14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीबीआई ने शुभकामना बिल्डटेक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, घर खरीदारों से करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीबीआई ने शुभकामना बिल्डटेक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, घर खरीदारों से करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप

सारांश

सीबीआई ने ग्रेटर नोएडा की शुभकामना बिल्डटेक और उसके निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की — यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चल रही 50 मामलों की जांच श्रृंखला का हिस्सा है। झूठे वादों और भ्रामक ऑफर से घर खरीदारों को ठगने का आरोप है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 29 मई 2026 को एम/एस शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
आरोप है कि कंपनी ने झूठे वादों और भ्रामक जानकारी के सहारे घर खरीदारों व निवेशकों से धन जुटाया और उसका दुरुपयोग किया।
चार्जशीट भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत दाखिल की गई है।
सीबीआई सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर देशभर में 50 बिल्डर धोखाधड़ी मामलों की जांच कर रही है।
इससे पहले जेपी इंफ्राटेक , लॉजिक्स सिटी , ड्रीम प्रोकॉन सहित कई अन्य कंपनियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 29 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित एम/एस शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ एक सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। यह कार्रवाई कथित तौर पर सैकड़ों घर खरीदारों और निवेशकों को एक सुनियोजित साजिश के तहत गुमराह कर उनसे धन ऐंठने के आरोपों पर आधारित है।

मामले का मूल स्वरूप

सीबीआई की जांच के अनुसार, शुभकामना बिल्डटेक और उसके निदेशकों ने एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के नाम पर कथित तौर पर झूठे वादे और भ्रामक जानकारी के सहारे लोगों को फ्लैट खरीदने या निवेश करने के लिए प्रेरित किया। जांच एजेंसी का कहना है कि इस प्रकार जुटाई गई राशि का बाद में दुरुपयोग किया गया, जिससे निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। चार्जशीट भारतीय दंड संहिता की उन धाराओं के अंतर्गत दाखिल की गई है जो आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात से संबंधित हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर व्यापक जांच

गौरतलब है कि सीबीआई यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत देशभर में दर्ज 50 मामलों की जांच के अंतर्गत कर रही है। ये मामले विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों से जुड़े हैं, जिन पर घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोप हैं। यह ऐसे समय में आया है जब रियल एस्टेट क्षेत्र में उपभोक्ता संरक्षण को लेकर न्यायपालिका का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

शुभकामना बिल्डटेक से पहले सीबीआई कई अन्य बिल्डर कंपनियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें एम/एस रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एम/एस एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और एम/एस मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।

आम जनता पर असर

इन मामलों में सबसे अधिक प्रभावित वे मध्यमवर्गीय परिवार हैं जिन्होंने जीवन भर की बचत लगाकर फ्लैट बुक किए थे। कथित धोखाधड़ी के कारण न केवल उनकी पूंजी फंसी, बल्कि कई परिवारों को वर्षों तक किराए पर रहते हुए ईएमआई का बोझ भी उठाना पड़ा। सीबीआई की यह चार्जशीट पीड़ितों के लिए न्यायिक राहत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सीबीआई की आगे की रणनीति

एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों और आम नागरिकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। घर खरीदारों के हितों की रक्षा और वित्तीय गड़बड़ियों पर अंकुश लगाना एजेंसी की प्राथमिकता बताई जा रही है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चल रही यह व्यापक जांच रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने शुभकामना बिल्डटेक के खिलाफ किस आधार पर चार्जशीट दाखिल की?
सीबीआई ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत यह चार्जशीट दाखिल की है। जांच में पाया गया कि कंपनी और उसके निदेशकों ने कथित तौर पर झूठे वादों और भ्रामक ऑफर के जरिए घर खरीदारों से धन जुटाया और उसका दुरुपयोग किया।
यह मामला सर्वोच्च न्यायालय से कैसे जुड़ा है?
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत सीबीआई देशभर में बिल्डर धोखाधड़ी के कुल 50 मामलों की जांच कर रही है। शुभकामना बिल्डटेक के खिलाफ चार्जशीट इसी व्यापक जांच अभियान का हिस्सा है।
इससे पहले सीबीआई किन अन्य बिल्डर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है?
सीबीआई पहले एम/एस जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एम/एस ड्रीम प्रोकॉन, एम/एस रुद्र बिल्डवेल, एम/एस एवीजे डेवलपर्स, एम/एस सीएचडी डेवलपर्स, एम/एस लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स और एम/एस मंजू जे होम्स सहित कई कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है।
घर खरीदारों को इस चार्जशीट से क्या उम्मीद है?
चार्जशीट दाखिल होने से पीड़ित घर खरीदारों के लिए न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और दोष सिद्ध होने पर आरोपियों पर दंडात्मक कार्रवाई संभव होगी। हालांकि वास्तविक मुआवजा और फ्लैट का कब्जा अदालती कार्यवाही के नतीजों पर निर्भर करेगा।
शुभकामना बिल्डटेक का हाउसिंग प्रोजेक्ट किस क्षेत्र में था?
यह हाउसिंग प्रोजेक्ट ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से जुड़ा बताया गया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने इस प्रोजेक्ट के नाम पर निवेशकों और घर खरीदारों को कथित तौर पर गुमराह किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले