7 जुलाई 2026
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होमबायर्स धोखाधड़ी: CBI ने इथाका एस्टेट समेत HDFC, ICICI बैंक अधिकारियों के खिलाफ 14वीं-15वीं चार्जशीट दाखिल की

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होमबायर्स धोखाधड़ी: CBI ने इथाका एस्टेट समेत HDFC, ICICI बैंक अधिकारियों के खिलाफ 14वीं-15वीं चार्जशीट दाखिल की

सारांश

CBI ने बेंगलुरु के होमबायर्स धोखाधड़ी मामले में 14वीं और 15वीं चार्जशीट दाखिल कर इथाका एस्टेट, HDFC, ICICI और इंडियाबुल्स के अधिकारियों को घेरा। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चल रही इस जांच में अब तक 15 चार्जशीट और 34 मामले लंबित हैं।

मुख्य बातें

CBI ने 7 जुलाई को बेंगलुरु में होमबायर्स धोखाधड़ी मामले में 14वीं और 15वीं चार्जशीट दाखिल की।
इथाका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड , HDFC बैंक , ICICI बैंक , इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और LGCL अर्बन होम्स के अधिकारी आरोपी हैं।
आरोपियों पर IPC की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज।
CBI इस श्रृंखला में अब तक 15 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है; 34 अन्य मामले अभी जांच के दायरे में।
यह जांच सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर देश भर में चल रही है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 7 जुलाई को बेंगलुरु में घर खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी के मामले में 14वीं और 15वीं चार्जशीट दाखिल की, जिसमें इथाका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टरों के साथ-साथ HDFC बैंक लिमिटेड, ICICI बैंक लिमिटेड और इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। LGCL अर्बन होम्स (इंडिया) LLP और उसके डायरेक्टर भी इन चार्जशीट में शामिल हैं।

मुख्य घटनाक्रम

दोनों चार्जशीट बेंगलुरु की संबंधित CBI अदालतों में दाखिल की गई हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके डायरेक्टरों ने बैंक अधिकारियों तथा अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर कथित तौर पर घर खरीदारों और निवेशकों को झूठे भरोसे और भ्रामक वादों से लुभाया।

CBI के अनुसार, आरोपियों ने गैर-कानूनी और धोखाधड़ीपूर्ण तरीकों से आर्थिक लाभ उठाया। चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता (IPC) की आपराधिक साजिश, आधिकारिक पद के दुरुपयोग, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चल रही जांच

गौरतलब है कि CBI यह जांच सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर कर रही है। देश भर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ होमबायर्स से जुड़ी कथित धोखाधड़ी और फंड के दुरुपयोग के 34 अन्य मामले अभी भी जांच के दायरे में हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के पीड़ित घर खरीदार न्यायिक राहत की प्रतीक्षा में हैं और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की गति पर सवाल उठाते रहे हैं।

अब तक की चार्जशीट का ब्यौरा

इन दो नई चार्जशीट से पहले CBI इस व्यापक मामले में 13 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें जिन कंपनियों को आरोपी बनाया गया है, उनमें शामिल हैं:

रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएटडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड, शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, नाइनक्स डेवलपर्स लिमिटेड, डिसेंट बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड और रुद्र बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड — इन सभी के डायरेक्टरों के साथ-साथ कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारी भी आरोपी हैं।

आम जनता पर असर

इस मामले में पीड़ित वे घर खरीदार और निवेशक हैं जिन्होंने अपनी जीवनभर की बचत इन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में लगाई थी। कथित तौर पर झूठे आश्वासनों के आधार पर ऋण दिलाने में बैंक अधिकारियों की कथित भूमिका ने इस मामले को और जटिल बना दिया है, क्योंकि पीड़ित न केवल घर से वंचित हैं, बल्कि बैंक ऋण के बोझ तले भी दबे हैं।

क्या होगा आगे

बेंगलुरु की CBI अदालतें अब इन चार्जशीट पर संज्ञान लेने की प्रक्रिया शुरू करेंगी। सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में चल रही इस जांच में शेष 34 मामलों में भी आने वाले महीनों में और चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दोषसिद्धि की दर और पीड़ितों को वास्तविक राहत ही इस जांच की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBI ने होमबायर्स धोखाधड़ी मामले में कितनी चार्जशीट दाखिल की हैं?
CBI अब तक इस मामले में कुल 15 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है — 7 जुलाई को 14वीं और 15वीं चार्जशीट बेंगलुरु की CBI अदालतों में दाखिल की गईं। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 34 अन्य मामलों की जांच अभी जारी है।
इथाका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड पर क्या आरोप हैं?
इथाका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टरों पर आरोप है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर कथित तौर पर घर खरीदारों को झूठे भरोसे और भ्रामक वादों से लुभाया। CBI ने इनके खिलाफ IPC की धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है।
HDFC और ICICI बैंक के अधिकारी इस मामले में कैसे शामिल हैं?
CBI की जांच के अनुसार, HDFC बैंक और ICICI बैंक के कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर आरोपी बिल्डर कंपनियों के साथ मिलकर गैर-कानूनी तरीके से आर्थिक लाभ उठाया। उनके खिलाफ 15वीं चार्जशीट में आधिकारिक पद के दुरुपयोग और आपराधिक विश्वासघात के आरोप शामिल हैं।
यह जांच सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर क्यों हो रही है?
देश भर में बड़े पैमाने पर होमबायर्स के साथ हुई धोखाधड़ी और फंड के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने CBI को इन मामलों की जांच का आदेश दिया था। इस निर्देश के तहत CBI विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के खिलाफ 34 से अधिक मामलों की जांच कर रही है।
इस मामले में अब तक किन-किन बिल्डर कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है?
अब तक जेपी इंफ्राटेक, रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शन्स, ड्रीम प्रोकॉन, एवीजे डेवलपर्स, सीएटडी डेवलपर्स, सीक्वल बिल्डकॉन, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स, मंजू जे होम्स, शुभकामना बिल्डटेक, नाइनक्स डेवलपर्स, डिसेंट बिल्डवेल, रुद्र बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स और अब इथाका एस्टेट व LGCL अर्बन होम्स के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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