026 को घर खरीदारों से धोखाधड़ी के मामलों में अपनी 16वीं चार्जशीट दाखिल की, जिसमें एम/एस साहा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, उसके डायरेक्टर तथा एचडीएफसी बैंक लिमिटेड एवं आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। यह चार्जशीट नोएडा के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में कथित धोखाधड़ी से जुड़ी है, जिसमें निर्दोष घर खरीदारों और निवेशकों को झूठे वादों के जरिए फँसाने का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
चार्जशीट नई दिल्ली की राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सीबीआई मामलों के स्पेशल जज के समक्ष दाखिल की गई। सीबीआई की जांच के अनुसार, आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके डायरेक्टर ने बैंक अधिकारियों तथा अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची। इस साजिश के तहत घर खरीदारों को भ्रामक वादों और गुमराह करने वाली जानकारियों के आधार पर निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
जांच में एकत्र ठोस साक्ष्यों के आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के अंतर्गत यह चार्जशीट दाखिल की गई है। आरोपों में आपराधिक साजिश, सरकारी पद का दुरुपयोग, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात शामिल हैं।
अब तक की जांच का दायरा
गौरतलब है कि यह चार्जशीट सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर दर्ज मामलों की श्रृंखला का हिस्सा है। सीबीआई इस समय देशभर की विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ 33 अन्य मामलों की जांच कर रही है।
इससे पहले एजेंसी 15 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें रुद्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड, शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, नाइनक्स डेवलपर्स लिमिटेड, डिसेंट बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड, रुद्रा बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, इथाका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और एलजीसीएल अर्बन होम्स (इंडिया) एलएलपी के डायरेक्टर तथा संबंधित बैंक अधिकारी शामिल हैं।
आम जनता पर असर
यह मामला उन हज़ारों घर खरीदारों से जुड़ा है जिन्होंने नोएडा के हाउसिंग प्रोजेक्ट में अपनी जीवनभर की बचत लगाई और कथित तौर पर न तो समय पर मकान मिला, न ही निवेश वापस हुआ। बैंक अधिकारियों की कथित संलिप्तता इस मामले को और गंभीर बनाती है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि वित्तीय तंत्र का भी दुरुपयोग हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर देशव्यापी बहस जारी है।
सीबीआई का संकल्प और आगे की राह
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों, भ्रष्टाचार और जनता के साथ धोखाधड़ी के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है — विशेष रूप से उन मामलों में जो आम नागरिकों और घर खरीदारों के हितों को प्रभावित करते हैं। 33 लंबित मामलों की जांच जारी है और आने वाले समय में और चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है।