गुरुग्राम हाउसिंग घोटाला: सीबीआई ने सीएचडी डेवलपर्स और निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 7 मई 2026 को गुरुग्राम स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में सीएचडी डेवलपर्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के अनुसार, कंपनी और उसके निदेशकों ने सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत घर खरीदारों और निवेशकों से भारी रकम वसूली, जबकि उन्हें समय पर फ्लैट देने का झूठा भरोसा दिलाया गया।
मुख्य आरोप और चार्जशीट का आधार
सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि सीएचडी डेवलपर्स लिमिटेड के निदेशकों ने परियोजना को लेकर आकर्षक और भ्रामक दावे किए। कथित तौर पर निवेशकों को समय पर फ्लैट उपलब्ध कराने के वादे किए गए, लेकिन बाद में उन्हें न तो संपत्ति मिली और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई।
जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी और उसके निदेशकों ने निवेशकों से धन एकत्र कर अनुचित वित्तीय लाभ हासिल किया, जबकि घर खरीदारों को गंभीर आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी। चार्जशीट भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की उन धाराओं के तहत दायर की गई है जो आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर चल रही व्यापक जांच
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है। एजेंसी वर्तमान में देशभर में दर्ज 50 मामलों की जांच कर रही है, जिनमें विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों पर घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोप हैं। इन मामलों में निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी की जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुकी हैं कई चार्जशीट
गौरतलब है कि सीबीआई इससे पहले भी इसी तरह के मामलों में कई रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। एजेंसी रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जयपी इंफ्राटेक लिमिटेड और एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड सहित कई कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ चार चार्जशीट पहले ही दाखिल कर चुकी है। इसके अलावा, कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।
घर खरीदारों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में हजारों घर खरीदार बिल्डर कंपनियों की लापरवाही और कथित धोखाधड़ी के कारण वर्षों से अपने फ्लैट का इंतजार कर रहे हैं। सीबीआई की यह कार्रवाई पीड़ित निवेशकों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जांच के आगे बढ़ने के साथ-साथ यह देखना होगा कि अदालत में चार्जशीट पर सुनवाई कब और किस दिशा में आगे बढ़ती है।